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15 अगस्त के प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के बाद देश में GST स्लैब पर चर्चा तेज हो गई है. रोजमर्रा की कई चीजों पर टैक्स घटने की उम्मीद जताई जा रही है और अब बात गाड़ियों तक भी पहुंच गई है. इस मुद्दे पर दिल्ली और देश के व्यापारियों के शीर्ष संगठन Chamber of Trade & Industry (CTI) ने कदम उठाया है और प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर छोटी और मिड-साइज गाड़ियों पर 28% GST घटाकर 18% करने की मांग की है. CTI का कहना है कि ऐसा होने पर गाड़ियां औसतन 50-70 हजार रुपए तक सस्ती हो सकती हैं और पहली बार कार खरीदने वालों के लिए बड़ा फायदा होगा.
अगर सरकार की ओर से CTI की ये मांग मान ली जाती है तो इससे आम जनता को बड़ा फायदा मिलेगा. जीएसटी की दर कम होंगी तो छोटी साइज वाली गाड़ियां सस्ती होंगी और इससे छोटी कार का मार्केट शेयर भी बढ़ेगा.
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने सरकार के सामने प्रस्ताव रखा है कि जीएसटी की दर को 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया जाए. ऐसा करने से छोटी कार सस्ती होंगी और लोग छोटी साइज वाली कार को प्राथमिकता देंगे. उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया है कि कैसे जीएसटी की दर घटने से काम सस्ती हो सकती है.
| कार का एक्स-शोरूम प्राइस | 28% GST लागू होने पर कीमत | 18% GST लागू होने पर कीमत | बचत राशि |
|---|---|---|---|
| ₹6,00,000 | ₹7,74,000 | ₹7,08,000 | ₹66,000 |
| ₹5,50,000 | ₹7,05,000 | ₹6,49,000 | ₹56,000 |
| ₹4,50,000 | ₹5,76,000 | ₹5,31,000 | ₹45,000 |
| ₹3,50,000 | ₹4,48,000 | ₹4,13,000 | ₹35,000 |
| ₹3,00,000 | ₹3,84,000 | ₹3,54,000 | ₹30,000 |
उदाहरण के तौर पर 6 लाख रुपए एक्स-शोरूम कीमत वाली कार पर अभी 28% GST जोड़ने के बाद कीमत लगभग 7,74,000 रुपए हो जाती है. अगर इसी पर 18% GST लगे, तो वही कार लगभग 7,08,000 रुपए में मिल जाएगी, यानी करीब 66,000 रुपए की बचत होगी.
इसके हिसाब से आम तौर पर छोटी गाड़ियों की कीमतें 50,000 से 70,000 रुपए तक कम हो सकती हैं. ऐसे में पहली बार कार खरीदने वाले भी मार्केट में उतर सकते हैं, जिससे मांग बढ़ने की उम्मीद है.
CTI के उपाध्यक्ष राहुल अदलखा और राजेश खन्ना ने कहा कि अगर GST घटती है, तो नई कार खरीदने वालों की संख्या बढ़ सकती है. इससे छोटी और मिड-साइज कारों के मार्केट को बूस्ट मिलेगा और आम लोगों को भी आर्थिक राहत मिलेगी. विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय से भारत में छोटी गाड़ियों की बिक्री में तेजी लाने के लिए कीमत में कमी जरूरी थी और GST में कटौती इस दिशा में पहला बड़ा कदम हो सकता है.
CTI ने पत्र में कहा कि GST में कटौती से ऑटो सेक्टर को सीधे फायदा होगा. डीलर्स और मैन्युफैक्चरर्स के लिए भी यह एक सकारात्मक संकेत है. अगर छोटे और मिड-साइज गाड़ियों की कीमतें कम होती हैं, तो डीलर्स त्योहारों और साल के शेष समय में इन्वेंट्री बढ़ा सकते हैं और बिक्री में तेजी ला सकते हैं.
इंडस्ट्री का मानना है कि GST कटौती सिर्फ कीमत घटाने तक ही सीमित नहीं, बल्कि इससे मार्केट में नयी कार खरीदने वालों की संख्या बढ़ेगी और ऑटो सेक्टर को लंबी अवधि में स्थिरता मिलेगी.
बढ़ी कीमतों की वजह से कई लोग पहली बार कार खरीदने में हिचकिचा रहे थे. CTI का कहना है कि GST घटने से गाड़ियों की कीमतें कम होंगी और आम आदमी की जेब पर बोझ कम होगा. इससे छोटे और मिड-साइज कारों की लोकप्रियता बढ़ सकती है और सेल्स में भी तेजी आएगी.
Q1: CTI ने PM मोदी को पत्र क्यों लिखा है?
A1: CTI ने छोटी और मिड-साइज गाड़ियों पर 28% GST घटाकर 18% करने की मांग की है ताकि कीमतें 50-70 हजार तक कम हो सकें और खरीदारों को राहत मिले.
Q2: GST घटने से गाड़ियों की कीमत में कितना फर्क पड़ेगा?
A2: 6 लाख रुपए एक्स-शोरूम कार की कीमत 28% GST के साथ 7,74,000 रुपए है, 18% GST पर यह 7,08,000 रुपए हो जाएगी. यानी करीब 66,000 रुपए की बचत.
Q3: GST कटौती से मार्केट पर क्या असर होगा?
A3: पहली बार कार खरीदने वालों की संख्या बढ़ सकती है, छोटी और मिड-साइज कारों की बिक्री बढ़ सकती है और ऑटो मार्केट को बूस्ट मिलेगा.
Q4: आम लोगों को इससे कैसे फायदा होगा?
A4: गाड़ियों की कीमतें कम होंगी, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ कम होगा और वह पहली बार या दूसरी कार आसानी से खरीद सकेगा.
Q5: GST कटौती के बाद डीलर्स और इंडस्ट्री को क्या फायदा होगा?
A5: डीलर्स इन्वेंट्री बढ़ा सकते हैं, सेल्स में तेजी आएगी और ऑटो सेक्टर को लंबी अवधि में स्थिरता मिलेगी.
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