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EV के जरिए 2070 तक नेट जीरो एमिशन का टारगेट होगा हासिल!
भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब सिर्फ भविष्य की प्लानिंग नहीं, बल्कि मौजूदा विकास रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है. नई दिल्ली में आयोजित 5वें ग्लोबल इलेक्ट्रिफिकेशन मोबिलिटी समिट (GEMS) 2026 में सरकार और ऑटो इंडस्ट्री ने साफ कर दिया कि इलेक्ट्रिफिकेशन भारत की ग्रोथ, इंडस्ट्रियल रणनीति और क्लाइमेट कमिटमेंट्स की रीढ़ है. इस समिट में नीति, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी से जुड़े हर पहलू पर विस्तार से चर्चा हुई.
मंत्रिस्तरीय सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि भारत का इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लॉन्ग टर्म विजन से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि भारत ने 2070 तक Net Zero एमिशन का साफ और महत्वाकांक्षी टारगेट तय किया है और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इस दिशा में सबसे मजबूत जरिया है. उनके मुताबिक, इलेक्ट्रिक वाहन न सिर्फ प्रदूषण कम करेंगे, बल्कि एनर्जी सिक्योरिटी और इंडस्ट्रियल ट्रांसफॉर्मेशन में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे.
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि भारत की EV यात्रा अब सिर्फ नीति घोषणाओं तक सीमित नहीं रही है. अब ये इंटेंट से इम्प्लीमेंटेशन के चरण में पहुंच चुकी है. EV अपनाने की रफ्तार और स्केल से ये साफ है कि सरकार की नीतियों और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं पर भरोसा बढ़ा है.
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उन्होंने बताया कि भारी उद्योग मंत्रालय पूरे EV वैल्यू चेन पर फोकस कर रहा है, जिसमें व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस्ड बैटरी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन शामिल हैं, ताकि भारत सिर्फ EV मार्केट ही नहीं, बल्कि ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब भी बन सके.
उन्होंने आगे कहा कि कमर्शियल व्हीकल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इलेक्ट्रिफिकेशन बेहद जरूरी है, क्योंकि यही सेगमेंट शहरी प्रदूषण में बड़ा योगदान देते हैं. ऐसे में यहां इलेक्ट्रिक समाधान अपनाने से पर्यावरण और समाज दोनों को तुरंत फायदा मिलेगा.
इसी मौके पर उन्होंने SIAM की व्हाइट पेपर ‘भारत में ई-बसों को तेजी से अपनाने का रोडमैप’ लॉन्च किया. उन्होंने इसे सस्टेनेबल अर्बन ट्रांसपोर्ट की दिशा में बड़ा कदम बताया. ये व्हाइट पेपर नीति, फाइनेंसिंग मॉडल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग को लेकर स्पष्ट रोडमैप देता है.
इस समिट का आयोजन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने किया. SIAM के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रशांत के बनर्जी ने कहा कि भारत ऐसे मोड़ पर है जहां इलेक्ट्रिफिकेशन अब आकांक्षा नहीं, बल्कि रणनीतिक प्राथमिकता बन चुका है.
वहीं SIAM इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ग्रुप के चेयरमैन और टाटा मोटर्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव सुशांत नाइक ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सिर्फ पावरट्रेन बदलने की बात नहीं है, बल्कि ये एक बड़ा पावर शिफ्ट है, जिसमें लोकलाइजेशन, फाइनेंसिंग और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सबसे अहम होंगे.
कुमारस्वामी ने बताया कि FY25 में EV बिक्री 20 लाख यूनिट से ज्यादा हो चुकी है. मौजूदा समय में 70,000 चार्जिंग स्टेशनों की योजना है और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम भारत को ग्लोबल बेंचमार्क बनाने की क्षमता देता है. CEA चेयरमैन घनश्याम प्रसाद ने कहा कि EV ग्रोथ के साथ DISCOMs की भूमिका भी अहम हो जाएगी, खासतौर पर हेवी-ड्यूटी और लास्ट-माइल चार्जिंग में.
इसमें चार्जिंग कंपनियों, ऑटो OEMs और पावर सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया. इसके अलावा इनोवेटर्स कॉन्क्लेव में अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग, बैटरी-मोटर इंटीग्रेशन और EV स्किलिंग में AI के इस्तेमाल पर चर्चा हुई.
GEMS 2026 ने ये साफ कर दिया कि भारत अब ग्लोबल EV रेस में सिर्फ हिस्सा लेने वाला देश नहीं, बल्कि लीडर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. Net Zero 2070 के लक्ष्य के साथ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी भारत के लिए Viksit Bharat की ओर जाने का मजबूत जरिया बन रही है, जहां ग्रोथ, सस्टेनेबिलिटी और आत्मनिर्भरता तीनों एक साथ आगे बढ़ेंगी.
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