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भारत में वाहन मांग मजबूत बनी हुई है. (प्रतीकात्मक फोटो:AI)
भारत के ऑटो रिटेल सेक्टर के लिए फरवरी 2026 ऐतिहासिक महीना साबित हुआ है. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) की रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने कुल 24,09,362 वाहनों की रिटेल बिक्री हुई, जो पिछले साल की तुलना में 25.62% ज्यादा है.
दिलचस्प बात यह है कि फरवरी छोटा महीना होने के बावजूद बिक्री में जबरदस्त तेजी देखने को मिली और 2-व्हीलर, 3-व्हीलर, पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल और ट्रैक्टर- लगभग सभी सेगमेंट ने फरवरी का नया रिकॉर्ड बनाया.
ऑटो सेक्टर में यह तेजी मुख्य रूप से इन कारणों से आई:
फरवरी 2026 में भारत में कुल वाहन रिटेल बिक्री:
| सेगमेंट | बिक्री | YoY ग्रोथ |
| टू-व्हीलर | 17,00,505 | +25.02% |
| पैसेंजर व्हीकल | 3,94,768 | +26.12% |
| कमर्शियल व्हीकल | 1,00,820 | +28.89% |
| थ्री-व्हीलर | 1,17,130 | +24.39% |
| ट्रैक्टर | 89,418 | +36.35% |
| कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट | 6,721 | -1.22% |
| कुल बिक्री | 24,09,362 | +25.62% |
ट्रैक्टर सेगमेंट सबसे तेज बढ़ने वाला रहा जबकि कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट में हल्की गिरावट दर्ज की गई.
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फरवरी में 17 लाख से ज्यादा टू-व्हीलर बिके.
इस सेगमेंट में दिलचस्प बात यह रही कि:
डीलर्स के अनुसार इसकी वजहें थीं:
हालांकि कुछ जगहों पर:
फरवरी में 3.94 लाख पैसेंजर व्हीकल बिके और बिक्री में 26.12% की बढ़त दर्ज हुई.
इस सेगमेंट की खास बातें:
ग्रामीण मांग का मजबूत होना खासतौर पर छोटी कारों की बिक्री के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है. लेकिन कुल बिक्री में SUV सेगमेंट अब भी सबसे बड़ा योगदान दे रहा है.
फरवरी में 1,00,820 कमर्शियल व्हीकल बिके और बिक्री में 28.89% की मजबूत बढ़त देखी गई.
इसकी मुख्य वजहें थीं:
डीलर्स के मुताबिक कई जगह फ्लीट ऑपरेटर नए ट्रक खरीद रहे हैं, जिससे सेगमेंट में मांग बनी हुई है.
फरवरी में ट्रैक्टर बिक्री में 36.35% की जोरदार ग्रोथ दर्ज हुई.
कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेगमेंट में 1.22% की हल्की गिरावट दर्ज हुई.
हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है और बाकी ऑटो सेक्टर की तुलना में यह सेगमेंट स्थिर बना हुआ है.
टू-व्हीलर मार्केट लीडर
पैसेंजर व्हीकल
कमर्शियल व्हीकल
ट्रैक्टर
ये आंकड़े बताते हैं कि भारत के ऑटो सेक्टर में कुछ बड़ी कंपनियों का दबदबा अब भी कायम है.
फरवरी में फ्यूल के हिसाब से ट्रेंड भी दिलचस्प रहे.
टू-व्हीलर
पैसेंजर व्हीकल
कमर्शियल व्हीकल
इससे साफ है कि:
डीजल अभी भी CV सेगमेंट में प्रमुख है जबकि PV में पेट्रोल और CNG का हिस्सा बढ़ रहा है.
FADA के सर्वे के मुताबिक:
लिक्विडिटी के मामले में:
मार्च 2026
मार्च में मांग को सपोर्ट मिल सकता है:
मार्च-मई 2026
इसका मतलब है कि:
ऑटो सेक्टर अब तेज रिकवरी से निकलकर स्थिर ग्रोथ के चरण में जा सकता है.
FADA के मुताबिक फरवरी 2026 का डेटा बताता है कि:
हालांकि आने वाले समय में:
ऐसे फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे.