महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला! ATF पर VAT 18% से घटाकर 7%, क्या सस्ती होंगी फ्लाइट्स?

ATF VAT Cut: महाराष्ट्र सरकार ने वैट को 18% से घटाकर 7% कर दिया है. सरकार का मानना है कि इस फैसले से एयरलाइंस की लागत पर दबाव कम होगा, उड़ान संचालन को सहारा मिलेगा और यात्रियों के लिए हवाई किराए में तेज बढ़ोतरी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.
महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला! ATF पर VAT 18% से घटाकर 7%, क्या सस्ती होंगी फ्लाइट्स?

यह फैसला 15 मई से लागू हो गया है और 14 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा. (प्रतीकात्मक फोटो: AI/Chatgpt)
 

Maharashtra VAT Cut: मध्य पूर्व संकट और बढ़ती ईंधन लागत के बीच महाराष्ट्र सरकार ने घरेलू एयरलाइंस को बड़ी राहत दी है. राज्य सरकार ने एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाला वैट में बड़ी कटौती की है. राज्य सरकार ने वैट को 18% से घटाकर 7% कर दिया है. सरकार का मानना है कि इस फैसले से एयरलाइंस की लागत पर दबाव कम होगा, उड़ान संचालन को सहारा मिलेगा और यात्रियों के लिए हवाई किराए में तेज बढ़ोतरी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.

ज़ी बिजनेस के रिपोर्ट अंबरीश पांडेय बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने एविएशन इंडस्ट्री और यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए ATF से वैट घटाया है. वैट में 11% की बड़ी कटौती की गई. उन्होंने कहा, इससे हवाई किराये पर असर संभव, क्योंकि मुंबई सबसे व्यस्त रूट में है.

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महाराष्ट्र सरकार ने ATF पर टैक्स क्यों घटाया?

पश्चिम एशिया (Middle East) में तनाव के कारण हवाई क्षेत्र बंद होने और एटीएफ की कीमतों में भारी उछाल से एयरलाइंस संकट में थीं. कई देशों के एयरस्पेस बंद होने, उड़ानों के रूट बदलने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से एयरलाइंस की लागत बढ़ी है. केंद्र सरकार ने राज्यों से टैक्स घटाने की अपील की थी, जिस पर महाराष्ट्र सरकार ने यह नोटिफिकेशन जारी किया.

इसी दबाव को कम करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए ATF पर लगने वाला वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) 18% से घटाकर 7% कर दिया है. यह फैसला 15 मई 2026 से लागू हो गया है और फिलहाल 14 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा.

ATF पर टैक्स कम होने से क्या फर्क पड़ेगा?

एयरलाइन कंपनियों के कुल ऑपरेटिंग खर्च में ATF सबसे बड़ा हिस्सा होता है. कई बार यह कुल लागत का 35-40% तक होता है.

ऐसे में VAT कम होने से

  • एयरलाइंस की लागत घट सकती है
  • घरेलू उड़ानों को राहत मिलेगी
  • किराए में तेज बढ़ोतरी नियंत्रित हो सकती है
  • संकट के समय एयरलाइन सेक्टर को सपोर्ट मिलेगा.

केंद्र सरकार ने राज्यों से क्या अपील की थी?

विमानन मंत्रालय लंबे समय से राज्यों से ATF पर VAT कम करने की अपील कर रहा था. केंद्र का मानना है कि वैश्विक संकट के दौरान एयरलाइंस पर अतिरिक्त टैक्स दबाव कम होना चाहिए. घरेलू एविएशन नेटवर्क को स्थिर रखना जरूरी है. यात्रियों पर बढ़ते किराए का बोझ कम किया जाना चाहिए.

डीटेल
पुराना वैट18%
नया वैट7%
कटौती11%
लागू अवधि15 मई - 14 नवंबर 2026

केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा?

केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार जताया. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट से भारतीय विमानन उद्योग प्रभावित है. एयरस्पेस बंद होने और ATF महंगा होने से परिचालन लागत बढ़ी है. ऐसे समय में VAT कटौती एयरलाइंस को बड़ी राहत देगी.

उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा एविएशन मार्केट है, जहां 16 एयरपोर्ट ऑपरेशनल हैं. करीब 7.5 करोड़ यात्रियों का ट्रैफिक है. इसलिए इस फैसले का असर पूरे एविएशन सेक्टर पर दिख सकता है.

आपके लिए इसका क्या मतलब है?

अगर आप मुंबई, पुणे या नागपुर जैसे शहरों से उड़ान भरते हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी है. एयरलाइंस पर टैक्स का बोझ कम होने से टिकटों के दाम स्थिर रह सकते हैं या उनमें गिरावट आ सकती है. इसके अलावा, विमानन क्षेत्र में अनिश्चितता कम होने से फ्लाइट्स के कैंसिलेशन या देरी की समस्याओं में भी सुधार की उम्मीद है.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 क्या यह कटौती पूरे देश में लागू है?

नहीं, यह फैसला अभी केवल महाराष्ट्र सरकार ने लिया है.

Q2 हवाई किराए कब कम होंगे?

यह कटौती आज से प्रभावी है, इसलिए आने वाले हफ्तों में एयरलाइंस अपनी प्राइसिंग स्ट्रैटेजी में इसका फायदा यात्रियों को दे सकती हैं.

Q3 ATF क्या होता है?

ATF वह विशेष ईंधन है जिसका इस्तेमाल हवाई जहाज उड़ाने में किया जाता है.

Q4 एयरलाइंस के लिए ATF इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

एयरलाइन कंपनियों के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा ATF पर होता है. कई मामलों में यह कुल ऑपरेटिंग कॉस्ट का 35-40% तक पहुंच जाता है.

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