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दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण का स्तर हर दिन खतरनाक लेवल को पार कर रहा है. वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार 400 के ऊपर बना हुआ है, जो ‘गंभीर श्रेणी’ में आता है. इस जहरीली हवा ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि लोगों के लिए खुले में सांस लेना मुश्किल हो गया है. इसी वजह से अब लोग राहत पाने के लिए अपने वाहनों को ही “सेफ जोन” के तौर पर इस्तेमाल करने लगे हैं.
राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के बीच कार अब सिर्फ सफर का साधन नहीं रह गई है. लोग अब इसे एक मोबाइल एयर शेल्टर की तरह देखने लगे हैं. बंद खिड़कियों और एयर-कंडीशंड सिस्टम के कारण कार के अंदर बाहरी जहरीली हवा और धूल-मिट्टी नहीं पहुंच पाती, जिससे यात्रियों को कुछ देर के लिए ही सही, लेकिन राहत महसूस होती है.
बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए कई ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अब अपनी गाड़ियों में इन-बिल्ट एयर प्यूरीफायर टेक्नोलॉजी देना शुरू कर दिया है. ये तकनीक कार के अंदर की हवा को फिल्टर कर साफ रखती है, जिससे यात्री बाहरी प्रदूषण के असर से कुछ हद तक सुरक्षित रहते हैं.
Hyundai Creta, Mahindra Scorpio N, Mahindra XUV700, MG Astor, Tata Harrier और Safari, Kia Sonet और Seltos, Toyota Hyryder और Mercedes जैसी गाड़ियों में ये सुविधा अब उपलब्ध है.
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण के दौर में ऐसी कारें अब सिर्फ लग्ज़री नहीं, बल्कि सेहत के लिहाज से भी एक मोबाइल सेफ ज़ोन बन चुकी हैं, जहाँ लोग जहरीली हवा से थोड़ी राहत महसूस कर सकते हैं.