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देश में हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद हवाई अड्डों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है. नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) ने 9 मई 2025 को एक आधिकारिक आदेश (OM) जारी किया है. इसके तहत CISF यानी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की भूमिका को अस्थायी रूप से बढ़ा दिया गया है.
नई व्यवस्था के तहत अब CISF ही कार्गो ऑपरेशंस और इन-लाइन होल्ड बैगेज स्क्रीनिंग सिस्टम (ILHBSS) की भी निगरानी करेगी. यह व्यवस्था 9 मई से 18 मई 2025 तक प्रभावी रहेगी. इसका मकसद देशभर के नागरिक हवाई अड्डों पर सुरक्षा के स्तर को और मजबूत करना है. बता दें कि आज यानी 10 मई को सुबह से अब तक करीब 30 घरेलू उड़ानें कैंसिल हुई हैं.
अब तक CISF मुख्य रूप से यात्री सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती थी, लेकिन कार्गो और चेक-इन बैगेज की सुरक्षा सीधे CISF के अधीन नहीं थी. अब BCAS के नए आदेश के बाद, CISF न सिर्फ इन सुविधाओं की निगरानी करेगी, बल्कि एयरपोर्ट ऑपरेटरों के सुरक्षा कर्मचारियों की निगरानी, रैंडम चेकिंग और एक्सेस कंट्रोल का काम भी देखेगी.
देश के जिन-जिन एयरपोर्ट पर पहले से CISF तैनात है, वहां यह नई सुरक्षा प्रणाली तुरंत लागू कर दी गई है. इससे एयरपोर्ट पर एक अतिरिक्त सिक्योरिटी लेयर जुड़ गई है जो देश की सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी.