महंगा हवाई किराया नहीं पड़ेगा जेब पर भारी! जानिए इस त्योहारी सीजन में सरकार कर रही है क्या तैयारी

फेस्टिव सीजन (Festive Season) में यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए DGCA ने एयरलाइंस (Airlines) से कहा है कि वे फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाएं. इसके बाद IndiGo, Air India और SpiceJet जैसी कंपनियों ने 1700 से ज्यादा अतिरिक्त उड़ानें जोड़ने का फैसला किया है. DGCA का कहना है कि वह किराए (Airfare) और क्षमता (Capacity) पर लगातार नजर रखेगा.
महंगा हवाई किराया नहीं पड़ेगा जेब पर भारी! जानिए इस त्योहारी सीजन में सरकार कर रही है क्या तैयारी

त्योहारों के मौसम में ट्रैवल डिमांड (Travel Demand) बढ़ने लगी है. ऐसे में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (Directorate General of Civil Aviation - DGCA) ने एयरलाइंस को साफ निर्देश दिए हैं कि वह टिकट की कीमतों (Ticket Prices) पर कंट्रोल रखें और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फ्लाइट्स (Extra Flights) जोड़ें.

DGCA ने यह कदम इस वजह से उठाया, क्योंकि अक्टूबर से दिसंबर के बीच देशभर में यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है. पिछले साल कई रूट्स पर एयरफेयर दोगुना हो गया था, जिससे यात्रियों में नाराजगी दिखी थी.

एयरलाइंस का जवाब: 1700 से ज्यादा नई उड़ानें

DGCA की चेतावनी के बाद एयरलाइंस ने तुरंत एक्शन लिया है. 3 बड़ी कंपनियों ने अतिरिक्त उड़ानें जोड़ने की घोषणा की है, ताकि ट्रैवलर्स को सुविधा मिल सके. इंडिगो 730 नई उड़ानें शुरू कर रही है और स्पाइसजेट 546 उड़ानें जोड़ने वाली है. वहीं एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मिलकर करीब 486 नई उड़ानें शुरू करेंगे. इन नई उड़ानों से त्योहारों में फ्लाइट की कमी की समस्या काफी हद तक दूर होगी.

किराए पर रहेगी DGCA की पैनी नजर

DGCA ने कहा है कि वह एयरफेयर ट्रेंड्स (Airfare Trends) पर लगातार नजर रखेगा. अगर किसी सेक्टर में टिकट के दाम जरूरत से ज्यादा बढ़े तो एयरलाइंस से जवाब मांगा जाएगा. सिविल एविएशन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) का कहना है कि यात्रियों के हितों की रक्षा करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

फेस्टिव सीजन में फ्लाइट बुकिंग क्यों बढ़ती है?

भारत में अक्टूबर से जनवरी तक का समय सबसे व्यस्त ट्रैवल पीरियड (Travel Period) माना जाता है. इस दौरान दशहरा, दिवाली, क्रिसमस और न्यू ईयर जैसे त्योहार आते हैं. लोग अपने घरों या टूरिस्ट डेस्टिनेशंस पर जाने की योजना बनाते हैं, जिससे टिकट बुकिंग (Ticket Booking) में भारी बढ़ोतरी होती है.

Conclusion

DGCA का यह कदम यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है. त्योहारों के दौरान अगर फ्लाइट की संख्या बढ़ेगी तो टिकट के दाम स्थिर रहेंगे और यात्रियों को यात्रा में आसानी होगी.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- DGCA क्या काम करता है?

DGCA भारत में सिविल एविएशन की निगरानी और रेगुलेशन का काम करता है.

2- एयरफेयर कौन तय करता है?

एयरलाइंस अपने रूट और डिमांड के हिसाब से टिकट की कीमत तय करती हैं.

3- फेस्टिव सीजन में टिकट महंगे क्यों हो जाते हैं?

बढ़ती डिमांड और सीमित सीटों की वजह से.

4- क्या DGCA किराए पर नियंत्रण लगा सकता है?

DGCA सीधे दखल नहीं देता, लेकिन निगरानी करता है.

5- फेस्टिव सीजन में कितनी फ्लाइट्स बढ़ाई गई हैं?

करीब 1700 अतिरिक्त उड़ानें जोड़ी जा रही हैं.

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