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अगर आपका कोई पेंडिंग ट्रैफिक चालान (Traffic Challan) है तो आपके लिए राहत की खबर है. बहुत जल्द नेशनल लोक अदालत का आयोजन होने वाला है. 13 सितंबर को नेशनल लोक अदालत (National Lok Adalat) का आयोजन होगा. इस दिन पेंडिंग ट्रैफिक चालान कम रकम में सेटल हो सकते हैं या माफ भी हो सकते हैं. ऐसे में अगर आप भी ट्रैफिक चालान को घटवाना या कम करवाना चाहते हैं तो यहां जान लें इस लोक अदालत के लिए कैसे रजिस्टर करना है.
बता दें कि लोक अदालत में छोटे मोटे नियमों के उल्लंघन वाले चालान में राहत मिलती है. शराब पीकर गाड़ी चलाने जैसे गंभीर मामलों पर सुनवाई नहीं होती. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करके टोकन लेना जरूरी है और उसी के मुताबिक सुनवाई में पहुंचना होता है.
नेशनल लोक अदालत में ट्रैफिक चालान से लेकर फैमिली विवाद, प्रॉपर्टी मामले और छोटे सिविल केस तक सेटल होते हैं. जज दोनों पक्षों को सुनकर वहीं ऑर्डर पास कर केस क्लोज कर देते हैं. बता दें कि लोक अदालत लीगल सर्विसेज अथॉरिटीज एक्ट 1987 के तहत आयोजित होती है .
कुछ मामले ऐसे हैं जहां लोक अदालत में सुनवाई नहीं होती है. ये वो चालान हैं, जहां लोक अदालत में कोई राहत नहीं मिलती. इनमें वो नियमों शामिल हैं, जिनके चालान भी बहुत ज्यादा होते हैं. इनमें से एक है शराब पीकर गाड़ी चलाना. ये वो चालान है, जिसकी लोक अदालत में भी कोई राहत नहीं मिलती है.
इसके अलावा हिट एंड रन केस, लापरवाह ड्राइविंग से मौत के मामले भी इस तरह की लिस्ट में आते हैं, जिनकी कोई सुनवाई नहीं होती है. इसके अलावा किसी नाबालिग की ओर से ड्राइविंग करना भी इसी लिस्ट में आता है. इसके अलावा इन चालान पर भी कोई सुनवाई नहीं होती है.
लोक अदालत में जाने से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है. अप्लाई करने के बाद टोकन नंबर और अपॉइंटमेंट लेटर मिलेगा. लेटर में तारीख और समय लिखा होगा. सुनवाई वाले दिन टोकन, अपॉइंटमेंट लेटर और जरूरी डाक्यूमेंट्स को साथ रखना है. तय समय से कम से कम एक घंटे पहले पहुंचने की सलाह दी जाती है.
अगर आप भी लोक अदालत के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं. यहां जाकर लोक अदालत ऑनलाइन अप्लिकेशन वाला ऑप्शन चुनें और फॉर्म भरें और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें. इसके बाद सब्मिट करने के बाद ईमेल या फोन पर टोकन नंबर आ जाएगा. सुनवाई वाले दिन टोकन के क्रम में केस बुलाया जाएगा.
1. लोक अदालत में फाइन कितना घटता है .
राहत केस के हिसाब से तय होती है और मौके पर बेंच डिसाइड करती है .
2. क्या बिना टोकन के लोक अदालत में जा सकते हैं .
आमतौर पर नहीं, पहले रजिस्ट्रेशन और टोकन जरूरी होते हैं .
3. पेमेंट कहां और कैसे होता है .
स्थानीय व्यवस्था के मुताबिक काउंटर या डिजिटल मोड से सेटलमेंट के समय होता है .
4. कंपनी के नाम पर गाड़ी है तो कौन जाएगा .
ऑथराइजेशन लेटर के साथ अधिकृत प्रतिनिधि जा सकता है .
5. क्या एक ही दिन कई चालान निपट जाएंगे .
हां . टोकन क्रम और स्थानीय लिमिट के हिसाब से संभव है .
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