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पैसों की जरूरत कभी भी पड़ सकती है- शादी, मेडिकल इमरजेंसी या किसी जरूरी खर्च के लिए. ऐसे वक्त में ज्यादातर लोग पर्सनल लोन (Personal Loan) लेते हैं. लेकिन लोन लेने से पहले कुछ सवाल अपने आपसे पूछना जरूरी है.
ऐसा इसलिए, क्योंकि हर लोन सस्ता नहीं होता और अगर आपने गलत शर्तों पर लोन ले लिया, तो ये आपके लिए मुसीबत बन सकता है. आइए जानते हैं वो 7 जरूरी सवाल, जो हर लोन लेने वाले को खुद से पूछने चाहिए.
सबसे पहले ये सोचिए कि आपको असल में कितने पैसों की जरूरत है. अगर रकम कम है, तो पहले दोस्तों या परिवार से मदद लेने की कोशिश करें. कम राशि के लिए आप चाहें तो क्रेडिट कार्ड (Credit Card Loan) से भी लोन ले सकते हैं. लेकिन अगर बड़ी रकम चाहिए, तभी बैंक (Bank Loan) से पर्सनल लोन लेना समझदारी है. क्योंकि बैंक लोन पर ब्याज और फीस दोनों ही ज्यादा होती हैं.
हर बैंक या NBFC लोन चुकाने के लिए अलग-अलग अवधि (Tenure) देते हैं, 6 महीने से लेकर 7 साल तक. आप जितनी जल्दी लोन चुका देंगे, ब्याज उतना कम लगेगा. लेकिन ध्यान रहे, कम समय की EMI ज्यादा होगी, जिससे बजट बिगड़ सकता है. इसलिए पहले ये तय करें कि आपकी मासिक इनकम (Monthly Income) के हिसाब से कितनी EMI आप आसानी से चुका सकते हैं.
हर लोन की असली कीमत उसका ब्याज (Interest Rate) तय करता है. लोन लेने से पहले ये जरूर देखें कि कौन सा बैंक या ऐप आपको सबसे कम दर पर लोन दे रहा है. कई बार ऑफर्स में दिखने वाली ब्याज दर (Flat Rate) असल में बहुत ज्यादा निकलती है. इसलिए “वार्षिक ब्याज दर (Annual Percentage Rate - APR)” देखना ना भूलें. सही ब्याज दर चुनने से आप हजारों रुपये बचा सकते हैं.
कुछ लोन ऐसे होते हैं जिनमें मासिक ईएमआई (EMI) देनी होती है, तो कुछ में आप तय समय के बाद पूरी रकम ब्याज समेत एकमुश्त चुका सकते हैं. आपको यह पहले ही तय करना होगा कि कौन सा तरीका आपके लिए सही रहेगा. अगर आप हर महीने फिक्स्ड इनकम (Fixed Income) में हैं, तो EMI सही है. लेकिन अगर भविष्य में एकमुश्त रकम आने की उम्मीद है, तो बल्क रिपेमेंट का विकल्प लें.
पर्सनल लोन पर सिर्फ ब्याज नहीं, कई तरह के हिडन चार्ज (Hidden Charges) भी लगते हैं, जैसे प्रोसेसिंग फीस (Processing Fee), फाइलिंग चार्ज (Filing Charges), इंश्योरेंस चार्ज (Loan Insurance) और प्री-पेमेंट पेनल्टी (Prepayment Penalty). कई बार बैंक 10% तक प्रोसेसिंग फीस वसूल लेते हैं. इसलिए लोन की पूरी कॉस्ट (Total Cost of Loan) समझे बिना साइन ना करें.
किसी भी लोन का सबसे बड़ा फैक्टर होता है आपका क्रेडिट स्कोर (Credit Score) या सिबिल स्कोर (CIBIL Score). अगर आपका स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, तो बैंक आपको कम ब्याज पर लोन दे सकता है. अच्छा स्कोर होने पर आप लोन की शर्तों पर मोलभाव (Negotiation) भी कर सकते हैं. कम स्कोर का मतलब ज्यादा ब्याज और कम लिमिट वाला लोन. इसलिए लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपना स्कोर जरूर चेक करें.
हर बैंक की लोन प्रोसेसिंग टाइम (Processing Time) अलग होती है. कुछ बैंक ऑनलाइन ऐप्लिकेशन के जरिए 10 सेकंड में लोन अप्रूव कर देते हैं, जबकि कुछ को 5–10 दिन भी लग सकते हैं. अगर आपको तुरंत पैसे चाहिए, तो डिजिटल लेंडर (Digital Lender) या क्रेडिट कार्ड से लोन लेना बेहतर रहेगा. लेकिन जल्दी मिलने वाले लोन पर ब्याज थोड़ा ज्यादा होता है, यह ध्यान रखें.
पर्सनल लोन जिंदगी में कई बार मददगार साबित हो सकता है, लेकिन गलत फैसले इसे बोझ बना देते हैं. लोन लेने से पहले अगर आप ये 7 सवाल खुद से पूछते हैं, तो आप सही ब्याज दर, सही अवधि और सही लेंडर चुन पाएंगे. हमेशा याद रखें कि लोन समाधान है, समस्या नहीं. सही सोच और तैयारी के साथ लिया गया लोन ही आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग को मजबूत बनाता है.
यह एक अनसिक्योर्ड लोन है जो बैंक या NBFC बिना गारंटी के देते हैं.
आमतौर पर 10% से 24% सालाना तक होती है.
6 महीने से लेकर 7 साल तक.
यह आपकी लोन चुकाने की क्षमता का स्कोर होता है (300–900 के बीच).
5- क्या पर्सनल लोन जल्दी चुकाया जा सकता है?
हां, लेकिन कुछ बैंक प्री-पेमेंट चार्ज लेते हैं.
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