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पर्सनल लोन की जरूरत पड़ने पर बैंक सबसे पहले आपके क्रेडिट स्कोर को देखते है. असल में इसमें CIBIL स्कोर की भूमिका बेहद अहम होती है. जी हां अगर आपका स्कोर 610 है, तो फिर यह औसत या कम कैटेगरी में आता है, जिससे लोन अप्रूवल मुश्किल हो सकता है या फिर कहें कि आपको ज्यादा ब्याज दर तक चुकानी पड़ सकती है.वैसे बैंक आमतौर पर 700 या उससे ऊपर के स्कोर को ही सुरक्षित मानते हैं.तो ऐसे में जरूरी है कि आप EMI समय पर चुकाएं, क्रेडिट लिमिट का अधिक इस्तेमाल न करें और स्कोर सुधारें.तो चलिए समझते हैं कि 610 का क्रेडिट स्कोर पर्सनल लोन के अप्रूवल पर क्या असर डालता है और ऐसे में उधार लेने वालों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
भारत में क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच होता है। इसे 5 भागों में समझ सकते हैं:
750 से ऊपर: बहुत अच्छा होता है, ऐसे स्कोर पर लोन आसानी से और बेहतर शर्तों पर मिल जाता है.
700 से 749: अच्छा माना जाता है. लोन अप्रूवल की संभावना मजबूत रहती है.
650 से 699: ठीक-ठाक मानते हैं,इसमें लोन मिल सकता है, लेकिन ब्याज दरें थोड़ी ज्यादा हो सकती हैं.
580 से 649: औसत होगा, 610 स्कोर इसी में आता है और लोन मिलना मुश्किल हो सकता है और शर्तें अनुकूल नहीं होंगी.
579 से कम: कमजोर है,तो लोन रिजेक्ट होने की संभावना ज्यादा रहती है.
तो इसलिए, 610 का क्रेडिट स्कोर ये दिखाता है कि आपके क्रेडिट हिस्ट्री में कुछ गड़बड़ियां हो सकती हैं, जैसे समय पर भुगतान न करना, ज्यादा क्रेडिट इस्तेमाल करना या बहुत कम क्रेडिट हिस्ट्री होना. ऐसे स्कोर को देखकर लोन देने वालों को लगता है कि आप जोखिम वाले उधारकर्ता हो सकते हैं.
1. लोन अप्रूवल मुश्किल: ज्यादातर बैंक और एनबीएफसी 700 या उससे ऊपर के स्कोर वाले लोगों को ही लोन देना सबसे पसंद करते हैं. लेकिन 610 स्कोर पर लोन मंजूर होना थोड़ा मुश्किल हो सकता है.
2. ब्याज दर ज़्यादा: अगर आपको लोन मिल भी गया, तो फिर बैंक ज्यादा ब्याज ले सकते हैं.लेकिन जहां अच्छे स्कोर वालों को 10-14% पर लोन मिल सकता है, वहीं आपको 18-24% या उससे भी ज्यादा ब्याज देना पड़ सकता है.
3. कम लोन अमाउंट: हमेशा बैंक आपको जरूरत से कम रकम का लोन दे सकते हैं, क्योंकि उन्हें रिस्क ज्यादा लगता है.
4. कठिन शर्तें और छोटी अवधि: बैंक लोन चुकाने के लिए कम टाइम देते हैं, जिससे EMI बढ़ेगी और आपकी जेब पर ज्यादा बोझ पड़ सकता है.
5.कम ऑप्शन: आपको कम ही बैंक या फिनटेक कंपनियां लोन देने को तैयार होंगी, असल में ऐसे विकल्पों में शर्तें और भी कठिन हो सकती हैं.
6. गारंटर की जरूरत: बैंक आपसे एक सह-आवेदक या गारंटर लाने को कह सकते हैं, जिसकी क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी होती है, इससे लोन मिलने की संभावना बढ़ सकती है.
अगपआपका क्रेडिट स्कोर 610 है और आपको पर्सनल लोन की आवश्यकता है, तो ये बातें आपके लिए महत्वपूर्ण हैं:
सबसे पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट फ्री में निकालें, और अगर उसमें कोई गलती है (जैसे गलत बकाया या भुगतान अपडेट न होना), तो उसे ठीक करवाएं ,जिससे स्कोर तुरंत सुधर सकता है.
समय पर पेमेंट करें: EMI और क्रेडिट कार्ड का बिल टाइम से भरें, यही सबसे बेस्ट तरीका है.
कम खर्च करें: अपनी क्रेडिट लिमिट का 30% से ज़्यादा यूज ना करें.
बार-बार लोन के लिए अप्लाई न करें: हर बार लोन चेक होने पर आपका स्कोर थोड़ा गिरता है.
अच्छा क्रेडिट मिक्स रखें: हो सके तो पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड और होम लोन जैसे अलग-अलग टाइप के लोन में रखें.
पुराने क्रेडिट कार्ड बंद न करें: ये आपके लंबे क्रेडिट इतिहास को दिखाते हैं.
धैर्य रखें: स्कोर सुधरने में 6 महीने से 1 साल लग सकता है, लेकिन लगातार सुधार से फायदा जरूर मिले सकता है.
अगर बैंक लोन देने से मना करें, तो फिर कुछ ऐसी कंपनियां भी हैं जो लोन देती हैं, लेकिन पर ध्यान रखें इनकी ब्याज दरें ज़्यादा हो सकती हैं.
अगर परिवार में किसी का स्कोर अच्छा है, तो फिर उनके साथ मिलकर लोन अप्लाई करना चाहिए.इससे अप्रूवल के चांस बढ़ते हैं और बेहतर ब्याज दर मिल सकती है.
अगर आपका स्कोर कम है, तो बैंक को ये बताएं कि आपकी इनकम नियमित है, नौकरी स्थिर है और आपकी EMI चुकाने की क्षमता अच्छी है, इससे भरोसा बढ़ेगा.(नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए, निवेश के लिए वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव लें)
FAQs
1. 610 क्रेडिट स्कोर होने पर पर्सनल लोन मिल सकता है क्या?**
हाँ, लेकिन इसकी संभावना कम होती है। आपको उच्च ब्याज दर और सख्त शर्तों का सामना करना पड़ सकता है।
2. 610 क्रेडिट स्कोर को अच्छा कैसे बनाएं?
समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल चुकाएं, क्रेडिट उपयोग 30% से कम रखें और बार-बार लोन के लिए अप्लाई न करें।
3. 610 क्रेडिट स्कोर पर ब्याज दर कितनी हो सकती है?
ब्याज दर 18% से 24% या उससे भी अधिक हो सकती है, जबकि अच्छे स्कोर पर यह 10% से 14% रहती है।
4. क्या 610 स्कोर पर बैंक लोन देंगे?
अधिकतर बैंक इससे बचते हैं, लेकिन कुछ NBFCs और फिनटेक कंपनियां लोन ऑफर कर सकती हैं, वो भी कड़ी शर्तों के साथ।
5. पर्सनल लोन से पहले क्रेडिट स्कोर सुधारना क्यों जरूरी है?
इससे लोन अप्रूवल की संभावना बढ़ती है, कम ब्याज दर मिलती है और फाइनेंशियल प्लानिंग बेहतर बनती है.