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(Source: Reuters)
जेट एयरवेज (Jet Airways) एक बार फिर से कमर्शियल उड़ान का संचालन करने के लिए तैयार है. इसके लिए एयरलाइन को गृह मंत्रालय की सिक्योरिटी मंजूरी पहले ही मिल चुकी है. अब एयरलाइन को DGCA का सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए प्रूविंग उड़ानों का संचालन करना होगा. मंगलवार को एयरलाइन ऐसी ही एक उड़ान का संचालन करेगा.
जेट एयरवेज (Jet Airways) अपने प्रूविंग उड़ान के दौरान 5 घंटे की उड़ान और तीन लैंडिंग करनी होगी. इसमें Delhi- Bengaluru - Delhi और Delhi - Hyderabad - Delhi रूट पर उड़ान होगी. एयरलाइन इससे पहले 15 मई को भी प्रूविंग उड़ान (Proving Flights) भर चुकी है.
इस प्रूविंग उड़ान में सामान्य फ्लाइट जैसे ही प्रोसेस फॉलो करना होता है. इसमें स्टाफ किसी भी सामान्य उड़ान के प्रोसेस को अपनाएगा. इस फ्लाइट में DGCA के अधिकारी, जेट मैनेजमेंट, समेत एक्सपर्ट होंगे.
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नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) ने 6 मई को एयरलाइन एक पत्र भेजकर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सिक्योरिटी क्लियरेंस देने की जानकारी दी है. हालांकि भविष्य में गृह मंत्रालय से प्राप्त किसी भी प्रतिकूल इनपुट के आलोक में सिक्योरिटी मंजूरी को कभी वापस लिया जा सकता है.
यह लेटर एविएशन सेफ्टी रेगुलेटर DGCA और एविएशन सिक्योरिटी रेगुलेटर BCAS को भी भेजा गया है.
पिछले हफ्ते एयरलाइन ने DGCA को यह साबित करने के लिए कि विमान और उसके सभी पुर्जे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं, टेस्ट फ्लाइट का संचालन किया था.
जेट एयरवेज (Jet Airways) का स्वामित्व पहले नरेश गोयल के पास था और इसने 17 अप्रैल, 2019 को अपनी अंतिम उड़ान का संचालन किया था. वर्तमान में जालान-कलरॉक कंसोर्टियम (Jalan-Kalrock Consortium) जेट एयरवेज के प्रमोटर है.
दो दशक से अधिक समय तक फ्लाइट सर्विस देने के बाद फाइनेंशियल संकट को देखते हुए जेट एयरवेज (Jet Airways) को 17 अप्रैल, 2019 को अपना ऑपरेशन बंद करना पड़ा. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व में एक संघ ने 8,000 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया के लिए जून 2019 में एयरलाइन के खिलाफ एक दिवाला याचिका दायर की थी.
एयरलाइन की लेनदारों की समिति (CoC) ने अक्टूबर 2020 में यूके की कलरॉक कैपिटल और संयुक्त अरब अमीरात स्थित उद्यमी मुरारी लाल जालान के संघ द्वारा प्रस्तुत समाधान योजना (resolution plan) को मंजूरी दी. जून 2021 में इस समाधान योजना को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने भी मंजूरी दी थी.