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बैंक खाते से पैसे कटने और खाते में वापस नहीं आने पर आप बैंक से मुआवजा ले सकते हैं. (फोटो: PTI)
बैंकिंग से जुड़े नियमों में सेंट्रल बैंक आरबीआई लगातार बदलाव करता है. हाल ही में आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि एटीएम ट्रांजेक्शन फेल होने पर उसे फ्री ट्रांजेक्शन में न गिना जाए. लेकिन, आरबीआई के कई ऐसे नियम हैं, जो आम कस्टमर्स को पता होने चाहिए. बेशक पिछले कुछ समय में बैंकिंग को आसान बनाया गया है. लेकिन, इसके बावजूद कई बार ग्राहकों को टेक्निकल फॉल्ट के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
कई बार सुनने को मिलता है कि बैंक ग्राहक किसी एटीएम से पैसे निकालने गया. ट्रांजेक्शन के वक्त उसका पैसा भी कट गया लेकिन, पैसे डिस्पेंस (मशीन से नहीं निकले) नहीं हुए. ऐसे में कस्टमर परेशान होकर बैंक को कंप्लेंट करता है. लेकिन, इंतजार के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं होता. हालांकि, आरबीआई ने इसे लेकर भी नियम बनाया हुआ है. आपके बैंक खाते से कटा पैसा अगर खाते में वापस नहीं होता तो आप बैंक से मुआवजा ले सकते हैं.
आरबीआई के नियम के मुताबिक, जितने दिन में पैसे आपके खाते में आएंगे उतने दिन के हिसाब बैंक आपको रोजाना मुआवजे के तौर पर 100 रुपए ज्यादा देगा. उदाहरण के तौर पर ट्रांजेक्शन के दिन 7 के अंदर पैसा नहीं आने पर बैंक आपको पेनाल्टी के तौर पर रोज 100 रुपए देगा.
ग्राहक क्या करें
ट्रांजेक्शन फेल होने पर आपको अपना डेबिट कार्ड जारी करने वाले बैंक से इसकी शिकायत करनी चाहिए. आपका ट्रांजेक्शन चाहे अपने बैंक के एटीएम से फेल हुआ हो या दूसरे बैंक के एटीएम से, आप अपने बैंक से शिकायत कर अपना पैसा वापस मांग सकते हैं. साथ ही, उस पर मुआवजा भी ले सकते हैं.
क्या है आरबीआई का नियम
ट्रांजेक्शन फेल होने की स्थिति में पैसा आपके खाते में वापस आना चाहिए. इसलिए आरबीआई ने इसकी एक डेडलाइन तय की है. मई 2011 में आरबीआई ने इसे नोटिफाइड किया था. शिकायत मिलने के 7 दिन (वर्किंग डेज) में बैंक को उस कस्टमर के खाते में पैसे वापस कर देने होंगे. अगर बैंक ऐसा नहीं करता तो उसे मुआवजे का भुगतान करना होगा. मई 2011 के इस निर्देश के पहले यह अवधि 12 दिन थी.
क्या करना होगा
रिफंड के साथ मुआवजा भी मिलेगा
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का स्पष्ट निर्देश है कि बैंकों को जुर्माने की रकम ग्राहक के खाते में खुद डालनी होगी. इसके लिए ग्राहक की तरफ से क्लेम करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए. खास बात यह है कि जिस दिन फेल्ड ट्रांजेक्शन के पैसे वापस होंगे. उसी दिन जुर्माने की रकम भी अकाउंट में क्रेडिट होगी.