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टाटा मोटर्स का लग्जरी कार ब्रांड जगुआर लैंड रोवर (JLR) के लिए बड़ी राहत की खबर आई है. एक महीने से ज्यादा समय से साइबर हमले की मार झेल रही कंपनी कल यानी 8 अक्टूबर से अपने मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन को फिर से शुरू करने जा रही है. रॉयटर्स के हवाले से मिली खबर के मुताबिक, कंपनी चरणबद्ध तरीके से अपने प्लांट्स में प्रोडक्शन शुरू करेगी. इसकी शुरुआत इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन मैन्युफैक्चरिंग सेंटर (EPMC) से होगी. इस खबर से कंपनी के निवेशकों और ग्राहकों ने राहत की सांस ली है.
ये खबर इसलिए भी अहम है क्योंकि साइबर हमले के कारण कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. पूरे सितंबर महीने में JLR के तीन प्लांट्स में कोई प्रोडक्शन नहीं हो सका, जिसका सीधा असर कंपनी की सेल्स पर देखने को मिला है.
टाटा मोटर्स की ओर से जारी किए गए सितंबर महीने के सेल्स आंकड़ों के मुताबिक, JLR की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज हुई है. सितंबर 2025 में कंपनी ने सिर्फ 6419 यूनिट्स की बिक्री की, जबकि पिछले साल सितंबर 2024 में यह आंकड़ा 10,807 यूनिट्स का था. यानी साल-दर-साल आधार पर कंपनी की सेल्स में लगभग 40% की गिरावट आई है. बिक्री में इस बड़ी गिरावट का मुख्य कारण साइबर अटैक के चलते प्रोडक्शन का ठप होना ही है.
टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली ब्रिटिश लग्जरी कार निर्माता कंपनी JLR पर सितंबर महीने की शुरुआत में एक बड़ा साइबर हमला हुआ था. यह हमला इतना गंभीर था कि कंपनी को अपने आईटी सिस्टम को पूरी तरह से बंद करना पड़ा ताकि नुकसान को और बढ़ने से रोका जा सके.
शुरुआत में प्रोडक्शन को कुछ दिनों के लिए रोका गया था, लेकिन हमले की गंभीरता को देखते हुए इस बंदी को 24 सितंबर तक बढ़ा दिया गया. दो हफ्ते से ज्यादा समय तक कंपनी अपने सिस्टम को पूरी तरह से सुरक्षित और चालू नहीं कर पाई, जिससे हजारों गाड़ियों का उत्पादन रुक गया.
यह साइबर हमला JLR के लिए एक बेहद चुनौतीपूर्ण समय पर हुआ. कंपनी पहले से ही अमेरिकी टैरिफ के कारण बढ़ती लागत और घटते मुनाफे जैसी समस्याओं से जूझ रही थी. अब इस प्रोडक्शन बंदी ने कंपनी पर और ज्यादा दबाव बढ़ा दिया. विश्लेषकों का मानना है कि एक महीने तक उत्पादन बंद रहने से JLR की ग्लोबल सप्लाई चेन और बिक्री के लक्ष्यों पर, खासकर अमेरिका और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में, गंभीर असर पड़ सकता है. इस संकट ने कंपनी के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है, जिससे उबरने में उसे कुछ समय लग सकता है.
अब जब प्रोडक्शन फिर से शुरू हो रहा है, तो उम्मीद है कि कंपनी जल्द ही अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को पूरी तरह से हासिल कर लेगी और सप्लाई चेन को सामान्य कर पाएगी. हालांकि, साइबर हमले से हुए नुकसान की भरपाई करना और ग्राहकों का विश्वास बनाए रखना कंपनी के लिए अगली बड़ी चुनौती होगी.
सवाल 1: JLR अपना प्रोडक्शन कब से शुरू कर रही है?
जवाब: JLR 8 अक्टूबर 2025 से अपने इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन मैन्युफैक्चरिंग सेंटर (EPMC) में चरणबद्ध तरीके से प्रोडक्शन फिर से शुरू करेगी.
सवाल 2: JLR का प्रोडक्शन क्यों बंद हुआ था?
जवाब: कंपनी के आईटी सिस्टम पर एक गंभीर साइबर हमला हुआ था, जिसके कारण सुरक्षा के लिहाज से कंपनी को अपने तीन प्लांट्स में प्रोडक्शन रोकना पड़ा था.
सवाल 3: सितंबर में JLR की बिक्री पर क्या असर पड़ा?
जवाब: साइबर हमले के कारण प्रोडक्शन ठप होने से सितंबर 2025 में JLR की बिक्री सालाना आधार पर लगभग 40% गिरकर 6419 यूनिट रह गई.
सवाल 4: यह साइबर हमला कंपनी के लिए इतना बड़ा संकट क्यों था?
जवाब: यह हमला ऐसे समय में हुआ जब कंपनी पहले से ही बढ़ती लागत और घटते मुनाफे जैसी समस्याओं से जूझ रही थी. प्रोडक्शन बंदी ने इन समस्याओं को और बढ़ा दिया.
सवाल 5: EPMC का क्या मतलब है?
जवाब: EPMC का पूरा नाम इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन मैन्युफैक्चरिंग सेंटर है. यह JLR का वह प्लांट है जहां इलेक्ट्रिक गाड़ियों से जुड़े पार्ट्स का निर्माण होता है.
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