हार्ले डेविडसन 800-1600 cc पर जीरो टैरिफ, हाई एंड बाइक्स पर कम ड्यूटी, ऑटो सेक्टर को ट्रेड डील से क्या मिला

भारत अमेरिकी ट्रेड डील का अंतरिम फ्रेमवर्क जारी हो गया है. इस फैसले से ऑटो सेक्टर को बड़ी राहत मिली है. भारत-अमेरिकी के बीच हाई एंड बाइक्स पर ड्यूटी कम की जाएगी. वहीं, 800 से 1600 CC वाली हार्ले डेविडसन पर जीरो टैरिफ लगेगा.
हार्ले डेविडसन 800-1600 cc पर जीरो टैरिफ, हाई एंड बाइक्स पर कम ड्यूटी, ऑटो सेक्टर को ट्रेड डील से क्या मिला

भारत-अमेरिका ट्रेड डील का अंतरिम ढांचा सामने आ चुका है. भारत-यूएस व्यापारिक समझौते के तहत अमेरिका में भारतीय निर्यात पर टैरिफ 50 प्रतिशत से कम 18 प्रतिशत हो गया है. वहीं, ऑटो सेक्टर को भी इस फैसले से बड़ी राहत मिली है. भारत और अमेरिका के बीच हाई-एंड बाइक्स पर ड्यूटी कम की गई है. इसके अलावा हार्ले डेविडसन पर 800-1600 CC पर जीरो टैरिफ लगेगा. दोनों देश 3000 CC से ज्यादा कैपेसिटी कि कार को 30 परसेंट टैरिफ पर लेकर आएंगे लेकिन अभी 50 फीसदी टैक्स लगेगा.

ऑटो पार्ट्स के लिए टैरिफ रेट कोटा

ट्रेड में भारत को धारा 232 के तहत एयरक्राफ्ट्स पार्ट्स पर छूट मिलेगी. ऑटो पार्ट्स के लिए टैरिफ रेट कोटा मिलेगा. ​​​​​​ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) ने इस फ्रेमवर्क का स्वागत किया है. साथ ही कहा कि यह सप्लाई चेन को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

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बढ़ेगी एक्सपोर्ट कॉम्पेटेटिवनेस

  • ACMA के अध्यक्ष और जेके फेनर (इंडिया) वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रमपति सिंघानिया ने कहा कि ACMA भारत-अमेरिका ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए यह वास्तव में एक पॉजिटिव कदम है.
  • ऑटोमोटिव पार्ट्स के लिए प्रेफरेंशियल टैरिफ रेट कोटा कोटा की प्रतिबद्धता और चुनिंदा इनपुट्स पर से सेक्शन 232 टैरिफ को हटाना और प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत टैरिफ को तर्कसंग बनाने का रास्ता शामिल है.
  • इन सभी कदमों से हमारी एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ेगी और टेक्नोलॉजी के सेक्टर में सहयोग गहरा होगा.​

भारत–अमेरिका ऑटो कंपोनेंट व्यापार

(सभी आंकड़े मिलियन USD में हैं)

व्यापार का विवरणFY20-21FY21-22FY22-23FY23-24FY24-25H1 FY25-26
भारत का अमेरिका को निर्यात356152805648582362253124
अमेरिका का भारत को निर्यात9041218148214831505844

इन सेक्टर को भी होगा फायदा

अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौते से सबसे बड़ा फायदा देश की टेक्सटाइल, अपैरल, लेदर गुड्स और केमिकल और इंजीनियरिंग गुड्स इंडस्ट्री को होगा.

भारत की स्थिति होगी मजबूत

  • इससे लागत के मामले में प्रतिस्पर्धा कर रहे क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले भारत की स्थिति भी मजबूत होती है.
  • यह ढांचा भारतीय वस्तुओं की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क हटाने का मार्ग भी खोलता है.
  • भारत पर अमेरिकी शुल्क में कमी से भारत की दर अधिकांश आसियान देशों से कम हो जाती है और चीन के मुकाबले भारत को अच्छी स्थिति प्राप्त होती है.

एशियाई देशों में सबसे कम दरों वाला देश

डीबीएस ग्रुप रिसर्च की सीनियर अर्थशास्त्री राधिका राव ने कहा, "यह सफलता वास्तविक अर्थव्यवस्था एवं निर्यात, बाजार की भावनाओं और वित्तीय बाजारों के लिए स्पष्ट रूप से सकारात्मक है." डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लागू किए गए टैरिफ दरों में से भारत अब चीन, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश और वियतनाम जैसी अन्य एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सबसे कम दरों वाले देशों में से एक है.

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