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दिल्ली में वायु प्रदूषण कोई नई समस्या नहीं है, लेकिन हर सर्दी में यह इतना गंभीर हो जाता है कि सरकार को सख्त कदम उठाने पड़ते हैं. इसी कड़ी में अब दिल्ली में पार्किंग महंगी करने का फैसला लिया गया है. जब भी राजधानी में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में पहुंचती है और GRAP स्टेज III या स्टेज IV लागू होता है, तब लोगों को अपनी गाड़ी पार्क करने के लिए पहले से दोगुना शुल्क चुकाना होगा, इस फैसले का मकसद साफ है निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना और लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट की ओर मोड़ना.
GRAP यानी Graded Response Action Plan, जो दिल्ली और NCR में वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए बनाया गया है. यह सिस्टम हवा की गुणवत्ता (AQI) के आधार पर चार स्टेज में काम करता है. इसमें अलग-अलग स्टेजेस होते हैं...
जैसे ही हवा स्टेज III या IV में पहुंचती है, वैसे ही सख्त प्रतिबंध लागू हो जाते हैं, जिनमें अब पार्किंग शुल्क दोगुना करना भी शामिल है.
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दिल्ली में वाहनों की संख्या बेहद ज्यादा है, शहर में 80 लाख से ज्यादा गाड़ियां रजिस्टर्ड हैं, जबकि पार्किंग की सुविधा सीमित है. रिसर्च बताती है कि सर्दियों में PM2.5 और PM10 जैसे खतरनाक प्रदूषकों में वाहनों की हिस्सेदारी काफी ज्यादा होती है. सरकार का मानना है कि जब तक निजी गाड़ियों का इस्तेमाल कम नहीं होगा, तब तक प्रदूषण पर काबू पाना मुश्किल है. इसलिए पार्किंग को महंगा बनाकर लोगों को यह सोचने पर मजबूर किया जा रहा है कि कार से जाना वाकई जरूरी है या नहीं.
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GRAP स्टेज III और IV के दौरान नगर निगमों और स्थानीय निकायों की अधिकृत पार्किंग साइट्स, सरकारी और सार्वजनिक पार्किंग स्थल- इन सभी जगहों पर मौजूदा पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा.
दिल्ली मेट्रो की पार्किंग सुविधाओं को इस नियम से छूट दी गई है. इसकी वजह यह है कि मेट्रो पार्किंग का मकसद लोगों को Park-and-Ride सुविधा देना है, जिससे वे अपनी गाड़ी मेट्रो स्टेशन पर खड़ी करके पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें. सरकार नहीं चाहती कि पार्किंग महंगी होने की वजह से लोग मेट्रो इस्तेमाल करना छोड़ दें. इसलिए DMRC के पार्किंग एरिया पर बढ़ा हुआ चार्ज लागू नहीं होगा.
यह आदेश पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत जारी किया गया है. अगर कोई एजेंसी या निकाय इन निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और अन्य दंडात्मक कदम उठाए जा सकते हैं.
दिल्ली का वायु प्रदूषण सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि सीधा स्वास्थ्य संकट है. बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए यह और भी खतरनाक साबित होता है. बढ़ते प्रदूषण से सांस की दिक्कत, आंखों में जलन, त्वचा रोग और फेफड़ों की बीमारी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में वाहनों पर लगाम लगाना बेहद जरूरी हो गया है.
इस फैसले के बाद:
जब दिल्ली में हवा की स्थिति बहुत खराब हो जाएगी और GRAP का स्टेज III या स्टेज IV लागू होगा, तभी पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा.
नहीं, यह व्यवस्था सिर्फ उसी समय लागू होगी जब प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंचेगा और GRAP एक्टिव रहेगा.
नहीं, दिल्ली मेट्रो की पार्किंग को छूट दी गई है ताकि लोग मेट्रो का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें.
इससे निजी गाड़ियों का इस्तेमाल घटेगा, ट्रैफिक कम होगा और वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी.
ऐसे मामलों में पर्यावरण संरक्षण कानून के तहत जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.