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जेट एयरवेज के बेड़े में अब 28 विमान संचालित किए जा रहे हैं. (फोटो साभार - इंडियन ऑयल)
सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने ईंधन बकाया का भुगतान नहीं मिलने की वजह से नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज को शुक्रवार से ईंधन की आपूर्ति रोक दी. सूत्रों ने बताया कि आईओसी ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे से ईंधन आपूर्ति रोक दी है. इस बारे में निजी क्षेत्र की एयरलाइन को भेजे सवाल का जवाब नहीं मिल पाया. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुवाई वाला बैंकों का गठजोड़ ऋण पुनर्गठन योजना के तहत जेट एयरवेज के प्रबंधन का नियंत्रण अपने हाथ में लेने जा रहा है. एयरलाइन ने 26 विमानों के बेड़े के साथ अपनी उड़ानों की संख्या में भारी कटौती की है.
जेट एयरवेज के निदेशक मंडल ने 25 मार्च को एसबीआई की अगुवाई वाले बैंकों के गठजोड़ की निपटान योजना को मंजूरी दी थी, जिसके तहत बैंकों ने एयरलाइन में 1,500 करोड़ रुपये का आपात कोष डालने की बात कही थी. हालांकि, अभी तक एयरलाइन को यह कोष नहीं मिला है.
इंडियन ऑयल देशभर के डोमेस्टिक और इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कुल मिलाकर हर रोज 24 घंटे में कुल 1750 एयरक्राफ्ट में ईंधन भरता है. यानी प्रति मिनट एक से अधिक एयरक्राफ्ट में ईंधन की आपूर्ति करती है.
जेट एयरवेज के 28 विमान हैं परिचालन में
देश के नागरिक उड्डयन नियामक ने कहा है कि यात्री विमानन कंपनी, जेट एयरवेज के बेड़े में अब 28 विमान संचालित किए जा रहे हैं. नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने यह स्पष्टीकरण दिया है. इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा था कि जेट एयरवेज 15 या उससे कम विमान संचालित कर रही है और इस तरह वह अंतर्राष्ट्रीय उड़ान संचालित करने के अयोग्य हो जाएगी.
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जेट एयरवेज ने एक बयान में कहा, "नियामक (डीजीसीए) को सूचित करने के बाद कंपनी कटौती के बाद निर्धारित मार्गों पर पर्याप्त विमानों के साथ उड़ानें संचालित कर रही है" नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खारोला ने कहा कि करीब 80 फीसदी जेट उड़ानें अप्रैल के अंत तक शुरू हो जाएंगी. कंपनी अप्रैल तक 40 और विमानों को अपने बेड़े में शामिल करेगी.
(इनपुट एजेंसी से लेकर)