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Home Loan ने मिडिल क्लास के लिए घर खरीदने का सपना पूरा करना आसान बना दिया है. इसका कारण है कि मकान खरीदने के लिए लाखों की बड़ी रकम चाहिए होती है, जिसको जुटा पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं होता. ऐसे में आप होम लोन के जरिए आसानी से इस सपने को पूरा कर सकते हैं. लेकिन सवाल वही कि होम लोन आखिर कितना लें?
कई लोग सिर्फ बैंक की लोन एलिजिबिलिटी देखकर फैसला कर लेते हैं, जो आगे चलकर EMI का बोझ बढ़ा देता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि घर हमेशा अपनी आमदनी के हिसाब से लेना चाहिए और लोन उतना ही लेना चाहिए, जिसे आप समय रहते अपनी सैलरी से आसानी से चुका सकें. मान लीजिए कि आपको 60 लाख रुपए का घर खरीदना है तो इसके लिए आपकी सैलरी कितनी होनी चाहिए, कितना होम लोन आपको लेना चाहिए और कितने टेन्योर के लिए लेना चाहिए. यहां जानिए ऐसा फॉर्मूला जो इस कन्फ्यूजन को दूर कर देगा-
हम बात कर रहे हैं 3/20/30/40 के फॉर्मूले की जिसे फाइनेंशियल एक्सपर्ट घर या प्रॉपर्टी खरीदने के लिए एकदम सटीक मानते हैं. इस फॉर्मूले को फाइनेंशियल हेल्थ को बैलेंस में रखने के मकसद से तैयार किया गया है, ताकि होम लोन EMI आपके घर के बजट पर भारी न पड़े. यहां जानिए इसका मतलब-
3 = आप जो भी घर खरीदने जा रहे हैं, उसकी कुल कीमत आपकी कुल वार्षिक आय (Annual Income) से तीन गुना से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
20 = आप अधिकतम 20 साल तक का ही लोन लें. अगर आप 20 साल से कम अवधि का लोन लेते हैं, तो आपकी EMI ज्यादा हो जाएगी. वहीं, अगर आप 20 साल से ज्यादा (जैसे 30 साल) की अवधि चुनते हैं, तो आपकी EMI तो कम हो जाएगी, लेकिन आपको ब्याज के रूप में बैंक को बहुत ज्यादा पैसा चुकाना पड़ेगा.
30 = इसका मतलब है कि आपके होम लोन की EMI आपकी महीने की इन-हैंड सैलरी (Take-home Salary) के 30% से ज्यादा बिल्कुल नहीं होनी चाहिए.
40 = घर की कीमत का कम से कम 40% डाउन पेमेंट अपनी जेब से होना ही चाहिए. अगर ज्यादा कर सकते हैं तो और भी बढ़िया.
अगर आपको 60 लाख का कोई मकान खरीदना चाहते हैं तो फॉर्मूले के हिसाब से उस घर को खरीदने के लिए आपकी सालाना आमदनी 20 लाख तो होना ही चाहिए (₹20,00,000 x 3 = ₹60,00,000). इस हिसाब से आपकी इन हैंड सैलरी होगी 1,66,667 रुपए.
40 प्रतिशत के हिसाब से आपके पास 24,00,000 रुपए के डाउन पेमेंट की व्यवस्था होनी चाहिए. ऐसे में आपको सिर्फ 36,00,000 रुपए का लोन लेने की जरूरत पड़ेगी.
मान लीजिए आप 36,00,000 का होम लोन 20 साल के लिए बैंक से लेते हैं और आपको 8.5% ब्याज दर से कर्ज मिलता है. ऐसे में आपकी EMI ₹31,242 की बनेगी.
फॉर्मूले के हिसाब से EMI इन हैंड सैलरी के 30% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. 1,66,667 रुपए का 30% होगा 50,000 रुपए और आपकी ईएमआई होगी ₹31,242, जो आप बहुत आसानी से पे कर पाएंगे और बाकी खर्चों और बचत के लिए आपके पास पर्याप्त पैसा बचेगा. अगर भविष्य में ब्याज दर बढ़ भी गई तो आपको ईएमआई देने में कोई समस्या नहीं आएगी.
Q1. क्या कम सैलरी में ₹60 लाख का घर खरीदा जा सकता है?
हां, लेकिन EMI और बाकी खर्च बहुत ज्यादा हो जाएंगे, जो फाइनेंशियल प्रेशर बढ़ा सकते हैं.
Q2. क्या 30% से ज्यादा EMI रखना गलत है?
लंबे समय के लिए ये जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि बाकी खर्च और सेविंग प्रभावित होती है.
Q3. डाउन पेमेंट ज्यादा देने का क्या फायदा है?
लोन कम होगा, EMI घटेगी और ब्याज पर बड़ा पैसा बचेगा.
Q4. क्या 40 प्रतिशत डाउन पेमेंट जरूरी है?
आप पूरे टेन्योर में स्ट्रेस फ्री होकर ईएमआई चुका पाएं, उसके लिए जितना ज्यादा डाउन पेमेंट कर देंगे वो आपके लिए अच्छा है.