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ATM से पैसे निकालते वक्त हम सबने एक सलाह जरूर सुनी है- “ट्रांजैक्शन के बाद दो-तीन बार Cancel बटन दबाकर ही ATM से हटना चाहिए, वरना पिन चोरी हो सकता है.” ये सलाह इतनी तेजी से वायरल हुई कि लोग इसे नियम की तरह मानने लगे. कई लोग आज भी ATM से कैश निकालने के बाद सबसे पहले Cancel दबाते हैं और तभी मशीन से हटते हैं.
लेकिन क्या सच में Cancel बटन आपकी PIN Security से जुड़ा है? क्या इसे न दबाने से अकाउंट हैक हो सकता है? लेकिन ये सिर्फ आपका भ्रम है. वास्तव में कैंसिल का बटन किसी और मकसद से लगाया गया है. आइए जानते हैं इस बारे में और समझते हैं कि ATM में Cancel बटन का असली काम क्या है.
ATM ट्रांजैक्शन को समझना जरूरी है ताकि ये साफ हो सके कि Cancel बटन की भूमिका क्या है. आप कार्ड डालते हैं और ATM आपका पिन मांगता है. पिन बैंक सर्वर को एन्क्रिप्टेड फॉर्मेट में भेजा जाता है, यानी किसी भी मशीन या डिवाइस पर वो पढ़ा नहीं जा सकता. मशीन आपकी रिक्वेस्ट को प्रोसेस करती है- कैश, बैलेंस या स्टेटमेंट. जैसे ही कार्ड बाहर आता है, आपका पूरा ट्रांजैक्शन सेशन ऑटोमैटिकली लॉग-आउट हो जाता है.
सबसे जरूरी बात ये है कि इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद आपका पिन और आपकी जानकारी ATM की मेमोरी में सेव नहीं होता. कार्ड बाहर आते ही मशीन सारी जानकारी डिलीट कर देती है. इसलिए अगर आप Cancel न भी दबाएं, तब भी आपका पिन सुरक्षित रहता है.
Cancel बटन का मकसद पिन बचाना नहीं, बल्कि ट्रांजैक्शन रद्द करना है. ये तब काम आता है जब:
धोखेबाज ATM के स्लॉट पर नकली स्किमर लगाते हैं जो आपके कार्ड की मैग्नेटिक स्ट्रिप की जानकारी कॉपी कर लेते हैं.
कीपैड के पास छोटा सा कैमरा छिपा दिया जाता है जो आपका पिन रिकॉर्ड कर लेता है.
पीछे खड़ा शख्स चुपके से आपका पिन देख लेता है.
कीपैड पर एक अतिरिक्त नकली परत लगाई जाती है जो आपके पिन को रिकॉर्ड करती है. Cancel बटन से इनमें से किसी भी चीज़ पर कोई असर नहीं पड़ता.