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जर्मन की लग्जरी कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मर्सिडीज बेंज इंडिया (Mercedes-Benz) ने नया मुकाम हासिल किया है. कंपनी ने अपने पुणे में स्थित चाकन प्लांट से दो लाखवां यूनिट का प्रोडक्शन कर दिया है. कंपनी ने सोशल मीडिया हैंडल से इसकी जानकारी दी है. कंपनी ने इस 2 लाखवीं यूनिट को लोकल यानी कि स्थानीय प्लांट में ही मैन्युफैक्चर किया है. कंपनी का 200000th यूनिट ऑल इलेक्ट्रिक EQS SUV रही है, जिसे चाकन प्लांट में तैयार किया गया है. इस यूनिट को कंपनी के बोर्ड ऑफ मेम्बर Dr. Jorg Burzer, मर्सिडीज बेंज ग्रुप एजी और मर्सिडीज बेंज इंडिया के एमडी और सीईओ संतोष अय्यैर की ओर से रोल आउट किया गया है. इसके अलावा इस दौरान एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ ऑपरेशन्स व्यंकटेशन कुलकर्णी भी शामिल थे.
कंपनी का दावा है कि मर्सिडीज बेंज इंडिया की ये यात्रा 1995 साल से शुरू हुई थी. कंपनी को 3 दशक से ज्यादा का समय आ गया है. इसके अलावा कंपनी ने ये भी कहा कि ब्रांड ने इंडियन मार्केट में अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है. बता दें कि चाकन प्लांट से ही Mercedes-Maybach S500 का मैन्युफैक्चर होता है. 2015 के बाद जर्मनी से बाहर इंडिया में इसका प्रोडक्शन शुरू हुआ, जिसके बाद यहां से दूसरे मॉडल्स भी तैयार होने लगे.
मर्सिडीज बेंज इंडिया को हाल ही के साल में काफी पॉपुलैरिटी मिली है. शुरुआती 50,000 यूनिट्स को मैन्युफैक्चर होने में 19 साल का समय लगा. जबकि एक लाख यूनिट के प्रोडक्शन में 9 साल का समय लगा और आखिरी 50,000 यूनिट्स बीते साल 2 में मैन्युफैक्चर हो गई. ये दिखाता है कि भारत में लग्जरी कार का कितना बोलबाला है.
मर्सिडीज की ओवर ऑल सेल्स देखेंगे तो बीते फाइनेंशियल ईयर (2024-25) ये 4 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है लेकिन जनवरी से मार्च के बीच कंपनी की सेल्स में 11 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है. हालांकि कंपनी की जितनी भी गाड़ियां बिकी हैं, उनमें हर चार में से एक कार 1.5 करोड़ रुपए से ज्यादा की है. ऐसे में इस आंकड़े से पता चलता है कि देश में महंगी कार को खरीदने वालों लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
मर्सिडीज-बेंज की भारत में बिक्री पिछले वित्त वर्ष (2024-25) में 4.44 प्रतिशत बढ़कर 18,928 इकाई रही है. हालांकि, इस साल जनवरी-मार्च तिमाही में मर्सिडीज-बेंज इंडिया की बिक्री 11.8 प्रतिशत घटकर 4,775 इकाई रह गई.