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केंद्र सरकार ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि सरकार एक नई नीति पर काम कर रही है, जिसका मकसद कंफर्टेबल और सस्टेनेबल पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना है. इसके साथ ही, पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप (Scrap) करने की नीति को और आकर्षक बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है. गडकरी ने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से इन बदलावों के लिए सुझाव मांगे हैं और संकेत दिए हैं कि जल्द ही स्क्रैपिंग पर अतिरिक्त GST छूट मिल सकती है.
नितिन गडकरी ने वाहन स्क्रैपिंग नीति को ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक "Win-Win" सिचुएशन बताया है. उन्होंने कहा कि इस नीति से कंपनियों को दोहरा फायदा होगा. एक तरफ, स्क्रैपिंग से उन्हें सस्ता कच्चा माल मिलेगा, जिससे गाड़ियों की लागत कम होगी. दूसरी तरफ, जब लोग अपनी पुरानी गाड़ियां स्क्रैप कराएंगे, तो नई गाड़ियों की मांग अपने आप बढ़ेगी.
मंत्री ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि जो लोग अपनी पुरानी गाड़ी स्क्रैप करके नई गाड़ी खरीदते हैं, उन्हें GST में अतिरिक्त छूट दी जाए. उन्होंने ऑटो कंपनियों से भी अपील की है कि वे स्क्रैप सर्टिफिकेट के बदले दिए जाने वाले डिस्काउंट को और बढ़ाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस नीति का फायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित हों.
गडकरी ने इस नीति के आर्थिक फायदों पर जोर देते हुए कहा, "स्क्रैपिंग से देश में लगभग 70 लाख नए रोजगार पैदा होंगे." उन्होंने यह भी बताया कि स्क्रैपिंग से 33% तक कच्चा माल और दुर्लभ अर्थ मैग्नेट (rare earth magnets) दोबारा हासिल किए जा सकेंगे, जो 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा. इसी विजन के तहत, उन्होंने ऑटो कंपनियों से बड़ी संख्या में स्क्रैप सेंटर और ड्राइविंग स्कूल में निवेश करने की अपील की है.
सरकार का ध्यान सिर्फ स्क्रैपिंग पर ही नहीं, बल्कि क्लीन फ्यूल को बढ़ावा देने पर भी है. नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि कंस्ट्रक्शन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और गाड़ियों को फ्लेक्स-फ्यूल (Flex-Fuel) और बायो-फ्यूल (Biofuels) पर चलाने के लिए जल्द ही एक इंसेंटिव स्कीम लाई जाएगी. यह कदम देश की जीवाश्म ईंधन (fossil fuel) पर निर्भरता को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी ऑटो कंपनियों से फॉसिल फ्यूल से क्लीन फ्यूल की तरफ तेजी से शिफ्ट होने की अपील की है. सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बाद अब बायो-फ्यूल पर अपना फोकस बढ़ा रही है. PMO ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि भारतीय ऑटो इंडस्ट्री रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर पर्याप्त निवेश नहीं कर रही है.
सरकार ने कंपनियों से इनोवेशन में निवेश बढ़ाने का आग्रह किया है और कहा है कि R&D में निवेश बढ़ाने पर सरकार उनका पूरा साथ देगी. सरकार चाहती है कि भारतीय कंपनियां न केवल घरेलू बाजार, बल्कि ग्लोबल बाजार पर भी अपना ध्यान केंद्रित करें.
1. स्क्रैपिंग पॉलिसी से ग्राहकों को क्या नया फायदा मिल सकता है?
सरकार पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर GST में अतिरिक्त छूट देने पर विचार कर रही है, जिससे नई गाड़ी खरीदना और सस्ता हो सकता है.
2. सरकार किन नए ईंधनों को बढ़ावा दे रही है?
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के अलावा अब फ्लेक्स-फ्यूल और बायो-फ्यूल को बढ़ावा देने के लिए एक नई इंसेंटिव स्कीम लाने की तैयारी में है.
3. स्क्रैपिंग पॉलिसी से देश को क्या फायदा होगा?
इस नीति से प्रदूषण कम होगा, 70 लाख नए रोजगार पैदा होंगे और स्क्रैप से कच्चा माल मिलने के कारण देश की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी.
4. क्या ऑटो कंपनियां स्क्रैपिंग के बदले डिस्काउंट बढ़ाएंगी?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऑटो कंपनियों से स्क्रैप सर्टिफिकेट के बदले दिए जाने वाले डिस्काउंट को बढ़ाने की अपील की है.
5. R&D को लेकर सरकार की क्या योजना है?
सरकार चाहती है कि ऑटो कंपनियां R&D में निवेश बढ़ाएं और सरकार इस प्रयास में उनका पूरा सहयोग करेगी ताकि वे ग्लोबल मार्केट में भी मुकाबला कर सकें.
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