&format=webp&quality=medium)
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को हाल के दिनों में लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और यात्रियों की परेशानी का सामना करना पड़ा. बड़ी संख्या में फंसे यात्रियों, लंबे कतारों और सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ के बाद सरकार ने अब इस पर सख्त रुख अपनाया है. नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इंडिगो के निर्धारित फ्लाइट प्लान में 10% कट लगाने का आदेश दिया है ताकि संचालन को व्यवस्थित किया जा सके और यात्रियों को राहत मिले.
सरकार ने एक्स पर इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स के साथ बैठक की तस्वीर साझा की और लिखा कि एयरलाइन से पूरा अपडेट लिया गया. उन्होंने कहा कि 10% फ्लाइट कर्टेलमेंट से नेटवर्क स्टेबल होगा और कैंसिलेशन में कमी आएगी, हालांकि एयरलाइन सभी डेस्टिनेशन को पहले की तरह कवर करती रहेगी.
यह आदेश DGCA के पहले दिए गए निर्देश से दोगुना है. DGCA ने सोमवार को ही 5% फ्लाइट कट लगाने को कहा था लेकिन मंत्रालय ने स्थिति की गंभीरता देखते हुए इसे 10% कर दिया. इंडिगो सर्दियों की शेड्यूल के तहत रोजाना 2200 से ज्यादा फ्लाइट ऑपरेट कर रही थी.
सरकार ने साफ कहा कि कोई भी एयरलाइन चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, यात्रियों को परेशानी नहीं दे सकती. DGCA ने इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है और चार सदस्यीय जांच समिति भी बनाई गई है.
इंडिगो ने बयान में कहा है कि नेटवर्क में steady improvement हो रहा है. मंगलवार को 1800 से ज्यादा फ्लाइट ऑपरेट हुईं और बुधवार तक संख्या 1900 के पास होगी. कंपनी के मुताबिक 138 सभी स्टेशन पर उड़ानें बहाल हो चुकी हैं और ऑन-टाइम परफॉर्मेंस भी नॉर्मल स्तर पर वापस आ गया है.
CEO एल्बर्स ने वीडियो संदेश में कहा, "हमने यात्रियों को परेशानी दी, इसके लिए माफी चाहते हैं. लेकिन अब ऑपरेशंस स्टेबल हैं और नेटवर्क बहाल हो गया है." उन्होंने कहा कि 9 दिसंबर तक ऑपरेशन पूरी तरह सामान्य हो गए और अब वेबसाइट पर दिख रही फ्लाइट्स तय समय पर चलेंगी.
बैठक में मंत्री ने इंडिगो को साफ निर्देश दिए कि रिफंड और बैगेज हैंडओवर में कोई देरी नहीं होनी चाहिए. एयरलाइन के मुताबिक 6 दिसंबर तक प्रभावित फ्लाइट्स के 100% रिफंड कर दिए गए हैं, बाकी मामलों को फास्ट-ट्रैक किया जा रहा है. बैगेज भी बड़े पैमाने पर यात्रियों तक पहुंचा दिया गया है.
इंडिगो आमतौर पर हाई शेड्यूलिंग और night-utilisation मॉडल पर काम करती है. लेकिन नए सेफ्टी रूल्स, पायलट रेस्ट टाइम बढ़ने और नाइट लैंडिंग ऑपरेशन सीमित होने के बाद यह मॉडल अचानक टूट गया. इसके साथ मौसम, टेक्निकल इश्यू और रूटिंग मिसमैनेजमेंट ने हालात बिगाड़े.
1. सरकार ने इंडिगो पर 10% फ्लाइट कट क्यों लगाया?
ऑपरेशंस स्थिर करने और कैंसिलेशन कम करने के लिए.
2. क्या इंडिगो की उड़ानें अब सामान्य हो गई हैं?
एयरलाइन का दावा है कि 9 दिसंबर से ऑपरेशन स्टेबल हैं.
3. रिफंड की स्थिति क्या है?
6 दिसंबर तक प्रभावित फ्लाइट्स का पूरा रिफंड किया जा चुका है, बाकी प्रोसेस जारी है.
4. समस्या आखिर हुई कैसे?
क्रू रोस्टर मिसमैनेजमेंट, नए रेस्ट रूल्स, मौसम व भीड़ जैसे कारणों से.
5. DGCA क्या कार्रवाई कर रहा है?
नोटिस जारी, जांच कमेटी बन चुकी है और revised schedule मांगा गया है.