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एविएशन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) को कई सालों से चल रहे एक बड़े कानूनी विवाद में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने KAL एयरवेज और इसके प्रमोटर कलानिधि मारन (Kalanithi Maran) द्वारा दायर वह याचिका खारिज कर दी है, जिसमें ₹1,300 करोड़ से अधिक की क्षतिपूर्ति (डैमेज) और अन्य दावों की मांग की गई थी.
SpiceJet ने गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दी गई एक नियामकीय फाइलिंग में यह जानकारी दी. कंपनी ने बताया कि यह फैसला बुधवार को आया, जिससे मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है.
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स्पाइसजेट ने अपने बयान में कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने KAL एयरवेज और कलानिधि मारन द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया है. अब सिर्फ दो मुद्दों पर कोर्ट में सुनवाई बाकी है – एक, ब्याज से जुड़ा विवाद (जिसका अधिकांश हिस्सा SpiceJet पहले ही कोर्ट में जमा करा चुका है); और दूसरा, आर्बिट्रल ट्राइब्यूनल द्वारा CRPS (Cumulative Redeemable Preference Shares) की समय से पहले की गई वापसी."
यह केस 2015 से चल रहा है, जब SpiceJet गंभीर आर्थिक संकट के चलते ग्राउंडेड हो गई थी. उस समय कलानिधि मारन और उनकी कंपनी KAL एयरवेज, स्पाइसजेट के प्रमोटर थे. बाद में अजय सिंह, जो पहले से ही स्पाइसजेट के संस्थापक रह चुके थे, कंपनी को दोबारा खरीदकर इसके संचालन में लौटे.
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मारन और KAL एयरवेज का दावा था कि उन्होंने SpiceJet को ₹679 करोड़ दिए थे, ताकि उनके नाम पर वॉरंट और प्रेफरेंस शेयर जारी किए जा सकें. लेकिन, उन्होंने आरोप लगाया कि न तो उन्हें वॉरंट्स दिए गए और न ही पैसे वापस किए गए. इसके चलते 2017 में उन्होंने कोर्ट का रुख किया और ₹1,300 करोड़ से अधिक की क्षतिपूर्ति की मांग की.
SpiceJet के अनुसार, मारन और KAL एयरवेज के ये सभी दावे पहले ही आर्बिट्रल ट्राइब्यूनल, दिल्ली हाई कोर्ट और फिर दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा खारिज किए जा चुके थे. अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इसी फैसले को बरकरार रखते हुए अपील को अंतिम रूप से खारिज कर दिया, जिससे स्पाइसजेट को बड़ी राहत मिली है.
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