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Air India ने अपने कर्मचारियों के लिए एक नई यात्रा नीति लागू करने का फैसला किया है. इस नीति के तहत कंपनी के CEO, वरिष्ठ अधिकारी और वरिष्ठ कमांडर अब भारतीय शहरों में इकोनॉमी क्लास में यात्रा करेंगे. यह बदलाव अगले महीने से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा.
नई नीति के तहत, 1 अप्रैल से टॉप मैनेजमेंट (वाइस प्रेसिडेंट और उससे ऊपर के अधिकारी) इकोनॉमी क्लास में यात्रा करेंगे. वहीं, 1 जून से वरिष्ठ कमांडरों पर भी यह नियम लागू होगा. पहले, ड्यूटी पर यात्रा करने वाले कर्मचारी घरेलू उड़ानों में भी बिजनेस क्लास का लाभ उठा सकते थे, लेकिन अब यह सुविधा केवल सीमित परिस्थितियों में उपलब्ध होगी.
Air India ने यह भी घोषणा की है कि यदि किसी उड़ान के बिजनेस या प्रीमियम क्लास की सीटें उड़ान से 50 मिनट पहले तक खाली रहती हैं, तो कर्मचारियों को अपग्रेड करने का विकल्प दिया जाएगा. इससे यह सुनिश्चित होगा कि पहले ग्राहकों को सीटें मिलें और उसके बाद ही एयरलाइन स्टाफ को अपग्रेड का लाभ मिले.
एयरलाइन के सूत्रों के अनुसार, पिछले 27 महीनों में प्रीमियम क्लास (बिजनेस और प्रीमियम इकोनॉमी) सीटों की मांग तेजी से बढ़ी है. इसी कारण से Air India ने यह नीति लागू करने का निर्णय लिया है ताकि ग्राहक पहले प्रीमियम सीटें बुक कर सकें.
Air India अपने विमानों में प्रीमियम क्लास सीटों की संख्या भी बढ़ा रही है. फिलहाल, एयरलाइन के A320 नैरो-बॉडी विमानों में प्रति सप्ताह 50,000 प्रीमियम इकोनॉमी सीटें उपलब्ध हैं. इनमें से 53 विमान विस्तारा एयरलाइन से आए हैं, जिनमें प्रत्येक में 24 प्रीमियम इकोनॉमी सीटें हैं. इसके अलावा, 14 A320neo विमानों में पहले ही प्रीमियम इकोनॉमी सीटें लगाई जा चुकी हैं.
Air India की योजना है कि अक्टूबर 2025 तक 27 और A320 विमानों को इकोनॉमी क्लास में री-कॉन्फिगर किया जाए. जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, तब एयरलाइन के पास प्रति सप्ताह 65,000 प्रीमियम इकोनॉमी सीटें होंगी. इनमें से 50% सीटें भारत के प्रमुख मेट्रो शहरों के बीच उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स में उपलब्ध होंगी.