देश में ट्रैफिक के नियम बनाए गए हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके और ज्यादा से ज्यादा लोग सुरक्षित रहें. लेकिन इसके बाद भी लोग लापरवाही करते हैं और ट्रैफिक के नियमों (Traffic Rules) का पालन नहीं करते. देश में अगर टू व्हीलर चलाने हैं तो इसके लिए कुछ नियम बनाए गए हैं. नियम ये है कि टू-व्हीलर चाहे मोटरसाइकिल हो या स्कूटर, इसे चलाने के लिए हेलमेट (Helmet Rules) पहनने की जरूरत पड़ती है. हालांकि देश में कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्हें बिना हेलमेट के टू-व्हीलर चलाने की अनुमति है.
1/5देश में एक समुदाय है, जिसे बिना हेलमेट के टू-व्हीलर चलाने की अनुमित है. हालांकि इस नियम को तोड़ने वालों के लिए सख्त जुर्माने का प्रावधान है लेकिन ये लोग इस प्रावधान के तहत नहीं आते हैं.
2/5देश में सिख समुदाय है, जिस इस बात की अनुमति है. सिख समुदाय के लोग ही इस देश में बिना हेलमेट के टू-व्हीलर यानी कि मोटरसाइकिल और स्कूटर को चला सकते हैं. हालांकि इसके लिए शर्त माननी पड़ती है.
3/5सिख समुदाय में सिर्फ उन्हीं लोगों को ये नियम ना मानने की अनुमति है, जो तुरबान यानी कि पगड़ी पहनते हैं. जो सिख पगड़ी नहीं पहनते हैं, उन्हें इस नियम को फॉलो करना जरूरी है. उन लोगों के लिए हेलमेट पहनना उतना ही जरूरी है, जितना बाकी लोगों के लिए है.
4/5भारत में सिख समुदाय के लोगों को बिना हेलमेट गाड़ी चलाने की छूट है. इसका कारण है सिख समुदाय के लोग सिर पर पगड़ी जरूर पहनते हैं. कई लेयर्स के साथ बंधी पगड़ी के ऊपर हेलमेट फिट नहीं बैठता. इस कारण ये हेलमेट नहीं पहन सकते. इसके अलावा लोगों को हेलमेट पहनाकर टूव्हीलर चलाने का नियम उसकी सुरक्षा के लिए बनाया गया है. हेलमेट सिर को गंभीर चोट से बचाने का काम करता. सिख समुदाय के लोगों का ये काम उनकी पगड़ी से हो जाता है.
5/5देश में सभी लोगों को टू व्हीलर के लिए हेलमेट पहनना बहुत जरूरी है. अगर टू व्हीलर चलाते वक्त हेलमेट नहीं पहना है तो 1000 रुपए तक का चालान कट सकता है. मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ये चालान काटा जाता है, जो सभी लोगों पर लागू होता है, सिर्फ सिख समुदाय के लोग ही इससे बचे हुए हैं.