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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी जेवर एयरपोर्ट ने पूरी तरह से चालू होने की दिशा में एक और कदम बढ़ा लिया है. नागरिक उड्डयन मंत्री के.राम मोहन नायडू ने डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) द्वारा जारी एयरड्रोम लाइसेंस नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सौंप दिया है. आपको बता दें कि एयरडोम लाइसेंस DGCA द्वारा जारी किया जाने किया जाने वाला आखिरी और सबसे जरूरी आधिकारिक क्लीयरेंस है, जिसके बाद ही किसी भी एयरपोर्ट से कमर्शियल प्लाइट्स का संचालन संभव हो पाता है.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, " राम मोहन नायडू ने DGCA द्वारा जारी एयरोड्रोम लाइसेंस नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को सौंप दिया है."
एयरोड्रोम लाइसेंस DGCA द्वारा एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 (नियम 78) के तहत जारी किया जाता है. इस लाइसेंस मिलने का सीधा मतलब है कि एयरपोर्ट अब तकनीकी और कानूनी दोनों तरीके से यात्रियों और फ्लाइट्स के आवगमन के लिए पूरी तरह से तैयार है.
सुरक्षा व्यवस्था की गारंटी देता है एयरोड्रोम लाइसेंस
एयरोड्रोम से पहले जेवर एयरपोर्ट को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी की ओर से सिक्योरिटी वेटिंग क्लीयरेंस मिला था. सिक्योरिटी वेटिंग अप्रूवल का मतलब है कि एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था उड़ान संचालन के लिए सुरक्षित मानी गई है. इसके बाद ही फ्लाइट शुरू होने की अंतिम प्रक्रिया आगे बढ़ती है. योगी सरकार का लक्ष्य जल्द से जल्द नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुभारंभ कर उसे ऑपरेशनल करने का है. इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.