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फोटो क्रेडिट - कंपनी
देश में अब इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की दिक्कत और कम होने वाली है. देश की लीडिंग चार्जिंग इंफ्रा कंपनी Statiq को 18 मिलियन डॉलर का निवेश मिला है. इस निवेश से कंपनी देश में EV चार्जिंग इंफ्रा को बढ़ाएगी. भारत का इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर एक बार फिर रफ्तार पकड़ता दिख रहा है. खासतौर पर EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेशकों का भरोसा लौटता नजर आ रहा है.
इसी कड़ी में भारत के प्रमुख EV चार्जिंग नेटवर्क Statiq ने करीब 18 मिलियन डॉलर (लगभग 150 करोड़ रुपए) की नई फंडिंग जुटाई है. इस फंडिंग राउंड में इक्विटी और कर्ज दोनों शामिल हैं.
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इस फंडिंग राउंड को Tenacity Ventures ने लीड किया है. इसके अलावा इसमें Y Combinator, Shell Ventures और RCD Holdings की भी अहम भागीदारी रही. EV सेक्टर में बीते कुछ क्वार्टर्स में कई इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को फंडिंग की कमी का सामना करना पड़ा है. ऐसे में स्टेटिक को मिला यह निवेश इस बात का संकेत है कि अब निवेशक सिर्फ ग्रोथ स्टोरी नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस-बेस्ड और सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल पर दांव लगा रहे हैं.
स्टेटिक (Statiq) की शुरुआत 2020 में अक्षित बंसल (CEO) और राघव अरोड़ा (CTO) ने की थी. कंपनी ने भारत के EV इकोसिस्टम को ध्यान में रखते हुए एक फुल-स्टैक सॉल्यूशन तैयार किया है. इसमें प्रोप्राइटरी AC और DC फास्ट चार्जर्स के साथ मजबूत सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म शामिल है, जो चार्जिंग नेटवर्क को मैनेज करता है. आज स्टेटिक देश के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते EV चार्जिंग नेटवर्क्स में से एक बन चुका है.
स्टेटिक के CEO और को-फाउंडर अक्षित बंसल ने कहा कि ये निवेश सिर्फ फंडिंग का ऐलान नहीं, बल्कि उनके 20 साल के मिशन की पुष्टि है. उन्होंने बताया कि कंपनी ने यूनिट इकोनॉमिक्स पर फोकस किया और ऐसे प्रोडक्ट्स बनाए, जो भारत की अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों में बेहतर परफॉर्म कर सकें.
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उनके मुताबिक, स्टेटिक के चार्जर्स राजस्थान की तेज गर्मी से लेकर केरल की नमी तक में समान रूप से प्रभावी हैं. यह निवेश कंपनी को भारत में लीडर बनने के साथ-साथ ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद करेगा.
CTO राघव अरोड़ा ने कहा कि कंपनी का प्रोडक्ट रोडमैप हमेशा कस्टमर-फर्स्ट अप्रोच पर आधारित रहा है. नई फंडिंग से स्टेटिक अपने हार्डवेयर मैनेजमेंट सिस्टम को और बेहतर करेगा, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म को मजबूत बनाएगा और एडवांस्ड टेलीमैटिक्स को अपग्रेड करेगा. इसका मकसद 99.9% अपटाइम हासिल करना और पार्टनर्स को ऐसे ग्लोबल-रेडी सिस्टम देना है, जिससे वे स्टेटिक की टेक्नोलॉजी के साथ तेजी से ग्रोथ कर सकें.
टेनेसिटी वेंचर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर रोहित राज़दान ने कहा कि उनकी फर्म सिर्फ कंपनियों में नहीं, बल्कि मजबूत विज़न वाले फाउंडर्स में निवेश करती है. उनके मुताबिक, स्टेटिक केवल एक EV चार्जिंग कंपनी नहीं, बल्कि एक डीप-टेक प्लेटफॉर्म है, जो भारत के क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को सपोर्ट करता है. उन्होंने कहा कि स्मार्ट सॉफ्टवेयर और खासतौर पर डिजाइन किए गए हार्डवेयर के कॉम्बिनेशन ने स्टेटिक को तेज ग्रोथ के लिए मजबूत आधार दिया है.
स्टेटिक का प्लान है कि वह इस फंडिंग का इस्तेमाल कर देशभर में अपने चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार करे. कंपनी टियर-1 और टियर-2 शहरों में मौजूदगी बढ़ाएगी और बड़े हाईवे कॉरिडोर्स पर ज्यादा DC फास्ट चार्जर्स लगाएगी.
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इसके साथ ही, UAE में सफल पायलट प्रोजेक्ट्स के बाद कंपनी “मेड इन इंडिया” हार्डवेयर के एक्सपोर्ट के जरिए ग्लोबल मार्केट में भी कदम बढ़ाने की तैयारी कर रही है.
स्टेटिक अपने FOCO (फ्रैंचाइज़-ओन्ड, कंपनी-ऑपरेटेड) मॉडल के जरिए स्थानीय उद्यमियों को भी EV इकोसिस्टम से जोड़ रहा है. इस मॉडल में पार्टनर्स हार्डवेयर के मालिक होते हैं, जबकि ऑपरेशंस की जिम्मेदारी स्टेटिक संभालता है. इससे स्थानीय लोग ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन के भागीदार बनते हैं.
कुल मिलाकर, $18 मिलियन की यह फंडिंग न सिर्फ स्टेटिक के लिए, बल्कि भारत के EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए भी एक मजबूत पॉजिटिव सिग्नल मानी जा रही है.
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