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क्रेडिट कार्ड लेना आजकल पहले जैसा कठिन नहीं रहा है, अब बैंक और वित्तीय संस्थान खुद ग्राहकों को अलग-अलग तरह के क्रेडिट कार्ड ऑफर करते हैं. यह न केवल भुगतान का आसान साधन है, बल्कि सही इस्तेमाल करने पर यह आपके रिवॉर्ड, कैशबैक और फाइनेंशियल ग्रोथ का जरिया भी बन सकता है. लेकिन अगर आप पहली बार कार्ड लेने की सोच रहे हैं तो पहले कुछ नियम समझना बेहद जरूरी है. यहां हम आपको 8 गोल्डन रूल्स बता रहे हैं, जो आपके पहले क्रेडिट कार्ड को चुनते समय आपकी मदद कर सकते हैं.
पहली चीज जो आपको समझनी चाहिए, वह है अपने खर्च करने का तरीका. कार्ड चुनने से पहले यह देखें कि आप सबसे ज्यादा कहां पैसा खर्च करते हैं जैसे फूड डिलीवरी, ई-कॉमर्स, ट्रैवल या दूसरे बिल. इसके बाद आप आकर्षक ऑफर और रिवॉर्ड देखकर कार्ड लेने की बजाय अपनी रोजमर्रा की आदतों से मैच करें. इससे आप कार्ड के फायदों का पूरा लाभ उठा पाएंगे.
कई कार्ड आपको खर्च करने पर पॉइंट्स देता है. लेकिन ज्यादा पॉइंट्स का मतलब हमेशा ज्यादा लाभ नहीं होता. इसे समझने के लिए कार्ड का बेस कन्वर्जन रेट देखें यानी हर पॉइंट की कैश वैल्यू. कम पॉइंट्स लेकिन हाई वैल्यू वाले कार्ड से बेहतर हो सकते हैं.
कुछ कार्ड फ़ूड, शॉपिंग, ट्रैवल जैसी खास कैटेगरी में एक्स्ट्रा रिवॉर्ड देते हैं. अगर आपका स्वाभाविक खर्च इन कैटेगरी में आता है, तो आपको अच्छा फायदा हो सकता है. प्रीमियम कार्ड पर एयरलाइन या होटल पॉइंट ट्रांसफर की सुविधा भी इस रिटर्न को और बेहतर बनाती है.
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कुछ कार्ड खर्च की एक निश्चित सीमा पार करने पर एक्स्ट्रा पॉइंट्स, वाउचर या मुफ्त होटल स्टे देते हैं. यह तब फायदेमंद होता है जब यह आपके स्वाभाविक खर्च के साथ मेल खाता हो. लाउंज एक्सेस, मूवी टिकट या गोल्फ सेशन जैसे सॉफ्ट बेनिफिट्स अच्छे हैं, लेकिन इन्हें कार्ड चुनने का मुख्य आधार मत बनाइए.
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हर कार्ड के साथ एनुअल फीस जुड़ी होती है. कुछ कार्ड सालाना खर्च के आधार पर फीस छूट भी देते हैं. ध्यान रखें कि फीस बचाने के लिए ज्यादा खर्च करना आपका लक्ष्य नहीं होना चाहिए. अपने वास्तविक खर्च के हिसाब से कार्ड चुनें और कुल फायदे में से फीस घटाकर रिटर्न का हिसाब लगाएं.
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल स्मार्ट तरीके से करें. पेमेंट मिस करना, बैलेंस को समय पर न चुकाना और हाई ब्याज चार्ज लेना आपके फाइनेंशियल हेल्थ और क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकता है. हमेशा पूरे बिल का भुगतान करें और कार्ड को केवल पेमेंट टूल के रूप में इस्तेमाल करें.
एक अच्छे कार्ड की सबसे बड़ी ताकत है उसका कस्टमर सपोर्ट. यह चार्जबैक, धोखाधड़ी और विवाद समाधान में मदद करता है. रिस्पॉन्सिव सपोर्ट आपको समय पर मदद और तनाव से बचाव देता है. इसलिए कार्ड चुनते समय यह जरूर जांचें कि कंपनी की सर्विस तेज और भरोसेमंद हो.
अपना पहला क्रेडिट कार्ड लेने से पहले हर पहलू पर ध्यान दें क्योंकि यह क्रेडिट हिस्ट्री बनाता है, सुविधा देता है, और रोजाना के खर्च पर रिवॉर्ड भी देता है. लेकिन पहले यह कुछ चीजों को जरूर समझ लें जैसे रिवॉर्ड कैसे काम करते हैं, कार्ड को अपनी लाइफस्टाइल से मैच करना और छिपे हुए खर्चों को जानना. इन्हें समझ कर आप आपके कार्ड को एक सिंपल पेमेंट टूल से एक स्मार्ट फाइनेंशियल एसेट में बदल सकते हैं.
आमतौर पर शुरुआत के लिए कम फीस वाला, आसान अप्रूवल और सिंपल रिवॉर्ड वाला कार्ड बेहतर होता है.
हां, लेकिन तभी जब आप समय पर पूरा बिल चुकाते हैं और लिमिट का सही इस्तेमाल करते हैं.
नहीं, रिवॉर्ड से ज्यादा जरूरी है फीस, ब्याज दर और आपकी खर्च करने की आदतें.
बिल पूरा न चुकाना और मिनिमम पेमेंट पर भरोसा करना सबसे बड़ी गलती है.
नहीं, इससे रिजेक्शन का खतरा बढ़ता है और क्रेडिट स्कोर भी गिर सकता है.