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सड़क दुर्घटनाओं में अक्सर ऐसा होता है कि कोई गाड़ी टक्कर मारकर भाग जाती है और पीड़ित या उसका परिवार मुआवजे के लिए लंबे टाइम तक इधर-उधर भटकता ह रहता है. तो ऐसे मामलों में राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने “Compensation to Victims of Hit and Run Motor Accidents (Amendment) Scheme, 2026” लागू किया है. 2022 के रुल्स में बदलाव करने से लोगों को अब जल्दी मुआवजा मिल सकेगा.
आपको बता दें कि नए संशोधन का मकसद यही है कि हिट एंड रन दुर्घटनाओं के पीड़ितों को जल्दी और पारदर्शी तरीके से मुआवजा मिल सके. इसके लिए सरकार ने 2022 में बने नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं.
हिट एंड रन ऐसे हादसे को कहा जाता है जिसमें कोई वाहन किसी इंसान को टक्कर मारकर मौके से फरार हो जाता है और आरोपी वाहन या चालक की पहचान नहीं हो पाती. तो फिर ऐसे मामलों में पीड़ित या उसके परिवार को हेल्प देने के लिए सरकार ने Motor Vehicle Accident Fund बनाया हुआ है. इसी फंड से पीड़ितों को फाइनेंशियल मुआवजा दिया जाता है.
सरकार ने योजना को और प्रभावी बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं।
1. डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा
अब मुआवजा पाने के लिए एप्लीकेशन और कई प्रोसेस ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी की जा सकेंगे. इससे आवेदन करना आसान होगा और प्रक्रिया तेज होगी
2. नए पोर्टल का यूज
जनरल इंश्योरेंस काउंसिल की ओर से एक डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाएगा, जहां से आवेदन, रिपोर्ट और क्लेम से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा सकेगी.
3. जिला सड़क सुरक्षा समिति की भूमिका बढ़ी
जिले स्तर पर District Road Safety Committee इस योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेगी. यह समिति क्लेम से जुड़े आंकड़े रखेगी और जरूरत पड़ने पर पीड़ितों को मार्गदर्शन भी देगी.
4. राज्य स्तर पर निगरानी
राज्य सड़क सुरक्षा परिषद भी योजना की प्रगति की समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर सुधार के निर्देश जारी कर सकेगी.
5. धोखाधड़ी रोकने के प्रावधान
नई व्यवस्था में फर्जी क्लेम को रोकने के लिए भी कुछ अतिरिक्त प्रावधान जोड़े गए हैं.
आपको बता दें कि संशोधित नियमों के मुताबिक, जब क्लेम जांच अधिकारी अपनी रिपोर्ट दे देगा, उसके बाद क्लेम सेटलमेंट कमिश्नर को 15 दिनों के भीतर फैसला करने की कोशिश करनी होगी. इसके बाद मुआवजे की राशि मोटर वाहन दुर्घटना फंड से सीधे पीड़ित या उसके परिवार के बैंक खाते में भेजी जा सकती है.

कई मामलों में देखा गया कि हिट एंड रन हादसों के पीड़ितों को मुआवजा पाने में लंबा समय लग जाता था.जी हां कई बार प्रोसेस कठिन होने के कारण लोग आवेदन भी नहीं कर पाते थे.असल में सरकार का मानना है कि डिजिटल प्रक्रिया और साऱ जिम्मेदारियों से अब मुआवजा प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगीय
सड़क हादसों में हिट एंड रन के मामले अक्सर पीड़ित परिवार के लिए बड़ी मुश्किल बन जाते हैं.तो फिर ऐसे में सरकार की यह संशोधित योजना मुआवजा प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और आसान बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. जी हां सरकार को उम्मीद है कि इससे दुर्घटना पीड़ितों को समय पर फाइनेंशियल हेल्प मिल सकेगी और उन्हें लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
FAQs
1. हिट एंड रन मुआवजा योजना क्या है?
यह सरकार की योजना है जिसके तहत सड़क हादसे में टक्कर मारकर भागने वाले वाहन के मामलों में पीड़ित या उसके परिवार को Motor Vehicle Accident Fund से मुआवजा दिया जाता है.
2. 2026 के संशोधन में क्या नया बदलाव किया गया है?
नई व्यवस्था में डिजिटल पोर्टल से आवेदन, जिला और राज्य सड़क सुरक्षा समितियों की भूमिका बढ़ाना और क्लेम प्रक्रिया को तेज करना शामिल है.
3. हिट एंड रन हादसे में मुआवजा किसे मिलता है?
दुर्घटना में घायल व्यक्ति या उसकी मृत्यु होने पर उसके परिवार के कानूनी प्रतिनिधि को मुआवजा दिया जाता है.
4. मुआवजा पाने के लिए कौन-से दस्तावेज जरूरी हैं?
एफआईआर की कॉपी, अस्पताल या मेडिकल रिपोर्ट, दुर्घटना की जानकारी और बैंक खाते का विवरण जैसे दस्तावेज जमा करने होते हैं.
5. क्लेम का फैसला कितने समय में हो सकता है?
नए नियमों के अनुसार जांच रिपोर्ट मिलने के बाद क्लेम सेटलमेंट कमिश्नर लगभग 15 दिनों के भीतर फैसला करने की कोशिश करेगा.