इंडियन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री H2FY26 में पॉजिटिव, लेकिन अभी भी बने हुए हैं ये रिस्क

एक्सिस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय ऑटो सेक्टर वित्त वर्ष 26 की दूसरी छमाही में सकारात्मक रुख बनाए हुए है. जीएसटी कटौती, त्योहारों की मांग और टैक्स राहत से ग्रोथ की उम्मीद है, हालांकि चुनौतियां और जोखिम अभी भी बने हुए हैं.
इंडियन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री H2FY26 में पॉजिटिव, लेकिन अभी भी बने हुए हैं ये रिस्क

भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही के लिए सकारात्मक और आशावादी नजर आ रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, GST रेट कटौती, इनकम टैक्स में राहत और फेस्टिव सीजन से उपभोक्ता मांग में तेजी की उम्मीद है. हालांकि सेक्टर अभी भी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और कच्चे माल की लागत जैसी चुनौतियों के प्रति सतर्क है.

दोपहिया और तिपहिया वाहनों की मजबूत ग्रोथ

सितंबर में सबसे ज्यादा सकारात्मक प्रदर्शन दोपहिया और तिपहिया सेगमेंट में देखने को मिला. घरेलू टू-व्हीलर की बिक्री सालाना आधार पर 6% बढ़ी, जबकि मासिक आधार पर 18% की तेज वृद्धि हुई. इस दौरान रॉयल एनफील्ड ने 43%, सुजुकी मोटरसाइकिल ने 37% और टीवीएस मोटर ने 12% की जबरदस्त सालाना ग्रोथ दिखाई.

वहीं, तीनपहिया वाहन बिक्री सालाना आधार पर 12% और मासिक आधार पर 6% बढ़ी. एक्सपोर्ट भी मजबूत रहे, जिसमें सालाना आधार पर 17% और मासिक आधार पर 2% की उछाल देखने को मिली.

पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट की स्थिति

यात्री वाहनों की बिक्री में सितंबर में सालाना आधार पर 5% की गिरावट दर्ज की गई. हालांकि GST कट और बकाया स्टॉक क्लियरेंस की वजह से मासिक आधार पर बिक्री 16% तक बढ़ गई. कंपनी स्तर पर, जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर और टाटा मोटर्स ने क्रमशः 47% और 45% सालाना ग्रोथ के साथ शानदार प्रदर्शन किया. इनके बाद टोयोटा किर्लोस्कर और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) का स्थान रहा. वहीं, मारुति सुजुकी की PV बिक्री सालाना आधार पर 6% गिरी जबकि हुंडई की सेल्स स्थिर रहीं.

ट्रैक्टर सेगमेंट में रिकॉर्ड रिकवरी

फेस्टिव सीजन से पहले ट्रैक्टर इंडस्ट्री ने जबरदस्त रिकवरी दर्ज की. सितंबर में ट्रैक्टर बिक्री सालाना आधार पर 50% और मासिक आधार पर 124% बढ़ी.

  • एमएंडएम की ट्रैक्टर बिक्री सालाना आधार पर 50% और मासिक आधार पर 148% बढ़ी.
  • एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने सालाना 49% और मासिक 125% की बढ़ोतरी दर्ज की.
  • वीएसटी टिलर्स एंड ट्रैक्टर की बिक्री भी सालाना आधार पर 42% उछली.
  • अच्छा मानसून और जलाशयों में बेहतर पानी का स्तर इस सुधार के बड़े कारण रहे.

कमर्शियल व्हीकल (CV) सेगमेंट का प्रदर्शन

  • CV सेगमेंट ने भी सितंबर में अच्छा प्रदर्शन किया. घरेलू कमर्शियल व्हीकल बिक्री सालाना 11% और मासिक 19% बढ़ी.
  • टाटा मोटर्स और एमएंडएम ने डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की.
  • अशोक लेलैंड की बिक्री सालाना आधार पर 9% बढ़ी.
  • आयशर मोटर्स का VECV डिविजन सालाना आधार पर स्थिर रहा, लेकिन मासिक आधार पर 6% बढ़ा.
  • वहीं, मारुति सुजुकी की CV बिक्री सालाना आधार पर 7% गिरी.

आगे की संभावनाएं और जोखिम

एक्सिस सिक्योरिटीज का कहना है कि FY26 H2 में इंडस्ट्री को लेकर रुख सकारात्मक है. ब्रोकरेज को उम्मीद है कि फेस्टिव सीजन, GST रेट कटौती और नए मॉडल लॉन्च से यात्री वाहन सेगमेंट में सिंगल डिजिट ग्रोथ और CV सेगमेंट में स्थिर मांग बनी रहेगी.

ग्रामीण क्षेत्रों में खरीफ की अच्छी फसल और जलाशयों की बेहतर स्थिति ट्रैक्टर की बिक्री को और मजबूत करेगी. हालांकि, कच्चे माल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को लेकर सतर्कता जरूरी है.

आपके लिए जरूरी FAQs

Q1. हाल ही में किस रिपोर्ट में भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के H2 FY26 को लेकर सकारात्मक नजरिया दिया गया है?

A1. यह रिपोर्ट एक्सिस सिक्योरिटीज द्वारा जारी की गई है.

Q2. सितंबर 2025 में किस सेगमेंट ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया?

A2. दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर सेगमेंट ने सबसे अच्छी वृद्धि दिखाई.

Q3. पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री में सालाना आधार पर कितना बदलाव हुआ?

A3. सितंबर में पीवी बिक्री सालाना आधार पर 5% गिरी, हालांकि मासिक आधार पर 16% की वृद्धि हुई.

Q4. ट्रैक्टर बिक्री में तेज वृद्धि के पीछे क्या कारण रहे?

A4. अच्छा मानसून, जलाशयों में अधिक पानी का स्तर और ग्रामीण मांग ने ट्रैक्टर बिक्री को बढ़ावा दिया.

Q5. किस प्रमुख कंपनी की PV बिक्री सितंबर में गिरी?

A5. मारुति सुजुकी की PV घरेलू बिक्री सालाना आधार पर 6% गिरी, जबकि हुंडई की बिक्री स्थिर रही.

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