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देश में ट्रैफिक नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है. ट्रैफिक नियम इसलिए तैयार किए गए हैं, ताकि लोग इनका पालन करें. लेकिन कई बार ऐसे मामले देखे गए हैं, जहां लोग इन ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते हैं और उन्हें पेनाल्टी भरनी पड़ती है. इतना ही नहीं, हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आंकड़ो के जरिए बताया था कि देश में हर साल कितने रोड एक्सीडेंट्स होते हैं और उसमें कितने लोगों की जान जाती है. आंकड़ों को जारी कर बताया गया था कि हर साल रोड एक्सीडेंट्स से जितनी मौत होती है, उसमें सबसे बड़ा कारण हेलमेट और सीटबेल्ट ना पहनने का होता है. इन दो ट्रैफिक नियमों का पालन ना करके लोग अपनी जान पर खेल जाते हैं. लेकिन अगर आप भी इन दो गलतियों को कर रहे हैं तो पहले यहां जान लें कि अब कितना जुर्माना देना पड़ेगा.
हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से ट्रैफिक के नियमों को सख्त किया गया था. मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जुर्माने की राशि को बढ़ाने का फैसला किया गया था. जब देखा गया कि लोग कम जुर्माने की वजह से इन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं तो सरकार ने जुर्माने की राशि बढ़ाई और नए नियम को लागू कर दिया.
मौजूदा समय में हेलमेट या सीटबेल्ट ना लगाने को लेकर जुर्माने की राशि को बढ़ा दिया है. कुछ समय पहले केंद्र सरकार ने जुर्माने की राशि को बढ़ाकर 10 गुना कर दिया था. इसमें हेलमेट ना पहनने पर जुर्माने की राशि को 100 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया था. इसके अलावा तीन महीने तक ड्राइविंग लाइसेंस को रद्द करने का भी प्रावधान रखा गया है.
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इसके अलावा सीटबेल्ट ना लगाने पर भी जुर्माने की राशि को बढ़ाकर 10 गुना तक करने का प्रावधान किया गया है. सीटबेल्ट ना लगाने पर जुर्माने की राशि पहले 100 रुपए थी और अब अमाउंट को बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया है.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आगे बताया कि रोड एक्सीडेंट में होने वाले ज्यादातर मामलों में सीट बेल्ट ना लगाना और हेलमेट ना लगाना बड़े 2 कारण हैं. इसमें 30 हजार जान सीटबेल्ट न लगाने के कारण जाती है और 55 हजार जान हेलमेट न पहनने के कारण जाती है. हर साल 5 लाख से ज्यादा रोड एक्सीडेंट्स होते हैं. इनमें से 1.80 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है.
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उन्होंने आगे बताया कि 1.44 लाख मारने वाले लोगों की उम्र 18-45 साल, जो कि कुल मौतों का 66.4 फीसदी है. इसके अलावा 10 हजार मरने वालों की उम्र 18 साल से नीचे है. ये आंकड़ा अपने आप में काफी बड़ा है.