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भारत सरकार की ओर से ऑटो सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया गया है. जीएसटी (GST) काउंसिल ने गाड़ियों पर लगने वाले टैक्स को घटाकर 18% कर दिया है. इस फैसले का सबसे ज्यादा असर कमर्शियल व्हीकल्स (Commercial Vehicles) और पैसेंजर कार मार्केट पर दिखेगा.
टाटा मोटर्स (Tata Motors) और Hyundai Motor India दोनों कंपनियों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे न सिर्फ ग्राहकों को फायदा होगा बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिलेगी.
Tata Motors के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर गिरीश वाघ ने कहा कि सरकार के इस कदम से कमर्शियल व्हीकल सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी. अब ट्रक, बस और एम्बुलेंस पर जीएसटी 18% ही लगेगा. उन्होंने कहा कि इस सुधार से ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री की बड़ी समस्या, इनवर्टेड ड्यूटी का भी हल मिलेगा.
इससे फ्लीट मॉडर्नाइजेशन (नई और सुरक्षित गाड़ियों की खरीद) तेजी से होगी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलेगी. इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल सेल (Hydrogen Fuel Cell) पर जीएसटी घटाकर 5% कर दिया गया है, जिससे भारत की ग्रीन मोबिलिटी (Green Mobility) की दिशा और मजबूत होगी.
Hyundai Motor India Limited (HMIL) के मैनेजिंग डायरेक्टर उनसू किम ने भी इस फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा और उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाएगा. Hyundai के मुताबिक, इस रेट कट से उनकी ICE (इंटरनल कम्बशन इंजन) कारों में से करीब 60% गाड़ियां अब 18% जीएसटी स्लैब में आएंगी. बाकी मॉडल्स पर 40% जीएसटी लगेगा.
कंपनी का मानना है कि इस कदम से अर्बन और रूरल, दोनों मार्केट्स में कारों की डिमांड बढ़ेगी. साथ ही Make in India और Viksit Bharat की दिशा में यह बड़ा योगदान साबित होगा.
इस फैसले का स्वागत करते हुए Volvo Car India के मैनेजिंग डायरेक्टर ज्योति मल्होत्रा ने कहा कि यह कदम ग्राहक सेंटिमेंट को मजबूत करेगा और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा. ज्योति मल्होत्रा ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5% GST जारी रखना सरकार की साफ नीति दिखाता है कि वह देश में ग्रीन मोबिलिटी और इलेक्ट्रिफिकेशन को बढ़ावा देना चाहती है. इसका फायदा सीधे ग्राहकों को मिलेगा और EVs की डिमांड और बढ़ेगी.
Volvo Car India ने कहा कि पैसेंजर व्हीकल्स पर कंपनसेशन सेस हटाना भी एक प्रोग्रेसिव कदम है. इससे बाजार में डिमांड बढ़ेगी और गाड़ियों की कीमतें और किफायती बनेंगी. हालांकि, ज्योति मल्होत्रा ने यह भी कहा कि अगर सभी इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) गाड़ियों पर एक समान टैक्स स्ट्रक्चर हो जाए, तो इससे इंडस्ट्री में इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को और बढ़ावा मिलेगा.
इसी फैसले पर Odysse Electric के CEO नेमिन वोरा ने कहा कि यह कदम देश में मोबिलिटी को और ज्यादा सस्ता और आसान बनाएगा. हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पहले से ही सिर्फ 5% GST के दायरे में आते हैं, जो इसे सबसे किफायती और ईको-फ्रेंडली विकल्प बनाता है.
नेमिन वोरा का मानना है कि सरकार लगातार EV को बढ़ावा देने के लिए नीतियां बना रही है. इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर पहले से ही 5% GST लागू है, जो किसी भी श्रेणी में सबसे कम है. यही वजह है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक्स ग्राहकों के लिए एक फ्यूचर-रेडी और किफायती विकल्प साबित हो रहे हैं.
Q1. GST रेट कट से Tata Motors को क्या फायदा होगा?
कमर्शियल व्हीकल्स जैसे ट्रक, बस और एम्बुलेंस सस्ते होंगे और डिमांड बढ़ेगी.
Q2. Hyundai Motor India की किन कारों पर असर पड़ेगा?
Hyundai की 60% ICE कारें अब 18% GST स्लैब में आएंगी, जिससे वे सस्ती होंगी.
Q3. हाइड्रोजन फ्यूल सेल पर कितना GST लगेगा?
अब सिर्फ 5% GST लगेगा, जिससे ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा.
Q4. ग्राहकों को कितना फायदा होगा?
ग्राहकों को गाड़ियां सस्ती मिलेंगी और EMI का बोझ कम होगा.
Q5. इससे इंडस्ट्री पर क्या असर होगा?
ऑटो सेक्टर में डिमांड बढ़ेगी, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग मजबूत होगी और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा.
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