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त्योहारों के मौसम में ट्रैवल डिमांड (Travel Demand) बढ़ने लगी है. ऐसे में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (Directorate General of Civil Aviation - DGCA) ने एयरलाइंस को साफ निर्देश दिए हैं कि वह टिकट की कीमतों (Ticket Prices) पर कंट्रोल रखें और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फ्लाइट्स (Extra Flights) जोड़ें.
DGCA ने यह कदम इस वजह से उठाया, क्योंकि अक्टूबर से दिसंबर के बीच देशभर में यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है. पिछले साल कई रूट्स पर एयरफेयर दोगुना हो गया था, जिससे यात्रियों में नाराजगी दिखी थी.
DGCA की चेतावनी के बाद एयरलाइंस ने तुरंत एक्शन लिया है. 3 बड़ी कंपनियों ने अतिरिक्त उड़ानें जोड़ने की घोषणा की है, ताकि ट्रैवलर्स को सुविधा मिल सके. इंडिगो 730 नई उड़ानें शुरू कर रही है और स्पाइसजेट 546 उड़ानें जोड़ने वाली है. वहीं एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मिलकर करीब 486 नई उड़ानें शुरू करेंगे. इन नई उड़ानों से त्योहारों में फ्लाइट की कमी की समस्या काफी हद तक दूर होगी.
DGCA ने कहा है कि वह एयरफेयर ट्रेंड्स (Airfare Trends) पर लगातार नजर रखेगा. अगर किसी सेक्टर में टिकट के दाम जरूरत से ज्यादा बढ़े तो एयरलाइंस से जवाब मांगा जाएगा. सिविल एविएशन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) का कहना है कि यात्रियों के हितों की रक्षा करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
भारत में अक्टूबर से जनवरी तक का समय सबसे व्यस्त ट्रैवल पीरियड (Travel Period) माना जाता है. इस दौरान दशहरा, दिवाली, क्रिसमस और न्यू ईयर जैसे त्योहार आते हैं. लोग अपने घरों या टूरिस्ट डेस्टिनेशंस पर जाने की योजना बनाते हैं, जिससे टिकट बुकिंग (Ticket Booking) में भारी बढ़ोतरी होती है.
DGCA का यह कदम यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है. त्योहारों के दौरान अगर फ्लाइट की संख्या बढ़ेगी तो टिकट के दाम स्थिर रहेंगे और यात्रियों को यात्रा में आसानी होगी.
DGCA भारत में सिविल एविएशन की निगरानी और रेगुलेशन का काम करता है.
एयरलाइंस अपने रूट और डिमांड के हिसाब से टिकट की कीमत तय करती हैं.
बढ़ती डिमांड और सीमित सीटों की वजह से.
DGCA सीधे दखल नहीं देता, लेकिन निगरानी करता है.
करीब 1700 अतिरिक्त उड़ानें जोड़ी जा रही हैं.
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