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अप्रैल में धमाकेदार रही ऑटो सेल्स, जानें हर सेगमेंट में कितनी हुई बिक्री (फोटो - AI)
भारत के ऑटो सेक्टर ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत शानदार तरीके से की है. अप्रैल का महीना ऑटो सेक्टर के लिए धमाकेदार रहा और ऑटो कंपनियों ने जबरदस्त सेल्स का आंकड़ा पार किया. सिर्फ पैसेंजर व्हीकल ही नहीं, बल्कि कमर्शियल से लेकर टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में जबरदस्त परफॉर्मेंस देखने को मिली है.
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2026 में कुल ऑटो रिटेल बिक्री 26.11 लाख यूनिट के पार पहुंच गई, जो अब तक का सबसे बेहतरीन अप्रैल प्रदर्शन है. सालाना आधार पर सेक्टर ने 12.94% की मजबूत ग्रोथ दर्ज की है. ग्रामीण मांग, शादी सीजन और बेहतर कैश फ्लो ने इस ग्रोथ को मजबूती दी है.
| सेगमेंट | बिक्री (यूनिट) | YoY ग्रोथ |
| कुल रिटेल | 26,11,317 | +12.94% |
| टू-व्हीलर | 19,16,258 | +13.01% |
| पैसेंजर व्हीकल | 4,07,355 | +12.21% |
| कमर्शियल व्हीकल | 99,339 | +15.02% |
| 3-व्हीलर | 1,06,908 | +7.19% |
| ट्रैक्टर | 75,109 | +23.22% |
| कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट | 6,348 | -2.25% |
अप्रैल में छह में से पांच कैटेगरी में ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड दर्ज किया गया. हालांकि महीने-दर-महीने 3.01% की हल्की गिरावट देखी गई, जिसे फाइनेंशियल ईयर एंड के बाद आने वाला सामान्य सीजनल असर माना जा रहा है.
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टू-व्हीलर सेगमेंट ने अप्रैल में 19.16 लाख यूनिट की बिक्री के साथ 13% की ग्रोथ दर्ज की.
यह सेगमेंट खासतौर पर कम्यूटर बाइक और ग्रामीण ग्राहकों की मांग से मजबूत बना रहा.
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पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में 4.07 लाख यूनिट से ज्यादा की बिक्री हुई.
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट ने 15% की मजबूत ग्रोथ के साथ 99,339 यूनिट की बिक्री दर्ज की.
ट्रैक्टर सेगमेंट ने अप्रैल में 23.22% की सबसे ज्यादा ग्रोथ दर्ज की.
इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी में भी लगातार बढ़ोतरी देखी गई.
यह दिखाता है कि भारत में EV ट्रांजिशन धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है.
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डीलर्स को भरोसा: मई से जुलाई 2026 के दौरान डीलर्स का भरोसा स्थिर बना हुआ है. करीब 50.90% डीलर्स को उम्मीद है कि इस दौरान बिक्री में बढ़ोतरी होगी, जो पिछले सर्वे के 49.81% अनुमान से थोड़ा बेहतर है.
रूरल ग्रोथ: टू-व्हीलर सेगमेंट को इस अवधि में ग्रामीण बाजार से अच्छा सपोर्ट मिलने की उम्मीद है. खेती से जुड़ा कैश फ्लो और खरीफ बुवाई से पहले की तैयारियां डिमांड को मजबूत बनाएंगी. साथ ही, नए प्रोडक्ट लॉन्च भी इस सेगमेंट को सपोर्ट करेंगे.
शादी की सीजन:पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में मई का महीना शादी सीजन के चलते मजबूत रह सकता है. पहले से हुई बुकिंग्स और डिलीवरी इस दौरान बिक्री को सहारा देंगी. हालांकि जून और जुलाई में बाजार थोड़ा सामान्य हो सकता है, क्योंकि यह फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले का समय होता है.
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में स्थिति स्थिर बनी रहने की उम्मीद है. आर्थिक गतिविधियां, माल ढुलाई और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी मांग इस सेगमेंट को सपोर्ट करती रहेंगी. इसके अलावा, तिमाही के अंत में बिजनेस क्लोजर भी बिक्री को बढ़ावा देता है. हालांकि लिक्विडिटी, फाइनेंसिंग में देरी और वेस्ट एशिया से जुड़ी स्थितियां अभी भी नजर रखने वाली चीजें हैं.
इस रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 36.46% डीलर्स ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने रिटेल अनुमान को बढ़ाया है, जबकि 46.21% डीलर्स ने अपने पुराने अनुमान को ही बरकरार रखा है. इससे साफ है कि मिड-टर्म में भारत के ऑटो बाजार को लेकर भरोसा मजबूत बना हुआ है.
कुल मिलाकर अगले तीन महीनों के लिए ऑटो सेक्टर का आउटलुक संतुलित लेकिन पॉजिटिव माना जा रहा है. ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन यह पहले जितनी तेज नहीं बल्कि थोड़ी स्थिर और संतुलित गति से आगे बढ़ेगी.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 अप्रैल 2026 में कुल ऑटो रिटेल बिक्री कितनी रही.
कुल बिक्री 26,11,317 यूनिट रही, जो अब तक का सबसे ज्यादा अप्रैल रिकॉर्ड है.
Q2 किस सेगमेंट में सबसे ज्यादा ग्रोथ हुई.
ट्रैक्टर सेगमेंट में 23.22% की सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की गई.
Q3 पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट का प्रदर्शन कैसा रहा.
इस सेगमेंट में 4.07 लाख यूनिट की बिक्री और 12.21% की ग्रोथ दर्ज हुई.
Q4 EV सेगमेंट का शेयर कितना बढ़ा.
3-व्हीलर EV शेयर 60.38% और PV EV शेयर 5.77% तक पहुंच गया.
Q5 अगले महीनों के लिए ऑटो सेक्टर का आउटलुक क्या है.
सेक्टर का आउटलुक पॉजिटिव है, हालांकि गर्मी और ईंधन कीमतें चिंता का कारण बनी हुई हैं.