&format=webp&quality=medium)
अहमदाबाद विमान हादसे के बाद एयर इंडिया ने कम दूरी की उड़ानों में अस्थाई कटौती की घोषणा की थी. इससे एयरलाइन कंपनी की कुल नेटवर्क का 5 फीसदी से भी कम है. कंपनी ने यह कदम अपनी ऑपरेशनल स्थिरता को मजबूत करने और यात्रियों को आखिरी समय में होने वाली असुविधा से बचने के लिए उठाया है. यह बदलाव कम से कम 15 जुलाई 2025 तक प्रभावी रहेंगे. इस निर्णय के तहत एयर इंडिया ने तीन रूट्स पर अपनी सर्विस अस्थाई तौर से बंद कर दी है. इसके अलावा 19 दूसरे रूट पर फ्लाइट्स की फ्रीक्वेंसी भी कम कर दी है.
15 जुलाई 2025 तक बेंगलुरु से सिंगापुर की हफ्ते में सात उड़ाने, पुणे-सिंगापुर की हफ्ते में सात फ्लाइट्स, मुंबई-बागडोगरा की हफ्ते में सात उड़ानें रद्द कर दी गई है. इसके अलावा दिल्ली से मुंबई की 176 से 165 साप्ताहिक, दिल्ली-बेंगलुरु 116 से 113 साप्ताहिक और मुंबई-कोलकाता 42 से 30 साप्ताहिक की उड़ानों की संख्या को घटाई गई है. दिल्ली से गोवा (दोनों एयरपोर्ट) जाने वाली फ्लाइट्स को भी 14 से घटाकर 7 साप्ताहिक कर दिया है.
एयर इंडिया इन कटौतियों के बावजूद छोटी दूरी के उड़ानों के साथ 120 घरेलू और शॉर्ट-हॉल इंटरनेशनल रूट्स पर हर दिन लगभग 600 फ्लाइट्स संचालित करती रहेगी. एयरलाइन्स ने कहा है कि वह यात्रियों की पसंद के मुताबिक वैकल्पिक उड़ानों में सीटें, फ्री रीशेड्यूलिंग और पूरा रिफंड देने के लिए संपर्क कर रही है. एयर इंडिया ने अपने बयान में कहा है कि वह यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देती और जल्द ही शेड्यूल बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है.
नागर विमानन निदेशालय (डीजीसीए) ने रविवार को भारतीय एविएशन सेक्टर की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए नया कॉम्प्रिहेंसिव स्पेशल ऑडिट फ्रेमवर्क जारी किया. इस ऑडिट में एविएशन सेक्टर की विभिन्न इकाइयों को शामिल किया गया, जिनमें शेड्यूल और नॉन-शेड्यूल एयरलाइंस, रखरखाव मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) संगठन, उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ), एयर नेविगेशन सर्विस प्रोवाइडर्स (एएनएसपी) और ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियां (जीएचए) आदि शामिल हैं.