ATM से कैश निकालने के बाद Cancel दबाते हैं? जानिए ये सेफ्टी है या सिर्फ आपकी गलफहमी..क्‍या है इस बटन का असली काम!

ATM से पैसे निकालने के बाद Cancel बटन दबाने की सलाह अक्सर दी जाती है, लेकिन क्या ये वाकई सुरक्षा उपाय है या फिर बस एक मिथक है? जानिए Cancel बटन का असली काम और ATM सेफ्टी के सही नियम.
ATM से कैश निकालने के बाद Cancel दबाते हैं? जानिए ये सेफ्टी है या सिर्फ आपकी गलफहमी..क्‍या है इस बटन का असली काम!

ATM से पैसे निकालते वक्त हम सबने एक सलाह जरूर सुनी है- “ट्रांजैक्शन के बाद दो-तीन बार Cancel बटन दबाकर ही ATM से हटना चाहिए, वरना पिन चोरी हो सकता है.” ये सलाह इतनी तेजी से वायरल हुई कि लोग इसे नियम की तरह मानने लगे. कई लोग आज भी ATM से कैश निकालने के बाद सबसे पहले Cancel दबाते हैं और तभी मशीन से हटते हैं.

लेकिन क्या सच में Cancel बटन आपकी PIN Security से जुड़ा है? क्या इसे न दबाने से अकाउंट हैक हो सकता है? लेकिन ये सिर्फ आपका भ्रम है. वास्‍तव में कैंसिल का बटन किसी और मकसद से लगाया गया है. आइए जानते हैं इस बारे में और समझते हैं कि ATM में Cancel बटन का असली काम क्या है.

ATM कैसे काम करता है? पहले टेक्नोलॉजी समझिए

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ATM ट्रांजैक्शन को समझना जरूरी है ताकि ये साफ हो सके कि Cancel बटन की भूमिका क्या है. आप कार्ड डालते हैं और ATM आपका पिन मांगता है. पिन बैंक सर्वर को एन्क्रिप्टेड फॉर्मेट में भेजा जाता है, यानी किसी भी मशीन या डिवाइस पर वो पढ़ा नहीं जा सकता. मशीन आपकी रिक्वेस्ट को प्रोसेस करती है- कैश, बैलेंस या स्टेटमेंट. जैसे ही कार्ड बाहर आता है, आपका पूरा ट्रांजैक्शन सेशन ऑटोमैटिकली लॉग-आउट हो जाता है.

सबसे जरूरी बात ये है कि इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद आपका पिन और आपकी जानकारी ATM की मेमोरी में सेव नहीं होता. कार्ड बाहर आते ही मशीन सारी जानकारी डिलीट कर देती है. इसलिए अगर आप Cancel न भी दबाएं, तब भी आपका पिन सुरक्षित रहता है.

तो फिर Cancel बटन का असली काम क्या है?

Cancel बटन का मकसद पिन बचाना नहीं, बल्कि ट्रांजैक्शन रद्द करना है. ये तब काम आता है जब:

  • आपने गलत अमाउंट डाल दिया हो.
  • आपको लगे कि कोई आपका पिन देख रहा है.
  • नेटवर्क की दिक्कत हो और आप ट्रांजैक्शन रोकना चाहें.
  • जब ट्रांजैक्शन पूरा हो जाए और कार्ड बाहर आ जाए, उसके बाद Cancel दबाने का कोई तकनीकी महत्व नहीं होता.

समझिए वास्‍तविक खतरा कब है?

1. कार्ड स्किमिंग (Card Skimming)

धोखेबाज ATM के स्लॉट पर नकली स्किमर लगाते हैं जो आपके कार्ड की मैग्नेटिक स्ट्रिप की जानकारी कॉपी कर लेते हैं.

2. हिडन कैमरा (Hidden Cameras)

कीपैड के पास छोटा सा कैमरा छिपा दिया जाता है जो आपका पिन रिकॉर्ड कर लेता है.

3. शोल्डर सर्फिंग (Shoulder Surfing)

पीछे खड़ा शख्स चुपके से आपका पिन देख लेता है.

4. नकली कीपैड (Fake Keypad)

कीपैड पर एक अतिरिक्त नकली परत लगाई जाती है जो आपके पिन को रिकॉर्ड करती है. Cancel बटन से इनमें से किसी भी चीज़ पर कोई असर नहीं पड़ता.

ये सेफ्टी रूल्स अपनाएं

  • ATM केबिन में अकेले ही प्रवेश करें.
  • कार्ड स्लॉट को हल्के से हिलाकर देखें- ढीला लगे तो ट्रांजैक्शन न करें.
  • पिन डालते समय दूसरे हाथ से कीपैड ढक लें.
  • आसपास कैमरा या असामान्य चीज दिखे तो ATM बदल दें.
  • रसीद को कहीं भी न फेंकें, उसे नष्ट करें.