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टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का संबोधन (फाइल फोटो)
देश की दिग्गज एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया इस समय एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है, लेकिन कंपनी का फोकस साफ है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया के कर्मचारियों से बात की. उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हम एयर इंडिया को एक वर्ल्ड-क्लास एयरलाइन बनाएंगे. हाल ही में एयरलाइन के कर्मचारियों के साथ टाउनहॉल मीटिंग में उन्होंने ये बात कही.
टाटा संस के चेयरमैन ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा समय मुश्किल जरूर है, लेकिन कंपनी ने पिछले कुछ सालों में मजबूत नींव तैयार कर ली है. अब जरूरत है फोकस बनाए रखने की और उन चीजों पर काम करने की जो हमारे कंट्रोल में हैं.
सूत्रों की माने तो एन. चंद्रशेखरन ने साफ कहा कि एविएशन सेक्टर इस समय कई चुनौतियों से जूझ रहा है. खासकर वेस्ट एशिया में जारी तनाव का असर एयरलाइंस पर दिख रहा है. एयरस्पेस प्रतिबंधों की वजह से कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा है, वहीं लंबी दूरी की फ्लाइट्स के रूट बदलने से समय और लागत दोनों बढ़े हैं.
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उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि इस समय सबसे जरूरी है कि सभी लोग एग्जीक्यूशन पर ध्यान दें. यानी जो काम उनके हाथ में है, उसे बेहतर तरीके से करें और फालतू की चीजों में ध्यान न भटकाएं.
टाटा ग्रुप के तहत आने के बाद एयर इंडिया में कई बड़े बदलाव हुए हैं. कंपनी ने करीब 17,000 नए कर्मचारियों को हायर किया है. इसके अलावा चार एयरलाइंस को मिलाकर दो बड़े प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं. फुल सर्विस और लो-कॉस्ट कैटेगरी में ये तैयारियां की गई हैं.
एयरलाइन ने अपने कोर सिस्टम्स को मॉडर्न बनाने का काम शुरू किया है. साथ ही फ्लीट बढ़ाने और पुराने विमानों को अपग्रेड करने पर भी काम चल रहा है. नेटवर्क और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में भी सुधार देखने को मिला है.
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सबसे अहम बात, कस्टमर एक्सपीरियंस और नेट प्रमोटर स्कोर (NPS) में भी सुधार हुआ है, जो बताता है कि यात्रियों का भरोसा धीरे-धीरे बढ़ रहा है.
चंद्रशेखरन ने साफ शब्दों में कहा कि सुरक्षा (Safety) कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. हर फैसला इसी बात को ध्यान में रखकर लिया जाएगा.
इसके अलावा, उन्होंने टाउनहॉल में Air India के विजन पर भी बात की. उनका कहना है कि कंपनी का लक्ष्य सिर्फ एक बड़ी एयरलाइन बनना नहीं, बल्कि ऐसी एयरलाइन बनना है जहां हर यात्री को बराबर सम्मान मिले. चाहे वह फ्रंट रो में बैठा हो या आखिरी सीट पर.
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चंद्रशेखरन ने कर्मचारियों से कहा कि वे अपने काम पर गर्व करें और खुद पर भरोसा रखें. उन्होंने यह भी कहा कि आलोचना (criticism) से घबराने की जरूरत नहीं है. अगर वह सही है तो उसे सुधारने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि कंपनी की जर्नी अभी शुरू हुई है और आगे लंबा रास्ता तय करना है.
Air India इस समय कई मोर्चों पर दबाव में है. हाल ही में कंपनी के सीईओ Campbell Wilson ने इस्तीफा दिया है. इसके अलावा, वेस्ट एशिया संकट की वजह से इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर असर पड़ा है.
मार्च महीने में कंपनी की करीब 13% इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं, जबकि फरवरी में यह आंकड़ा सिर्फ 2% था. इसके अलावा, पिछले साल अहमदाबाद में हुए विमान हादसे और मेंटेनेंस से जुड़ी खामियों ने भी कंपनी की चुनौतियां बढ़ाई हैं.
इन सबके बावजूद, टाटा ग्रुप एयर इंडिया के साथ मजबूती से खड़ा है. मैनेजमेंट का मानना है कि अगर फोकस बनाए रखा गया और सही दिशा में काम होता रहा, तो कंपनी अपने लक्ष्य को हासिल कर सकती है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 Air India टाउनहॉल में क्या कहा गया?
चेयरमैन N. Chandrasekaran ने कहा कि कंपनी चुनौतीपूर्ण दौर में है, लेकिन फोकस execution पर रखना होगा.
Q2 Air India का विजन क्या है?
कंपनी का लक्ष्य एक वर्ल्ड-क्लास एयरलाइन बनना है, जहां हर यात्री को बराबर सम्मान मिले.
Q3 पिछले कुछ सालों में कंपनी में क्या बदलाव हुए हैं?
17,000 से ज्यादा कर्मचारियों की भर्ती, एयरलाइंस का मर्जर, फ्लीट और सिस्टम्स का अपग्रेड.
Q4 कंपनी किन चुनौतियों का सामना कर रही है?
वेस्ट एशिया संकट, फ्लाइट कैंसिलेशन, लागत में बढ़ोतरी और मैनेजमेंट बदलाव.
Q5 कर्मचारियों को क्या सलाह दी गई?
काम पर फोकस रखें, आलोचना से सीखें और ग्राहकों को प्राथमिकता दें.