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IndiGo Crisis: देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन IndiGo पर उड़ानों का संकट और गहरा गया है. शनिवार को एयरलाइन ने दिल्ली और मुंबई से 200 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं. यह फैसला उस समय लिया गया जब एयरलाइन को कोर्ट द्वारा अनिवार्य नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) और विश्राम नियमों में कुछ अस्थायी ढील मिली थी. शुक्रवार को IndiGo ने देशभर में 1,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की थीं, जिससे यात्रियों में भारी नाराजगी और अफरातफरी का माहौल बन गया.
सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को मुंबई एयरपोर्ट पर 109 IndiGo उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें 51 आगमन और 58 प्रस्थान शामिल थे. वहीं दिल्ली एयरपोर्ट पर 106 उड़ानें रद्द हुईं—54 प्रस्थान और 52 आगमन. इससे हजारों यात्रियों को अचानक यात्रा रद्द होने की वजह से वैकल्पिक व्यवस्था ढूंढने में भारी परेशानी उठानी पड़ी.
शुक्रवार को जब IndiGo ने एक ही दिन में 1,000 से अधिक उड़ानों को रद्द किया, तब तीन दिनों की चुप्पी के बाद IndiGo के CEO पीटर एल्बर्स सामने आए और वीडियो संदेश जारी कर यात्रियों से माफी मांगी. उन्होंने कहा था कि शनिवार को उड़ानों की संख्या 1,000 से कम रहेगी, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे भी खराब निकली.
शुक्रवार को DGCA ने IndiGo को अस्थायी राहत देते हुए कई नियमों में ढील दी. इसमें रात की ड्यूटी की परिभाषा को 12 बजे रात से सुबह 6 बजे के बजाय 12 बजे रात से सुबह 5 बजे कर दिया गया. इसके अलावा, पायलटों को पहले सिर्फ दो नाइट लैंडिंग की अनुमति थी, जिसे बढ़ाकर फिर से छह नाइट लैंडिंग कर दिया गया. DGCA का कहना था कि यह कदम उड़ान संचालन को स्थिर करने के लिए अस्थायी तौर पर उठाया गया है.
लेकिन पायलट संगठन ALPA India ने DGCA की इन रियायतों को "unsafe" और "selective" बताते हुए कड़ा विरोध जताया. उनका कहना है कि इन बदलावों ने न केवल पायलटों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है, बल्कि कोर्ट के आदेशों की अवहेलना भी की है. संगठन का आरोप है कि DGCA के इस कदम से "regulatory parity" खत्म हो गई है और यात्रियों का जोखिम बढ़ गया है.
ALPA India का कहना है कि FDTL नियम वैज्ञानिक आधार पर तैयार किए गए थे ताकि पायलटों के थकान स्तर को नियंत्रित किया जा सके और संचालन को सुरक्षित बनाया जा सके. लेकिन नियमों को रोकना या उनमें ढील देना यात्रियों की सुरक्षा से समझौता है.
नए FDTL नियमों को जनवरी 2024 में पेश किया गया था, जिनका उद्देश्य पायलटों के लिए अधिक आराम समय सुनिश्चित करना और रात की उड़ानों की सुरक्षा बढ़ाना था. इन नियमों के तहत साप्ताहिक आराम 48 घंटे कर दिया गया था. रात के घंटे बढ़ाए गए थे. पायलटों को केवल दो नाइट लैंडिंग की अनुमति दी गई थी (पहले छह थीं).
IndiGo और Air India सहित कई एयरलाइंस ने इन नियमों का विरोध किया था. उनका कहना था कि इन नियमों को लागू करने के लिए अधिक पायलटों की जरूरत होगी, और अचानक बदलाव से ऑपरेशनल दिक्कतें बढ़ेंगी. पहले चरण को जुलाई में लागू किया गया, जबकि दूसरा चरण 1 नवंबर 2024 से शुरू हुआ.
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशों के चलते DGCA को यह नियम लागू करने पड़े, लेकिन अब जब उड़ान संकट गहरा गया, DGCA ने इसमें अस्थायी छूट देकर कंपनियों को राहत दी है. यही कदम विवाद का कारण बना हुआ है.
5 दिसंबर को सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने ALPA और अन्य पायलट संगठनों के साथ बैठक की. इसके बाद मंत्रालय ने घोषणा की कि संशोधित FDTL CAR के क्रियान्वयन को अभी के लिए अस्थायी रूप से रोक दिया गया है.
ALPA ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है और सुरक्षा को खतरे में डालता है. संगठन ने सरकार और DGCA से आग्रह किया है कि वे यात्रियों की सुरक्षा को व्यावसायिक हितों से ऊपर रखें.
पायलटों की कमी, नए नियमों का दबाव, और ऑपरेशनल गड़बड़ियों के चलते IndiGo पिछले 72 घंटों में देश की सबसे खराब स्थिति में पहुंच गई है. एक दिन में 1,000 उड़ानें रद्द होना भारत में किसी भी एयरलाइन के इतिहास में अभूतपूर्व है. शनिवार को भी हालात सामान्य नहीं हो पाए, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ती जा रही है.
IndiGo ने कहा है कि वह स्थिति को स्थिर करने की कोशिश कर रहा है और उड़ानों की संख्या धीरे–धीरे सामान्य की जाएगी. हालांकि पायलट संगठनों और DGCA के बीच जारी टकराव को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि स्थिति कब तक पूरी तरह सामान्य हो पाएगी.
FAQs
1. IndiGo ने शनिवार को कितनी उड़ानें रद्द कीं?
कुल 200 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें 109 मुंबई और 106 दिल्ली की थीं.
2. उड़ानें रद्द क्यों हो रही हैं?
नए FDTL नियमों, पायलटों की कमी, और ऑपरेशनल दबाव के कारण उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा है.
3. DGCA ने क्या रियायत दी है?
DGCA ने रात की ड्यूटी के घंटे घटाए और रात की लैंडिंग की सीमा दो से बढ़ाकर छह कर दी है.
4. ALPA India इसका विरोध क्यों कर रहा है?
ALPA का कहना है कि यह कदम पायलटों और यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करता है और कोर्ट आदेश के खिलाफ है.
5. स्थिति कब सुधरेगी?
IndiGo का कहना है कि स्थिति में सुधार हो रहा है, लेकिन पूर्ण रूप से सामान्य होने में समय लग सकता है.
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