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हम सबने कभी न कभी वॉट्सऐप पर या किसी दोस्त से ये सलाह जरूर सुनी होगी- "ATM से पैसे निकालने के बाद तब तक मत हटना, जब तक 'Welcome' स्क्रीन न आ जाए, और हमेशा दो-तीन बार 'Cancel' का लाल बटन जरूर दबाना, वरना कोई तुम्हारा पिन चुराकर अकाउंट खाली कर सकता है." ये सलाह इतनी बार दोहराई गई है कि ये एक नियम जैसा बन गया है.
तमाम लोग इस बात में यकीन रखते हैं और ट्रांजैक्शन के बाद 'कैंसिल' का बटन जरूर दबाते हैं. लेकिन क्या इस बात में वाकई कोई सच्चाई है? क्या सिर्फ एक बटन न दबाने से आपकी मेहनत की कमाई खतरे में पड़ सकती है? चलिए आज इस दावे की तह तक चलते हैं और जानते हैं कि इसमें कितना दम है?
इस सवाल का जवाब जानने के लिए, हमें पहले ये समझना होगा कि एक ATM ट्रांजैक्शन होता कैसे है. इसे आसान स्टेप्स में समझते हैं:
आप अपना कार्ड ATM में डालते हैं. इसके बाद मशीन आपसे आपका 4 अंकों का पिन मांगती है. जैसे ही आप पिन डालते हैं, वो एक एन्क्रिप्टेड (यानी एक खुफिया कोड में बदला हुआ) फॉर्मेट में बैंक के सर्वर तक जाता है.आप चुनते हैं कि आपको पैसे निकालने हैं, बैलेंस चेक करना है या मिनी स्टेटमेंट चाहिए. आपकी रिक्वेस्ट बैंक के सर्वर पर जाती है, वहां आपका पिन और अकाउंट डिटेल्स वेरिफाई होती हैं. वेरिफिकेशन सफल होने पर, मशीन आपको कैश दे देती है और रसीद प्रिंट करती है. जैसे ही आप अपना कार्ड ATM से बाहर निकालते हैं, आपका ट्रांजैक्शन सेशन पूरी तरह से खत्म और लॉग आउट हो जाता है.
यहां सबसे जरूरी बात ये है कि ATM को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि एक ट्रांजैक्शन पूरा होते ही और कार्ड बाहर निकलते ही, वो आपकी सारी संवेदनशील जानकारी (खासकर आपका पिन) अपनी अस्थाई मेमोरी (Temporary Memory) से तुरंत डिलीट कर देता है. इसका सीधा और साफ मतलब ये है कि आप अगर ट्रांजैक्शन के बाद कैंसिल बटन न दबाएं तो भी आपका पिन या आपकी जानकारी कहीं नहीं जाएगी.
पिन चोरी होने का डर गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका वो नहीं है जो हम सोच रहे हैं. धोखेबाज पिन और कार्ड की जानकारी चुराने के लिए इन तरीकों का इस्तेमाल करते हैं:
धोखेबाज ATM के कार्ड स्लॉट के ऊपर एक छोटा, नकली डिवाइस लगा देते हैं जो बिल्कुल असली जैसा दिखता है. जब आप कार्ड डालते हैं, तो ये डिवाइस आपके कार्ड की मैग्नेटिक स्ट्रिप की सारी जानकारी कॉपी कर लेता है.
स्किमर के साथ-साथ, धोखेबाज कीपैड के ठीक ऊपर या साइड में एक बहुत छोटा कैमरा (पिनहोल कैमरा) छिपा देते हैं. ये कैमरा आपका पिन डालते समय उसे रिकॉर्ड कर लेता है. अब उनके पास आपके कार्ड की जानकारी भी है और आपका पिन भी.
ये सबसे पुराना तरीका है, जिसमें कोई व्यक्ति आपके ठीक पीछे खड़ा होकर आपका पिन देख लेता है.
कई बार असली कीपैड के ऊपर एक पतली परत वाला नकली कीपैड लगा दिया जाता है. जब आप पिन दबाते हैं, तो वो उसे रिकॉर्ड कर लेता है.
जवाब: जी हां, ये पक्का है. ये एक मिथक है. आपका ट्रांजैक्शन सेशन कार्ड निकालते ही सुरक्षित रूप से बंद हो जाता है और पिन जैसी जानकारी ATM की मेमोरी से हट जाती है.
जवाब: सबसे जरूरी कदम है अपना पिन डालते समय उसे दूसरे हाथ से अच्छी तरह छिपाना. ये आपको शोल्डर सर्फिंग और हिडन कैमरा, दोनों से बचाता है.
जवाब: कार्ड डालने की जगह (स्लॉट) को ध्यान से देखें. अगर उसका रंग बाकी मशीन से अलग हो, वो ढीला हो, उस पर कोई गोंद जैसा पदार्थ लगा हो या वो बाहर की तरफ निकला हुआ लगे, तो वो स्किमर हो सकता है.
जवाब: जी हां, ATM की बेसिक सुरक्षा तकनीक और ट्रांजैक्शन प्रोटोकॉल सभी बैंकों के लिए लगभग एक जैसे होते हैं. कार्ड निकालते ही सेशन का बंद हो जाना एक स्टैंडर्ड सिक्योरिटी फीचर है.