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DGCA notice to Air India: नागर विमानन नियामक DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने एयर इंडिया को चार कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notices) जारी किए हैं. ये नोटिस केबिन क्रू की ड्यूटी, रेस्ट टाइम, ट्रेनिंग नियमों और फ्लाइट ऑपरेशनल प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताओं को लेकर भेजे गए हैं. सूत्रों के मुताबिक ये नोटिस 23 जुलाई को तब जारी किए गए जब एयर इंडिया ने 20 और 21 जून को DGCA को कुछ स्वैच्छिक जानकारियां (Voluntary Disclosures) सौंपी थीं.
DGCA की तरफ से एयर इंडिया को कुल चार अलग-अलग मामलों में नोटिस भेजे गए हैं. इनमें से तीन नोटिस 20 जून को दिए गए स्वैच्छिक खुलासों के आधार पर हैं, जिनमें चार अल्ट्रा लॉन्ग हॉल फ्लाइट्स (27 अप्रैल की दो फ्लाइट्स, 28 अप्रैल और 2 मई की एक-एक फ्लाइट) में क्रू ड्यूटी और रेस्ट नियमों का उल्लंघन पाया गया है. इसके अलावा, क्रू ट्रेनिंग और ऑपरेशनल प्रोटोकॉल से जुड़े नियमों में भी कई उड़ानों में चूक पाई गई है — जिनमें 26 जुलाई 2024, 9 अक्टूबर 2024 और 22 अप्रैल 2025 की उड़ानें शामिल हैं.
एक अन्य शो-कॉज नोटिस में 24 जून 2024 और 13 जून 2025 को संचालित उड़ानों में फ्लाइट ड्यूटी पीरियड और साप्ताहिक विश्राम नियमों के उल्लंघन की बात कही गई है.
21 जून को एयर इंडिया द्वारा किए गए दूसरे सेट के खुलासे पर आधारित एक और नोटिस में कैबिन क्रू ट्रेनिंग और ऑपरेशनल प्रैक्टिस में गड़बड़ी की तीन घटनाओं का जिक्र है. ये घटनाएं 10-11 अप्रैल, 16 फरवरी से 19 मई और 1 दिसंबर 2024 की कुछ उड़ानों में सामने आई हैं.
एयर इंडिया की ओर से एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, “हमने बीते एक वर्ष में कुछ स्वैच्छिक खुलासे किए हैं और इन्हीं के संबंध में नियामक से नोटिस प्राप्त हुए हैं. हम तय समय सीमा में इनका जवाब देंगे. यात्रियों और क्रू की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटूट है.”
गौरतलब है कि हाल ही में एयर इंडिया एक बड़ी दुर्घटना के चलते भी सुर्खियों में रही. 12 जून को एयर इंडिया का Boeing 787-8 विमान, जो अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भर रहा था, टेकऑफ के कुछ ही समय बाद एक इमारत से टकरा गया. इस भीषण हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें से 19 लोग ज़मीन पर मौजूद थे. इस घटना ने एविएशन सेक्टर की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और DGCA की जांचें भी तेज़ हुई हैं.