Tata Motors ने कर दिया कमाल, इस प्लांट में महिलाओं को दी बड़ी जिम्मेदारी

टाटा मोटर्स ने जमशेदपुर प्लांट में एक नई असेंबली लाइन शुरू की है, जिसे पूरी तरह से महिला कर्मचारी चलाएंगी. यह भारत में अपनी तरह की पहली पहल है.
Tata Motors ने कर दिया कमाल, इस प्लांट में महिलाओं को दी बड़ी जिम्मेदारी

भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक नया इतिहास लिखा गया है. टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने अपने जमशेदपुर प्लांट में एक ऐसी असेंबली लाइन शुरू की है, जिसकी पूरी कमान महिला कर्मचारियों के हाथ में होगी. यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है, जहां गाड़ियों के इंजन से लेकर हर छोटे-बड़े पुर्जे को जोड़ने और तैयार करने का पूरा काम सिर्फ महिलाएं करेंगी.

टाटा मोटर्स ने इस ऐतिहासिक कदम को कार्यस्थल पर विविधता और लैंगिक समानता (gender equality) को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी पहल बताया है. जमशेदपुर प्लांट के प्लांट-3 में बने इस नए सेक्शन का उद्घाटन शुक्रवार को हुआ. इस मौके पर प्लांट हेड सुनील तिवारी और टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद थे.

'अब महिलाएं संभालेंगी पूरी जिम्मेदारी'

Add Zee Business as a Preferred Source

उद्घाटन के बाद प्लांट हेड सुनील तिवारी ने महिला कर्मचारियों से बात की और उन्हें सुरक्षा को सबसे ऊपर रखने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि यह टीम छोटे-छोटे सुधार करके बेहतरीन नतीजे देगी.

टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद ने कहा, "पहले महिलाएं सिर्फ सहयोगी भूमिका में होती थीं, लेकिन अब पूरे सेक्शन को चलाने की जिम्मेदारी उनकी होगी." उन्होंने विश्वास जताया कि यह महिला टीम उद्योग जगत में एक नई मिसाल कायम करेगी.

महिलाएं भी मोटर व्हीकल प्रोडक्शन करेंगी

यूनियन के महामंत्री आरके सिंह ने इस पहल को मैनेजमेंट की दूरदर्शी सोच बताया. उन्होंने महिला कर्मचारियों से एक साल तक बिना किसी दुर्घटना के काम करने का लक्ष्य रखने की अपील की.

यह कदम उन धारणाओं को तोड़ता है कि भारी तकनीकी काम सिर्फ पुरुष ही कर सकते हैं. अब महिलाएं भी मोटर व्हीकल प्रोडक्शन जैसे मुश्किल कामों में अपनी ताकत और हुनर का प्रदर्शन करेंगी, जो देश की लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगा.

FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. 'असेंबली लाइन' का क्या मतलब होता है?

ये फैक्ट्री में एक ऐसी व्यवस्था होती है, जहां किसी प्रोडक्ट के अलग-अलग हिस्सों को क्रम से जोड़ा जाता है जब तक कि वह पूरा न हो जाए.

2. इस पहल से समाज पर क्या असर पड़ेगा?

इससे यह संदेश जाएगा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं, जिससे लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा.

3. क्या इन महिला कर्मचारियों को कोई खास ट्रेनिंग दी गई है?

हां, ऐसे महत्वपूर्ण कामों के लिए कंपनी अपने कर्मचारियों को पूरी टेक्निकल और सेफ्टी ट्रेनिंग देती है.

4. टाटा मोटर्स ने यह कदम क्यों उठाया है?

यह कदम कार्यस्थल पर विविधता (diversity) और सभी को समान अवसर देने की कंपनी की नीति का हिस्सा है.

5. भारत में क्या किसी और ऑटो कंपनी ने ऐसा किया है?

नहीं, मोटर व्हीकल प्रोडक्शन प्लांट में पूरी असेंबली लाइन सिर्फ महिलाओं द्वारा चलाए जाने का यह भारत में पहला प्रयोग है.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6