बाइक चलाने के लिए पेट्रोल की जितनी जरूरत है, उतनी ही ज्यादा जरूरत कुछ सर्टिफिकेट्स की है. भारत में मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक राइडिंग या ड्राइविंग करते हुए लोगों को कुछ सर्टिफिकेट्स अपने पास रखना जरूरी होता है. ये सर्टिफिकेट्स लोगों का चालान कटने से बचाते हैं. इसके अलावा भी ये डॉक्यूमेंट्स कई सारे काम के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. इसलिए बाइक चलाने से पहले ये डॉक्यूमेंट्स अपने पास रख लेना बहुत जरूरी है. इंडिया में टू-व्हीलर चलाने पर आपको किन-किन डॉक्यूमेंट्स को अपने साथ रखना चाहिए, यहां इसकी जानकारी ले सकते हैं.
1/5बाइक चलाने के लिए ये डॉक्यूमेंट का कहना बहुत जरूरी है. रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या आरसी की हमेशा ही जरूरत रहती है. इसमें बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर, मेक और मॉडल और मालिक की डीटेल्स समेत कई सारी जानकारियां होती हैं.
2/5ये डॉक्यूमेंट भी राइडर के पास जरूर होना चाहिए. इस डॉक्यूमेंट को आरटीओ जारी करता है. हालांकि इसके लिए आपको पहले ड्राइविंग टेस्ट पास करना होता है. मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के मुताबिक, किसी भी राइडर को बाइक चलाते समय ड्राइविंग लाइसेंस रखना जरूरी है.
3/5सार्वजनिक सड़कों पर वाहन चलाने के लिए व्हीकल की इंश्योरेंस पॉलिसी भी होना काफी जरूरी है. ये डॉक्यूमेंट बताता है कि ये व्हीकल थर्ड पार्टी टू व्हीलर इंश्योरेंस से कवर्ड है. इस पॉलिसी में व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर, इंश्योरेंस कंपनी, कवरेज की टाइप, पॉलिसी का टेन्योर और कवरेज की लिमिट शामिल है.
4/5किसी बाइक को सड़क पर चला रहे हो तो इमिशन सर्टिफिकेट की भी काफी जरूरत होती है. इस सर्टिफिकेट में ये जानकारी होती है कि आपका व्हीकल कितना पॉल्यूशन जनरेट कर रहा है. लेकिन ये सर्टिफिकेट समय समय पर अपडेट होना जरूरी है.
5/5एक बाइक की उम्र 15 साल तक ही होती है. इसके बाद आपको बाइक का फिटनेस सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है, अगर आप उसे आगे भी चलाना चाहते हो. ऐसे में अगर आप 15 साल पुरानी बाइक चला रहे हो तो आपके पास बाइक का फिटनेस सर्टिफिकेट होना जरूरी है.