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देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. कंपनी की कॉम्पैक्ट SUV फ्रॉन्क्स ने केवल 25 महीनों में 1 लाख यूनिट्स का एक्सपोर्ट पूरा कर लिया है, जिससे यह भारत की सबसे तेज़ एक्सपोर्ट होने वाली SUV बन गई है. फ्रॉन्क्स को अप्रैल 2023 में भारतीय बाजार में लॉन्च किया गया था और उसी साल इसके निर्यात की शुरुआत लैटिन अमेरिका, मिडल ईस्ट और अफ्रीका जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हुई. यह SUV मारुति के गुजरात स्थित अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में बनाई जाती है.
मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, हिसाशी ताकेउची ने इस उपलब्धि पर कहा कि ये उपलब्धि ‘मेक इन इंडिया’ पहल की असली ताकत को दर्शाती है. वैश्विक बाजारों के लिए विश्वस्तरीय वाहन बनाने की हमारी क्षमता और निर्यात पर बढ़ता फोकस मारुति सुज़ुकी को लगातार भारत की नंबर 1 पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्टर बनाए हुए है.
उन्होंने आगे बताया कि FY 2024-25 में फ्रॉन्क्स भारत की सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट की जाने वाली पैसेंजर कार भी रही है, और इसकी जापान में विशेष रूप से जबरदस्त सफलता रही है, जिसने इसके वॉल्यूम को तेज़ी से बढ़ाया.
मारुति सुज़ुकी लगातार चार साल से भारत की नंबर 1 पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्टर बनी हुई है. FY 2025-26 की पहली तिमाही में कंपनी ने 96,000 से अधिक वाहनों का निर्यात किया और इस दौरान इसका एक्सपोर्ट शेयर 47% रहा, जो अब तक का उच्चतम स्तर है. कंपनी वर्तमान में भारत से 17 मॉडल्स को लगभग 100 देशों में निर्यात करती है, जिनमें प्रमुख रूप से दक्षिण अफ्रीका, जापान और सऊदी अरब शामिल हैं.
वित्त वर्ष 2024-25 में मारुति सुज़ुकी का कुल निर्यात 3.3 लाख यूनिट्स को पार कर गया, जो कंपनी के इतिहास में किसी भी वित्त वर्ष में सबसे ज़्यादा है. इसमें 17.5% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई. इस दौरान फ्रॉन्क्स, जिम्नी, बलेनो, स्विफ्ट और डिजायर कंपनी के टॉप एक्सपोर्टेड मॉडल्स रहे.
मारुति सुज़ुकी की यह सफलता न केवल भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए गर्व की बात है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत के निर्माण कौशल को भी उजागर करती है. फ्रॉन्क्स की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता इस बात का संकेत है कि ‘मेक इन इंडिया’ की गूंज अब दुनिया भर में सुनाई दे रही है.