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पिछले हफ्ते फ्रांस की कमर्शियल विमान बनाने वाली कंपनी, एयरबस ने अचानक एक चेतावनी जारी करके दुनिया भर के एविएशन सेक्टर को हिला दिया था. एयरबस ने जानकारी दी थी कि उसकी A320 सीरीज के एक विमान विश्लेषण के दौरान फ्लाइट कंट्रोल के लिए इस्तेमाल होने वाला जरूरी डेटा तेज सोलर रेडिएशन से प्रभावित हो सकता है. हालांकि इस दौरान किसी हादसे की खबर नहीं आई लेकिन इस घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया.
विश्लेषण के दौरान एक A320 बीच उड़ान में पल भर के लिए ऊंचाई खोकर नीचे आने लगा था. एयरबस ने दुनियाभर में अपने ज्यादातर विमानों को ग्राउंड करने की तत्काल सलाह जारी कर दी थी. जब इंजीनियरों ने इस गड़बड़ी का पता लगाया तो इसका कारण सोलर रेडिएशन को बताया.
सोलर रेडिएशन बर्स्ट ने विमान के फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटरों के साथ गड़बड़ी की थी. जिसके कारण एलिवेटर और एइलेरॉन का रिस्पौंस धीमा हो गया था. हालांकि, पायलट्स ने दोबारा नियंत्रण हासिल कर सुरक्षित लैंडिंग कर ली, लेकिन इस घटना ने एयरबस A320 का इस्तेमाल करने वाले देशों के एविएशन सेक्टर में खलबली मचा दी.
इसे देखते हुए यूरोप, अमेरिका और भारत की एविएशन अथॉरिटीज ने तत्काल तकनीकी जांच शुरू करने के आर्डर जारी कर दिए. आधुनिक जेट विमानों को कई स्तर की रिडंडेंसी, बैकअप सिस्टम और सैकड़ों घंटे के परीक्षणों के साथ बनाया जाता है. इस घटना से पता चला कि तेज सोलर रेडिएशन फ्लाइट के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर बुरा असर डाल सकते हैं. इससे नेविगेशन और फ्लाइट कंट्रोल में रुकावट आ सकती है.
इसके अलावा इस रुकावट का एक कारण और भी सामने आया है. न्यूज एजेंसी PTI को इंडियन एयर फोर्स (IAF) के एक रिटायर्ड पायलट, कप्तान एहसान खालिद ने एयरबस A320 विमानों की एक खराबी के बारे में बताया. उन्होंने A320 सिम्युलेटर पर डेमो देकर इस खराबी के बारे में बताया, जिसकी वजह से 6,000 से ज्यादा विमानों को ग्राउंडेड करना पड़ा था.
उन्होंने बताया कि एयरबस के इन विमानों के 2024 के सॉफ्टवेयर अपग्रेड में समस्या है. दिक्कत यह है कि ELAC 2 कंप्यूटर्स जिनका मकसद सही कंट्रोल इनपुट देना, इंडिकेशन देना और खामियों की निगरानी करना है, इन विमानों में वो ठीक से काम नहीं कर रहे. ELAC 2 विमान के दिमाग की तरह काम करते हैं. एयरबस A320 और सारे आधुनिक विमान ‘फ्लाई-बाई-वायर’ सिस्टम पर चलते हैं, क्योंकि इनमें एक कंट्रोल कॉलम होता है. इसे साइड स्टिक कहा जाता है- एक पायलट के लिए और एक फर्स्ट ऑफिसर के लिए होता है.
जब पायलट साइड स्टिक को आगे ढकेलता है, तो विमान नीचे की ओर झुकता है (pitch down) और जब इसे पीछे की तरफ खींचा जाता है तो विमान ऊपर की ओर उठता है (pitch up). फ्लाइट की यह मूवमेंट पायलट की कार्रवाई की वजह से होती है. लेकिन अगर यह अपने-आप होने लगे, तो इससे समस्या होती है.
एयरबस के मुताबिक A320 फैमिली के विमानों में फ्लाइट कंट्रोल से जुड़ी एक समस्या तेज सोलर रेडिएशन की वजह से हो रही है. जिसे दूर करने के लिए एयरलाइंस सॉफ्टवेयर अपग्रेड या हार्डवेयर रीअलाइमेंट कर रही हैं. इस घटना के बाद सोमवार को बाजार में एयरबस के शेयर 10% तक गिर गए थे.