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अगर आप विदेश यात्रा की प्लानिंग कर रहे हैं या आप एक एक्सपोर्टर-इंपोर्टर हैं, तो आपके लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है. अक्सर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लैंड होने के बाद यात्रियों को कस्टम डिक्लेरेशन के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता था और कागजी फॉर्म भरने पड़ते थे. लेकिन अब सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को आपकी मुट्ठी में यानी आपके मोबाइल फोन में समेट दिया है.
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने CBIC (Central Board of Indirect Taxes and Customs) के दो बड़े डिजिटल प्रोजेक्ट्स- 'अतिथि 2.0' (ATITHI 2.0) और 'SWIFT 2.0' को लॉन्च किया है. ये दोनों सिस्टम आपके सफर और बिजनेस को कैसे आसान बनाएंगे, आइए डिटेल में समझते हैं.
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यह ऐप विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए है जो विदेश से भारत आते हैं या भारत से कीमती सामान लेकर विदेश जाते हैं.
पेपरलेस डिक्लेरेशन: अब आपको एयरपोर्ट पर लैंड होने के बाद कस्टम फॉर्म (Customs Declaration Form) भरने की जरूरत नहीं होगी. आप फ्लाइट में बैठे-बैठे या घर से ही ऐप के जरिए अपनी जानकारी भर सकते हैं. आने वाले दिनों में यह पूरी तरह पेपरलेस अनुभव होगा.
यात्री अपनी विदेशी मुद्रा (Currency), सोने-चांदी की ज्वेलरी और अन्य कीमती सामान (Valuables) को सीधे ऐप पर दर्ज कर सकेंगे. इससे कस्टम अधिकारियों के पास पहले से डेटा होगा और चेकिंग प्रक्रिया तेज हो जाएगी.
विदेशी यात्रियों के लिए वरदान: अगर कोई विदेशी पर्यटक भारत आता है और अपना कीमती सामान डिक्लेयर करता है, तो वह अपनी वापसी की यात्रा के दौरान किसी भी एयरपोर्ट पर ऐप का रिकॉर्ड दिखाकर अपना सामान बिना किसी कानूनी अड़चन के वापस ले जा सकेगा.
व्यापार को बढ़ावा देने और कार्गो क्लियरेंस की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सरकार ने SWIFT 2.0 लॉन्च किया है. यह 'सिंगल विंडो इंटरफेस फॉर फैसिलिटेटिंग ट्रेड' का अपडेटेड वर्जन है.
वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म: अब व्यापारियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं काटने होंगे. कार्गो क्लियरेंस और सभी जरूरी दस्तावेजों को डिजिटल रूप से जमा करने के लिए यह एक सिंगल प्लेटफॉर्म होगा.
डॉक्यूमेंट सबमिशन हुआ आसान: सभी तरह के डॉक्यूमेंट सबमिशन अब इसी प्लेटफॉर्म के जरिए होंगे, जिससे मैन्युअल कागजी कार्रवाई खत्म होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी. यह प्लेटफॉर्म भारत की 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' रैंकिंग को सुधारने में बड़ी भूमिका निभाएगा.
सरकार का लक्ष्य है कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर आवाजाही को इतना आसान बना दिया जाए कि यात्रियों को पता भी न चले कि वे कस्टम चेक से गुजर रहे हैं.
समय की बचत: ऐप पर पहले से जानकारी होने के कारण कस्टम अधिकारी केवल उन्हीं लोगों को रोकेंगे जिन्हें गहन चेकिंग की जरूरत है. बाकी यात्री 'ग्रीन चैनल' से बिना किसी देरी के बाहर निकल सकेंगे.
भ्रष्टाचार और गलती की गुंजाइश कम: डिजिटल रिकॉर्ड होने से सब कुछ पारदर्शी होगा. कागजों के गुम होने या गलत जानकारी भरने का डर भी खत्म हो जाएगा. इससे अधिकारियों और यात्रियों के बीच विवाद की संभावना भी कम होगी.
इस ऐप का इस्तेमाल करना बेहद सरल बनाया गया है:
अतिथि 2.0 और SWIFT 2.0 का लॉन्च होना यह दिखाता है कि भारत अब तकनीक के मामले में दुनिया के विकसित देशों के बराबर खड़ा है. जहाँ 'अतिथि 2.0' आम यात्रियों के सफर को आरामदायक और तनावमुक्त बनाएगा, वहीं 'SWIFT 2.0' हमारे देश के व्यापार को नई रफ्तार देगा. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के अनुसार, ये कदम न केवल पारदर्शिता बढ़ाएंगे बल्कि भारत को एक ग्लोबल ट्रेड और ट्रैवल हब बनाने में भी मदद करेंगे.
1- अतिथि 2.0 ऐप का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए कस्टम डिक्लेरेशन की प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल बनाना है.
2- क्या मुझे अब भी एयरपोर्ट पर पेपर फॉर्म भरना होगा?
नहीं, अतिथि 2.0 ऐप का इस्तेमाल करने के बाद आपको लैंडिंग के बाद कागजी फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी.
3- अतिथि ऐप पर क्या-क्या डिक्लेयर किया जा सकता है?
आप अपनी ज्वेलरी, विदेशी मुद्रा और अन्य कोई भी कीमती सामान जो कस्टम फ्री लिमिट से ऊपर है, डिक्लेयर कर सकते हैं.
4- SWIFT 2.0 किसके लिए फायदेमंद है?
यह मुख्य रूप से व्यापारियों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए है, ताकि वे कार्गो क्लियरेंस और डॉक्यूमेंट सबमिशन एक ही जगह से कर सकें.
5- अतिथि ऐप को किसने और कब लॉन्च किया?
इसे केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने फरवरी 2026 में लॉन्च किया है.
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