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Air India की फ्लाइट AI-171 के भीषण हादसे के करीब चार महीने बाद, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट में एयर इंडिया की किसी गलती या लापरवाही का कोई सबूत नहीं मिला है. एयरलाइन के संचालन, सुरक्षा सिस्टम या विमान की मेंटेनेंस प्रक्रिया में किसी बदलाव की जरूरत नहीं बताई गई है. एयर इंडिया के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर कैंपबेल विल्सन ने बताया कि रिपोर्ट साफ कहती है कि Air India की तरफ से किसी तरह की तकनीकी या प्रक्रिया से जुड़ी गलती नहीं हुई.
विल्सन एविएशन इंडिया 2025 सम्मेलन में बोल रहे थे, जहां उन्होंने कहा कि कंपनी हमेशा अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा करती है ताकि भविष्य में किसी भी घटना को रोका जा सके.
विल्सन ने कहा, “जो भी हादसा होता है, वो हमारे लिए एक सीख होती है. चाहे वो एयर इंडिया से जुड़ा हो या किसी दूसरी एयरलाइन से, हम हमेशा अपनी सिस्टम्स को बेहतर बनाने पर काम करते हैं.”
यह हादसा 12 जून 2025 को हुआ था. बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद से लंदन जा रहा था. उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद विमान अचानक नियंत्रण से बाहर हो गया और पास की एक कॉलेज बिल्डिंग से टकरा गया. इस दर्दनाक हादसे में 241 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सिर्फ एक यात्री जिंदा बच पाया.
जुलाई में आई प्रारंभिक रिपोर्ट में जो बात सामने आई, उसने जांचकर्ताओं को भी चौंका दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई अचानक कट गई थी. विमान के कॉकपिट में मौजूद दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच जल्दी-जल्दी “कट-ऑफ” पोजीशन में चले गए, जिससे इंजन बंद हो गए. करीब 10 सेकंड बाद जब स्विच दोबारा “ऑन” किए गए, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. दोनों इंजन बंद हो चुके थे और विमान नीचे गिर गया.
रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा कि उसने स्विच क्यों बंद किए, लेकिन दूसरे ने साफ मना कर दिया. कौन सा पायलट क्या बोला, यह रिपोर्ट में नहीं बताया गया है.
जांच एजेंसी ने यह भी कहा है कि वह तकनीकी खराबी की संभावना को खारिज नहीं कर रही और इस केस में एविएशन मेडिसिन और साइकोलॉजी एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है ताकि मानवीय गलती या मानसिक दबाव जैसी किसी स्थिति की जांच की जा सके.
CEO कैंपबेल विल्सन ने कहा कि एयर इंडिया पूरी तरह जांच एजेंसी के साथ सहयोग कर रही है, भले ही कंपनी सीधे जांच का हिस्सा नहीं है. उन्होंने कहा कि हम जांचकर्ताओं को हर जरूरी जानकारी दे रहे हैं. हमारा मकसद है कि इस हादसे से जो भी सीख मिलती है, उसका इस्तेमाल हम अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में करें.
विल्सन ने बताया कि हादसे के बाद एयर इंडिया ने अपने आंतरिक सुरक्षा ऑडिट और प्रक्रियाओं की समीक्षा की है. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में हमारी किसी गलती का जिक्र नहीं है, लेकिन हम फिर भी सुधार करते रहेंगे. हम हर अनुभव से कुछ नया सीखने की कोशिश करते हैं.”
हादसे की रिपोर्ट सामने आने के बाद एविएशन विशेषज्ञों ने कहा कि फ्यूल कंट्रोल सिस्टम में ऐसी घटना बहुत दुर्लभ होती है. कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तकनीकी गड़बड़ी से ज्यादा मानवीय त्रुटि या गलत स्विच ऑपरेशन का मामला हो सकता है. हालांकि जब तक अंतिम रिपोर्ट नहीं आती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.
कुछ एक्सपर्ट्स ने सुझाव दिया है कि भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए कॉकपिट सिस्टम में डबल-कन्फर्मेशन फीचर जोड़ा जाना चाहिए, ताकि किसी स्विच को गलती से बंद न किया जा सके.
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम अभी भी जांच में जुटी है. अंतिम रिपोर्ट दिसंबर 2025 तक आने की उम्मीद है. सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में तकनीकी डेटा, ब्लैक बॉक्स रिकॉर्डिंग, और पायलट की मेडिकल रिपोर्ट्स का गहराई से विश्लेषण किया जा रहा है. भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही किसी तरह की जवाबदेही तय की जाएगी.
FAQs
1. एयर इंडिया की AI-171 फ्लाइट कब क्रैश हुई थी?
यह हादसा 12 जून 2025 को हुआ था, जब विमान अहमदाबाद से लंदन जा रहा था.
2. हादसे में कितने लोगों की मौत हुई थी?
इस हादसे में 241 यात्रियों की मौत हुई और केवल एक व्यक्ति जीवित बचा.
3. जांच रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
AAIB की रिपोर्ट में कहा गया है कि एयर इंडिया की किसी प्रक्रिया या सिस्टम में कोई गलती नहीं मिली है.
4. विमान क्रैश की वजह क्या थी?
टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई अचानक बंद हो गई थी, जिससे इंजन फेल हो गए.
5. एयर इंडिया आगे क्या कदम उठा रही है?
एयर इंडिया जांच में सहयोग कर रही है और अपनी सुरक्षा प्रक्रियाओं को और बेहतर बनाने पर काम कर रही है.
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