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डीजीसीए (DGCA) के नियमों के मुताबिक पावर बैंक को केवल हैंड बैग में ही ले जाने की अनुमति है (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)
आज के टाइम में शायद ही कोई ऐसा हो जो बिना मोबाइल और पावर बैंक के कोई भी सफर करता हो. खासकर फ्लाइट ट्रैवल में लोग अक्सर पावर बैंक साथ रखते हैं ताकि फोन की बैटरी खत्म ना हो जाए. लेकिन कई लोगों को अब भी यह सही से पता ही नहीं होता है कि आफ्लाइट में पावर बैंक ले जाने के क्या नियम हैं और इसे कैसे रखना चाहिए.
अगर आप भी बाकियों की तरह से हवाई जहाज यानी कि फ्लाइट में सफर करते हैं, तो पॉवर बैंक की ये जानकारी आपके बहुत ही काम आ सकती है. क्योंकि नियमों की अनदेखी करने पर एयरपोर्ट पर परेशानी भी हो सकती है और कई बार सिक्योरिटी टीम पावर बैंक जब्त भी कर सकती है.
आपको बता दें कि वैसे फ्लाइट में पावर बैंक ले जाने की अनुमति तो होती ही है, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी रूल्स बनाए गए हैं. भारत में Directorate General of Civil Aviation यानी DGCA के मुताबिक पावर बैंक केवल हैंडबैगेज या कैरी-ऑन बैग में ही रखा जा सकता है. इसे चेक-इन लगेज में रखने की अनुमति नहीं होती. मतलब ये है कि पावर बैंक ले जाने के कुछ रूल्स हैं. आप पावर बैंक को केवल हैंड बैगेज में ही ले जा सकते हैं..
असल में इसके पीछे बड़ी वजह सुरक्षा है. पावर बैंक में लिथियम-आयन बैटरी होती है, जो ज्यादा गर्म होने पर आग पकड़ सकती है. अगर चेक-इन बैग में कोई दिक्कत हो जाए, तो उसे तुरंत संभालना मुश्किल हो जाता है. यही कारण है कि एयरलाइंस इस मामले में काफी सख्ती बरतती हैं.
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इसके अलावा पावर बैंक की क्षमता को लेकर भी रूल्स हैं. आमतौर पर 100Wh तक के पावर बैंक आसानी से ले जाए जा सकते हैं, जबकि 100Wh से 160Wh तक की क्षमता वाले कुछ पावर बैंक एयरलाइन की अनुमति पर डिपेंड करते हैं. 160 Wh से ज्यादा क्षमता वाले पावर बैंक की परमिशन नहीं होती है.
फ्लाइट में सफर के दौरान एक और बात का ध्यान रखना जरूरी है कि पावर बैंक को ओवरहेड बिन में रखने से बचें. कोशिश करें कि इसे हमेशा अपने पास रखें ताकि किसी तरह की गर्मी या परेशानी होने पर तुरंत पता चल सके.
हाल के टाइम में कई एयरलाइंस ने फ्लाइट के दौरान पावर बैंक से डिवाइस चार्ज करने को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है. तो इसलिए जरूरत न हो तो उड़ान के दौरान इसका यूज कम करना बेहतर माना जाता है.
तो अगर आपका पावर बैंक पुराना, फूला हुआ या डैमेज है, तो उसे साथ लेकर सफर करने से बचें. ऐसे पावर बैंक ज्यादा जोखिम पैदा कर सकते हैं. साथ ही अगर किसी डिवाइस से धुआं, ज्यादा गर्मी या जलने जैसी गंध आए, तो तुरंत केबिन क्रू को जानकारी दें.
एक बात तो साफ है कि आपकी एक छोटी सी सावधानी आपके ही अपने सफर को सुरक्षित बना सकती है. तो फिर इसलिए अगली बार फ्लाइट पकड़ने से पहले अपने पावर बैंक से जुड़े नियम जरूर चेक कर लें, ताकि एयरपोर्ट पर किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 एक यात्री अपने साथ कितने पावर बैंक ले जा सकता है?
ज्यादातर एयरलाइंस एक व्यक्ति को 2 पावर बैंक तक ले जाने की अनुमति देती हैं, बशर्ते वे निर्धारित क्षमता (100Wh) के अंदर हों
Q2 अगर पावर बैंक पर Wh (वाट-ऑवर) न लिखा हो, तो कैसे पहचानें?
एक आसान गणित है-27,000mAh तक के पावर बैंक आमतौर पर 100Wh के अंदर ही आते हैं और सुरक्षित माने जाते हैं
Q3 अगर गलती से चेक-इन बैग में पावर बैंक रह गया तो क्या होगा?
स्कैनिंग के दौरान सुरक्षा कर्मी इसे आपके बैग से निकाल सकते हैं, कई बार इसकी वजह से आपके बैग को एयरपोर्ट पर ही रोक लिया जाता है
Q4 क्या फ्लाइट के टेक-ऑफ या लैंडिंग के समय चार्जिंग कर सकते हैं?
टेक-ऑफ और लैंडिंग के समय सुरक्षा कारणों से किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज करने या इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है.
Q5 क्या लैपटॉप की एक्स्ट्रा बैटरी ले जाने के भी यही नियम हैं?
लैपटॉप की एक्स्ट्रा लिथियम बैटरी या ड्रोन की बैटरी को भी हैंड बैग में ही रखना होता है,इन्हें भी चेक-इन लगेज में डालना सख्त मना है