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GST की दरों में बदलाव करके सरकार ने ऑटो सेक्टर को बड़ा तोहफा दिया है. ऑटो सेक्टर की लगभग हर ऑटो कंपनी की ओर से इस फैसले का स्वागत किया जा रहा है. Tata Motors, Hyundai, Volvo, Mercedes के अलावा अब Kia India और Skoda Auto Volkswagen India का भी बयान सामने आ गया है. इन दोनों कंपनियों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है. इन दोनों कंपनियों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इस फैसले से ऑटो सेक्टर में जबरदस्त बूम देखने को मिलेगा.
Kia India ने 56वीं जीएसटी काउंसिल मीटिंग में किए गए बड़े सुधारों का स्वागत किया है. कंपनी का कहना है कि ये सुधार भारत के टैक्स ढांचे को आसान और आम नागरिकों के लिए बेहतर बनाएंगे. Kia India का मानना है कि ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए जीएसटी दरों में बदलाव एक अहम फैसला है. इससे गाड़ियों की कीमतें कम होंगी और उपभोक्ताओं के लिए कार खरीदना आसान हो जाएगा. कंपनी को उम्मीद है कि इस कदम से ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा और सभी सेगमेंट्स में मांग तेज होगी.
कंपनी ने कहा कि यह सुधार न केवल लोगों की जेब पर हल्का होगा बल्कि पूरे ऑटो सेक्टर की ग्रोथ को भी रफ्तार देगा. बढ़ती मांग से कंपनियों को भी नए इनोवेशन करने और प्रोडक्शन बढ़ाने का मौका मिलेगा. Kia India ने बताया कि जीएसटी कटौती टेक्नोलॉजी इनोवेशन को बढ़ावा देंगी और देश को एक आधुनिक और सस्टेनेबल मोबिलिटी इकोसिस्टम बनाने में मदद करेंगी.
Škoda Auto Volkswagen के CEO और MD, पीयूष अरोड़ा ने पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया. उनका कहना है कि ऑटो इंडस्ट्री लंबे समय से इस तरह के सुधारों की उम्मीद कर रही थी. पीयूष अरोड़ा ने कहा कि छोटी कारों के लिए जीएसटी को 18% स्लैब में लाना एक बड़ा और वेलकम करने वाला कदम है. इससे गाड़ियां और किफायती होंगी और हाई-वॉल्यूम सेगमेंट में डिमांड और बढ़ेगी.
उन्होंने बताया कि प्रीमियम और लग्जरी वाहनों के लिए 40% स्लैब तय करने से टैक्स स्ट्रक्चर और ज्यादा क्लियर होगा. इससे ग्राहकों को खरीदारी के समय ज्यादा पारदर्शिता और भरोसा मिलेगा. Škoda और Volkswagen से लेकर Audi, Porsche, Lamborghini और Bentley जैसे ब्रांड्स तक फैले अपने पोर्टफोलियो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सुधार ऐसे हैं जो affordability और aspiration दोनों को बैलेंस करते हैं.
पीयूष अरोड़ा ने आगे कहा कि ऐसे सुधार मार्केट सेंटिमेंट को मजबूत करेंगे, अलग-अलग सेगमेंट्स में डिमांड बढ़ाएंगे और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए बेहतर माहौल तैयार करेंगे. सरकार का यह कदम दिखाता है कि वह टैक्स सिस्टम को ज्यादा न्यायसंगत और भविष्य के लिए तैयार बनाना चाहती है. उन्होंने भरोसा जताया कि इससे पूरी वैल्यू चेन को फायदा होगा और भारत की स्थिति एक बड़े ऑटोमोबाइल हब के तौर पर और मजबूत होगी.
कार सेगमेंट में यह परिवर्तन उन उपभोक्ताओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है जो बड़ी सेडान या एसयूवी देखते हैं, क्योंकि 28% जीएसटी और 17–22% तक के सेस के बजाय अब कुल 40% फ्लैट लगेगा, जिससे एक्स-शोरूम पर प्रभावी कटौती परिलक्षित हो सकती है.
1. गाड़ियों पर 'सेस' (Cess) क्या होता था?
ये जीएसटी के ऊपर लगने वाला एक अतिरिक्त टैक्स था, जिसे सरकार किसी खास मकसद के लिए लगाती थी और अब इसे हटा दिया गया है.
2. क्या इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) पर भी टैक्स कम हुआ है?
नहीं, इस बदलाव में इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर लगने वाले 5% जीएसटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वे पहले की तरह ही सबसे कम टैक्स स्लैब में हैं.
3. नई कीमतें कब से लागू होंगी?
आमतौर पर जीएसटी काउंसिल के फैसलों के बाद कंपनियां कुछ ही दिनों में अपनी नई कीमतें जारी कर देती हैं.
4. क्या इस फैसले से सेकंड हैंड कारों का बाजार प्रभावित होगा?
हां, जब नई कारें सस्ती होती हैं, तो अक्सर पुरानी कारों की कीमतों में भी थोड़ी गिरावट देखने को मिलती है.
5. क्या सिर्फ एक्स-शोरूम कीमत कम होगी या ऑन-रोड कीमत भी?
जब एक्स-शोरूम कीमत कम होती है, तो उस पर लगने वाला रजिस्ट्रेशन चार्ज (RTO) और इंश्योरेंस भी कम हो जाता है, जिससे ऑन-रोड कीमत में भी बड़ी बचत होती है.
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