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बैंक अकाउंट बंद करने की सोच रहे हैं? कहीं बैंक आपसे भारी क्लोजिंग चार्ज न वसूल ले. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
अगर आप किसी बड़े प्राइवेट या सरकारी बैंक में सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) खुलवाने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ ब्याज या सुविधाएं ही नहीं, बल्कि मिनिमम बैलेंस और अलग-अलग चार्ज का भी ध्यान रखना जरूरी होता है. कई बार लोग नौकरी बदलने के बाद नया सैलरी अकाउंट खुलवा लेते हैं और पुराना सैलरी अकाउंट सामान्य सेविंग्स अकाउंट में बदल जाता है. इसके बाद उस पर कई तरह के चार्ज लगने शुरू हो जाते हैं. ऐसे में कई लोग पुराना अकाउंट बंद कराने का फैसला लेते हैं.
अब सवाल ये उठता है कि अकाउंट खोलने में तो कोई फीस नहीं लगती, लेकिन क्या अकाउंट बंद कराने पर बैंक पैसे लेता है? जवाब है- हां, कई बैंक अकाउंट बंद करने पर चार्ज लेते हैं. यह चार्ज इस बात पर निर्भर करता है कि अकाउंट कितने समय पहले खुला था.
अगर आप HDFC Bank का अकाउंट खुलने के 14 दिन के अंदर बंद कराते हैं, तो कोई चार्ज नहीं देना होगा.

SBI में भी शुरुआती 14 दिनों के अंदर अकाउंट बंद कराने पर कोई फीस नहीं है.

ICICI Bank में अगर अकाउंट खुलने के 30 दिनों के अंदर बंद कराया जाए तो कोई फीस नहीं लगती.
Canara Bank में पहले 14 दिनों के अंदर अकाउंट बंद कराने पर कोई फीस नहीं है.

Punjab and Sind Bank में शुरुआती 14 दिनों तक अकाउंट बंद कराने पर कोई चार्ज नहीं लगता. 15 दिन से 12 महीने के बीच अकाउंट बंद कराने पर 300 से 500 रुपये तक फीस देनी पड़ सकती है.
अलग-अलग बैंकों में खाता बंद करने का समय और उस पर लगने वाला चार्ज नीचे दी गई टेबल में आसानी से समझा जा सकता है:
| बैंक का नाम (Bank) | शुरुआती दिनों में चार्ज | 15 दिन से 1 साल के बीच चार्ज | 1 साल (12 महीने) के बाद चार्ज |
| HDFC Bank | कोई चार्ज नहीं (14 दिन के अंदर) | ₹500 (15 दिन से 6 महीने) ₹250 (6 से 12 महीने) | कोई चार्ज नहीं |
| SBI (स्टेट बैंक) | कोई चार्ज नहीं (14 दिन के अंदर) | ₹500 + GST | कोई चार्ज नहीं |
| ICICI Bank | कोई चार्ज नहीं (30 दिन के अंदर) | ₹500 + GST | कोई चार्ज नहीं |
| Canara Bank | कोई चार्ज नहीं (14 दिन के अंदर) | ₹200 + GST | ₹100 + GST |
| Punjab & Sindh Bank | कोई चार्ज नहीं (14 दिन के अंदर) | ₹300 से ₹500 | कोई चार्ज नहीं |
अगर आप अपना बैंक अकाउंट बंद कराना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको बैंक की शाखा (Branch) में जाना होगा. वहां ब्रांच मैनेजर को एक आवेदन देना पड़ता है, जिसमें अकाउंट बंद करने की वजह लिखी जाती है. इसके साथ आपको पासबुक, चेकबुक और डेबिट कार्ड भी बैंक में जमा करना होता है. बैंक आपको एक अकाउंट क्लोजिंग फॉर्म देता है, जिसे भरकर साइन करना पड़ता है. इसके बाद बैंक आपकी प्रक्रिया पूरी कर देता है.
अगर आपके पास भी कोई ऐसा बैंक अकाउंट है जिसका आप इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो उसे ऐसे ही लावारिस न छोड़ें, क्योंकि मिनिमम बैलेंस न होने पर वह माइनस में जा सकता है और आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर खराब हो सकता है. बैंकों के नियमों को देखें तो सबसे समझदारी इसी में है कि आप अपने खाते को या तो शुरुआती 14 दिनों में बंद करवा दें या फिर उसे 1 साल तक चालू रखने के बाद बंद कराएं, ताकि आपको बेवजह ₹500 का क्लोजिंग चार्ज न देना पड़े.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) क्या होता है और यह किसके लिए सही है?
यह एक आम बचत खाता होता है जिसमें लोग अपनी बची हुई कमाई को सुरक्षित रखने के लिए जमा करते हैं. यह नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और आम नागरिकों के लिए सबसे बढ़िया होता है क्योंकि इस पर बैंक ब्याज भी देता है.
Q2 करंट अकाउंट (Current Account) क्या होता है और इसे कौन खुलवाता है?
इसे चालू खाता कहते हैं. यह मुख्य रूप से कारोबारियों, व्यापारियों और कंपनियों के लिए होता है. इसमें दिन भर में जितनी बार चाहें पैसे जमा और निकाले जा सकते हैं, लेनदेन की कोई सीमा नहीं होती.
Q3 सेविंग्स अकाउंट और करंट अकाउंट में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
सबसे बड़ा अंतर ब्याज का है. सेविंग्स अकाउंट में जमा पैसों पर बैंक आपको ब्याज देता है, जबकि करंट अकाउंट में जमा पैसों पर ब्याज नहीं मिलता है.
Q4 'मिनिमम बैलेंस' (Minimum Balance) क्या होता है और यह क्यों जरूरी है?
यह वह कम से कम रकम है जो आपके खाते में हमेशा होनी चाहिए. हर बैंक और खाते के हिसाब से यह अलग-अलग (जैसे ₹1,000 या ₹10,000) होती है. इसे न रखने पर बैंक आपके खाते से चार्ज काट लेते हैं.
Q5 सैलरी अकाउंट क्या होता है और यह सेविंग्स अकाउंट से कैसे अलग है?
सैलरी अकाउंट वह खाता होता है जिसमें आपकी कंपनी हर महीने आपकी सैलरी डालती है. इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि यह 'जीरो बैलेंस' खाता होता है, यानी इसमें ₹0 रहने पर भी बैंक कोई चार्ज नहीं काटता.