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OLA, Uber और Rapido को टक्कर देने के लिए सरकार की ओर से सहकारी मोबाइल ऐप भारत टैक्सी ऐप लाई जा रही है. प्राइवेट ऑनलाइन कैब एग्रीगेटर की ओर से कई बार प्राइस सर्ज के मामले सामने आए और ग्राहकों को काफी समस्या हुई. अब इस समस्या से निपटने और इन निजी कैब एग्रीगेटर्स की मनमानी रोकने के लिए सरकार नया कदम उठा रही है.
इस कदम के तहत एक नई मोबाइल ऐप लाई जा रही है. प्राइवेट ऑनलाइन कैब एग्रीगेटर्स यानी प्राइवेट कैब ऐप्स द्वारा किराए में बढ़ोतरी (सर्ज प्राइसिंग) के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सहकारी मोबाइल ऐप 'भारत टैक्सी ऐप' टेस्टिंग और ट्रायल फेज में है.
गडकरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि भारत टैक्सी ऐप का उद्देश्य सहकारी मॉडल पर ड्राइवरों के स्वामित्व वाली एक एप्लीकेशन बनाना है. ये ऐप सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (एसटीसीएल) के तहत काम करेगा. राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) इस 'भारत टैक्सी' राइड-हेलिंग सेवा को स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहा है.
गडकरी ने आगे कहा कि सरकार ने मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स गाइडलाइंस, 2025 जारी की हैं, जिनका उद्देश्य एग्रीगेटर्स, जिनमें ऐप-आधारित कैब सेवाएं भी शामिल हैं, को हल्के तरीके से रेगुलेट करना है. साथ ही, यूजर्स की सुरक्षा और ड्राइवर की भलाई से संबंधित मुद्दों का ध्यान रखना है. इन गाइडलाइंस में किराए को लेकर भी नियम दिए गए हैं.
उन्होंने आगे कहा, "इन गाइडलाइंस में डायनेमिक प्राइसिंग की अनुमति दी गई है, जिसमें एग्रीगेटर्स राज्य-निर्धारित बेस फेयर से 50 प्रतिशत कम शुल्क ले सकते हैं और पीक घंटों में अधिकतम सर्ज प्राइसिंग को बेस फेयर के दो गुना तक सीमित किया गया है. साथ ही पारदर्शिता, जिम्मेदारी और यात्रियों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य द्वारा निर्धारित शुल्क को बेस फेयर माना जाएगा.”
1. भारत टैक्सी ऐप क्या है?
ये सरकार समर्थित सहकारी मॉडल वाला कैब ऐप है, जिसमें ड्राइवरों का स्वामित्व होगा और पारदर्शी किराया प्रणाली लागू होगी.
2. भारत टैक्सी ऐप किस चरण में है?
नितिन गडकरी के अनुसार, यह ऐप अभी टेस्टिंग और ट्रायल फेज में है.
3. नई गाइडलाइंस में सर्ज प्राइसिंग कैसे कंट्रोल होगी?
एग्रीगेटर पीक आवर्स में बेस फेयर के अधिकतम 2 गुना तक ही सर्ज प्राइस लगा सकेंगे.
4. ड्राइवरों को कितना भाड़ा मिलेगा?
ड्राइवर-स्वामित्व वाले वाहनों को 80% किराया, और एग्रीगेटर के वाहनों पर ड्राइवरों को 60% हिस्सा मिलेगा.
5. क्या यात्रियों से डेड माइलेज चार्ज लिया जाएगा?
नहीं. डेड माइलेज चार्ज केवल तब लागू होगा, जब यात्रा की दूरी 3 किमी से कम हो.
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