&format=webp&quality=medium)
गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही पर्यटन और बिजनेस ट्रिप का सीजन चरम पर होता है, लेकिन इस बार आसमान की सैर करना आपके बैंक बैलेंस को बिगाड़ सकता है. भारत से उत्तर अमेरिका और यूरोप जाने वाली उड़ानों के किराए में अचानक आई इस तेजी ने यात्रियों के पसीने छुड़ा दिए हैं. पिछले कुछ ही हफ्तों के अंदर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकटों के दाम में 50% से लेकर 150% तक का रिकॉर्ड तोड़ उछाल देखा गया है, जिससे मिडिल क्लास के लिए विदेश यात्रा अब एक सपने जैसी लगने लगी है.
इस भारी बढ़ोतरी का असर केवल 7 समंदर पार जाने वाली उड़ानों पर ही नहीं, बल्कि भारत के आंतरिक हवाई मार्गों पर भी साफ दिखाई दे रहा है. घरेलू उड़ानों के किराए में भी 70% तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका सीधा मतलब है कि अब देश के भीतर एक शहर से दूसरे शहर जाना भी पहले जितना सस्ता नहीं रहा. एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और ईंधन की कीमतों ने उन्हें टिकटों के दाम बढ़ाने पर मजबूर कर दिया है, जिससे आने वाले महीनों में राहत की उम्मीद कम ही नजर आती है.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें
इस अचानक आई तेजी के पीछे 2 मुख्य वैश्विक कारण हैं-
मिडिल ईस्ट एयरस्पेस का बंद होना: मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव के कारण कई एयरस्पेस बंद कर दिए गए हैं. इसकी वजह से विमानों को लंबे रास्तों से उड़कर जाना पड़ रहा है. रास्ता लंबा होने का सीधा मतलब है ज्यादा ईंधन की खपत और ज्यादा परिचालन लागत.
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की आसमान छूती कीमतें: मई के महीने में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाले एटीएफ (ATF) के दाम में 100% की भारी बढ़ोतरी हुई है. कच्चा तेल महंगा होने से एयरलाइंस कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है, जिसका बोझ अब यात्रियों पर डाला जा रहा है.
ये भी पढ़ें- दीपिंदर गोयल के LAT Aerospace का विमान हुआ Crash, एक दिन पहले ही भरी थी सफल उड़ान, जानिए क्या बोली कंपनी
दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों से प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए 'स्पॉट एयरफेयर' (तुरंत बुकिंग का किराया) अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है.
| रूट (Route) | पुराना किराया (औसतन) | नया स्पॉट किराया (अनुमानित) | बढ़ोतरी (%) |
| दिल्ली से शिकागो | ₹80,000 - ₹1.20 लाख | ₹1.40 लाख - ₹2.40 लाख | 100%+ |
| दिल्ली से न्यूयॉर्क | ₹50,000 - ₹70,000 | ₹90,000 - ₹1.40 लाख | 80% - 120% |
| मुंबई से नेवार्क | ₹75,000 - ₹1.30 लाख | ₹1.40 लाख - ₹2.50 लाख | 90%+ |
| बेंगलुरु से सैन फ्रांसिस्को | ₹1.00 लाख - ₹1.70 लाख | ₹1.60 लाख - ₹2.80 लाख | 60%+ |
| दिल्ली से लंदन | ₹40,000 - ₹1.20 लाख | ₹70,000 - ₹2.20 लाख | 70%+ |
| दिल्ली से पेरिस | ₹40,000 - ₹1.25 लाख | ₹70,000 - ₹2.15 लाख | 70%+ |
| मुंबई से फ्रैंकफर्ट | ₹45,000 - ₹1.00 लाख | ₹70,000 - ₹1.50 लाख | 50%+ |
अंतरराष्ट्रीय संकट का असर केवल लंबी दूरी की उड़ानों तक सीमित नहीं है. भारत के घरेलू विमानन बाजार में भी किराए 70% तक बढ़ गए हैं. एटीएफ की ऊंची कीमतों के कारण घरेलू एयरलाइंस ने भी अपने बेस फेयर में इजाफा कर दिया है. इससे दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-बेंगलुरु और मुंबई-चेन्नई जैसे व्यस्त रूटों पर सफर करना अब पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है.
हवाई किराए में आई यह तेजी यात्रियों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है. मिडिल ईस्ट की अस्थिरता और तेल की बढ़ती कीमतें जब तक काबू में नहीं आतीं, तब तक राहत की उम्मीद कम ही नजर आती है. विशेषज्ञों की सलाह है कि अगर यात्रा बहुत जरूरी न हो, तो कुछ समय इंतजार करना बेहतर हो सकता है, या फिर अंतिम समय (Spot Booking) के बजाय बहुत पहले से टिकट बुक करने की कोशिश करें.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 1- अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया कितना बढ़ा है?
उत्तर अमेरिका और यूरोप जाने वाली उड़ानों का किराया 50% से लेकर 150% तक बढ़ गया है.
Q2 2- किराया बढ़ने की सबसे मुख्य वजह क्या है?
मिडिल ईस्ट एयरस्पेस का बंद होना और विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में 100% का उछाल मुख्य कारण हैं.
Q3 3- दिल्ली से लंदन का नया स्पॉट किराया क्या है?
दिल्ली से लंदन का स्पॉट किराया अब ₹70,000 से लेकर ₹2.20 लाख के बीच पहुंच गया है.
Q4 4- क्या घरेलू उड़ानों के दाम भी बढ़े हैं?
हां, घरेलू उड़ानों के किराए में भी 70% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
Q5 5- एटीएफ (ATF) की कीमतों में कितनी वृद्धि हुई है?
मई महीने में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए विमान ईंधन की कीमतों में 100% की वृद्धि हुई है.