AIR INDIA-BPCL के खरीदारों को कर्मचारियों की छंटनी करने की नहीं होगी खुली छूट

AIR INDIA-BPCL: डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट के सचिव तुहीन कांत पांडे ने कहा है कि कर्मचारियों के लिये कुछ सुरक्षा उपाय किये जाएंगे और कुछ अन्य शर्तें होगी. इसे शेयर खरीद समझौते में रखा जाएगा.’
AIR INDIA-BPCL के खरीदारों को कर्मचारियों की छंटनी करने की नहीं होगी खुली छूट

एयर इंडिया और बीपीसीएल में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिये सरकार दो स्तरीय बोली प्रक्रिया का अनुकरण करेगी. (रॉयटर्स)

AIR INDIA-BPCL: डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट के सचिव तुहीन कांत पांडे ने कहा है कि घाटे में चल रही एयरलाइन एयर इंडिया (AIR INDIA) और ऑयल मार्केटिंग कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) के खरीदारों को अतिरिक्त कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की खुली छूट नहीं होगी. सरकार शेयर बिक्री समझौते में कर्मचारियों की सुरक्षा तय करेगी. आम तौर पर माना जाता है कि सरकारी कंपनियों में उसी क्षेत्र की प्राइवेट कंपनियों के मुकाबले कर्मचारियों की संख्या अधिक होती है. ऐसे में माना जा रहा है कि जो कंपनियां इन सरकारी उपक्रमों को खरीदना चाहती है, वे कर्मचारियों की संख्या को युक्तिसंगत बनाने के लिये कुछ को हटा सकती हैं.

पांडे ने कहा कि एयर इंडिया और बीपीसीएल में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिये सरकार दो स्तरीय बोली प्रक्रिया का अनुकरण करेगी. पहला संभावित बोलीदाताओं से रुचि पत्र आमंत्रित किये जाएंगे. उसके बाद उन्हें कंपनियों की जांच-परख के लिये आंकड़ों तक पहुंच दी जाएगी. पीटीआई की खबर के मुताबिक, दूसरे चरण में कीमत बोली आमंत्रित की जाएगी. एयर इंडिया के मामले में रुचि पत्र (EOI) 17 मार्च तक आमंत्रित किया गया है. वहीं बीपीसीएल के लिये बोली अगले कुछ दिनों में मंगाए जाने की संभावना है.

यह पूछे जाने पर कि क्या बोलीदाताओं को अधिग्रहण के बाद कर्मचारियों को निकालने की अनुमति दी जाएगी, पांडे ने कहा, ‘‘कर्मचारियों के लिये कुछ सुरक्षा उपाय किये जाएंगे और कुछ अन्य शर्तें होगी. इसे शेयर खरीद समझौते में रखा जाएगा.’’ हालांकि उन्होंने शर्तों के बारे में विस्तार से नहीं बताया. शेयर खरीद समझौते (एसपीए) पर वह कंपनी हस्ताक्षर करेगी, जो सरकारी हिस्सेदारी खरीदने को लेकर सबसे ऊंची बोली लगाएगी.

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सरकार एयर इंडिया में अपनी पूरी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है लेकिन चाहती है कि इसका प्रभावी नियंत्रण भारतीय नागरिकों के पास होगा. वहीं बीपीसीएल के मामले में सरकार अपनी पूरी 53.29 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है. बीपीसीएल खरीदने वाली कंपनी को देश की 14 प्रतिशत तेल रिफाइनिंग क्षमता एक झटके में हासिल हो जाएगी.

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