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पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं और हर कोई अपनी गाड़ी की रनिंग कॉस्ट कम करना चाहता है. ऐसे में CNG कारें एक स्मार्ट विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं. कार कंपनियां भी इस ट्रेंड को समझते हुए अपने लगभग हर पॉपुलर मॉडल का CNG वेरिएंट लॉन्च कर रही हैं. लेकिन क्या सिर्फ ज्यादा माइलेज देखकर CNG कार खरीद लेना समझदारी है. जवाब है, नहीं.
CNG कार जहां एक तरफ आपकी जेब पर बोझ कम करती है, वहीं दूसरी तरफ कुछ समझौते भी मांगती है. अगर आप भी एक नई CNG कार घर लाने की योजना बना रहे हैं, तो इन 5 महत्वपूर्ण बातों को जरूर जान लें, ताकि आपका फैसला फायदे का सौदा साबित हो, नुकसान का नहीं.
CNG कार खरीदने से पहले खुद से यह सवाल पूछना सबसे जरूरी है. CNG इंजन आपको शहर के ट्रैफिक में पेट्रोल के मुकाबले कहीं बेहतर माइलेज देकर खुश कर देगा. लेकिन जैसे ही आप हाईवे पर गाड़ी को दौड़ाएंगे, आपको पावर में थोड़ी कमी या पिकअप में सुस्ती महसूस हो सकती है. अगर आपकी ड्राइविंग ज्यादातर शहर के अंदर ही होती है, तो CNG आपके लिए परफेक्ट है. लेकिन अगर आप हाईवे पर अक्सर लंबी यात्रा करते हैं, तो आपको परफॉर्मेंस के साथ थोड़ा समझौता करने के लिए तैयार रहना होगा.
यह CNG कारों की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी समस्या रही है. सामान रखने की जगह (बूट स्पेस) में एक बड़ा सा सिलेंडर रखा होता है, जिससे लगेज के लिए जगह लगभग खत्म हो जाती है. हालांकि, टाटा मोटर्स और हुंडई जैसी कंपनियों ने इसका तोड़ निकाल लिया है. उन्होंने डुअल-सिलेंडर टेक्नोलॉजी पेश की है, जिसमें एक बड़े सिलेंडर की जगह दो छोटे सिलेंडर बूट के फर्श के नीचे फिट कर दिए जाते हैं. इससे आपको काफी हद तक इस्तेमाल करने लायक बूट स्पेस मिल जाता है. कार खरीदने से पहले यह जरूर जांच लें.
यह एक ऐसा सवाल है, जहां आपको बिल्कुल भी कंफ्यूज नहीं होना चाहिए. हमेशा कंपनी-फिटेड CNG किट वाली कार को ही चुनें. यह भले ही बाजार से लगवाई गई किट से थोड़ी महंगी हो, लेकिन इसके कई फायदे हैं. कंपनी से लगी किट आपकी कार के इंजन के हिसाब से ट्यून की जाती है, जिससे परफॉर्मेंस और माइलेज का संतुलन बना रहता है. सबसे बड़ी बात, इस पर कंपनी की वारंटी मिलती है और सेफ्टी की पूरी गारंटी होती है. बाजार से लगवाई गई सस्ती किट आपकी कार की वारंटी खत्म कर सकती है और सुरक्षा के लिहाज से भी जोखिम भरा हो सकता है.
सोचिए, आपने CNG कार तो खरीद ली, लेकिन गैस भरवाने के लिए 10-15 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है और वहां भी लंबी लाइनों में घंटों इंतजार करना पड़ता है. ऐसे में आपकी सारी बचत और समय बर्बाद हो जाएगा. इसलिए, CNG कार खरीदने का फैसला तभी लें, जब आपके शहर या आपके आसपास के इलाके में CNG पंप आसानी से उपलब्ध हों.
CNG कार का मेंटेनेंस पेट्रोल कार से थोड़ा अलग और ज्यादा ध्यान देने की मांग करता है. CNG एक ड्राई फ्यूल है, इसलिए इसके इंजन को सही समय पर और सही तरीके से सर्विस करवाना बेहद जरूरी है. गलत या लापरवाही से इस्तेमाल करने पर यह लॉन्ग टर्म में इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है, जिसका खर्च आपकी CNG से हुई बचत पर भारी पड़ सकता है.
1. CNG कार खरीदने का सबसे बड़ा फायदा और नुकसान क्या है?
सबसे बड़ा फायदा पेट्रोल की तुलना में बहुत कम रनिंग कॉस्ट और ज्यादा माइलेज है. सबसे बड़ा नुकसान परफॉर्मेंस में थोड़ी कमी और बूट स्पेस का कम होना है.
2. क्या CNG पर कार की पावर सच में कम हो जाती है?
हां, CNG पर चलते समय पेट्रोल की तुलना में कार की पावर और पिकअप में लगभग 10-15% की कमी महसूस होती है, खासकर हाईवे या चढ़ाई पर.
3. क्या डुअल-सिलेंडर टेक्नोलॉजी से बूट स्पेस की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाती है?
पूरी तरह से नहीं, लेकिन यह एक बड़े सिलेंडर की तुलना में काफी बेहतर और इस्तेमाल करने लायक बूट स्पेस प्रदान करती है, जिससे छोटे-मोटे बैग आसानी से रखे जा सकते हैं.
4. फैक्ट्री-फिटेड CNG किट महंगी क्यों होती है?
यह महंगी इसलिए होती है क्योंकि इसे कार निर्माता द्वारा उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ बनाया जाता है. इसे इंजन के साथ इंटीग्रेट किया जाता है और इस पर कंपनी की वारंटी भी मिलती है.
5. क्या CNG कार की सर्विस पेट्रोल कार से ज्यादा महंगी होती है?
आमतौर पर, CNG कार की सर्विस थोड़ी महंगी हो सकती है क्योंकि इसमें स्पार्क प्लग और एयर फिल्टर जैसे कुछ पार्ट्स को जल्दी बदलने की जरूरत पड़ सकती है. साथ ही, CNG फिल्टर की भी सफाई या बदलाव की आवश्यकता होती है.
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